एक्सपर्ट मीडिया न्यूज के प्रधान संपादक मुकेश भारतीय के आवासीय कार्यालय पर बमबाजी! CCTV में कैद हुई घटना
1 नवंबर की रात 10:45 से 10:48 बजे के बीच हुई घटना, परिसर में खड़ी थार और स्कूटी भी खतरे की जद में; मुकेश भारतीय ने ओरमांझी थाना प्रभारी को आवेदन देकर FIR, CCTV जांच और सुरक्षा की मांग की।

राजनामा.कॉम डेस्क। झारखंड की राजधानी रांची के ओरमांझी थाना क्षेत्र में NH-33 फोरलेन स्थित एक आवासीय कार्यालय परिसर को निशाना बनाकर बमबाजी किए जाने का मामला सामने आया है। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज के प्रधान संपादक मुकेश भारतीय के अनुसार 1 नवंबर 2026 की रात करीब 10:45 से 10:48 बजे के बीच अज्ञात कार सवार व्यक्तियों ने उनके आवासीय कार्यालय परिसर के सामने लगातार 5-6 सुतली बम फेंके। घटना के समय वह कार्यालय के अंदर अपनी न्यूज वेबसाइट अपडेट करने में व्यस्त थे।
इस घटना ने न केवल आवासीय परिसर की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि NH-33 जैसे व्यस्त मार्ग के किनारे कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी चिंता पैदा की है।
रात के अंधेरे में अचानक हुई बमबाजी
मुकेश भारतीय के अनुसार उनका आवासीय कार्यालय NH-33 फोरलेन पर झारखंड ग्रामीण बैंक के निकट ओरमांझी में स्थित है। 1 नवंबर की रात वह अपने कार्यालय के अंदर नियमित पत्रकारिता एवं न्यूज वेबसाइट अपडेट करने का काम कर रहे थे। इसी दौरान अज्ञात कार सवार कुछ लोग परिसर के सामने पहुंचे और उसे निशाना बनाकर एक के बाद एक लगभग 5-6 सुतली बम फेंके।
बताया जाता है कि बमबाजी के कारण परिसर के सामने धुआं फैल गया और विस्फोट के अवशेष घटनास्थल पर दिखाई दिए। उस समय परिसर में महिंद्रा थार और स्कूटी भी खड़ी थीं। इस कारण वाहनों के साथ-साथ वहां मौजूद लोगों की सुरक्षा को भी खतरा उत्पन्न हुआ।
CCTV फुटेज में दिखाई दे रही संदिग्ध गतिविधियां
घटनाक्रम का कुछ हिस्सा परिसर में लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हुआ है। उपलब्ध तस्वीरों और फुटेज में सड़क पर वाहनों की आवाजाही, एक व्यक्ति की गतिविधि तथा परिसर के सामने धुआं उठने और विस्फोट जैसी स्थिति दिखाई देती है।
शिकायतकर्ता ने पुलिस से CCTV फुटेज के आधार पर संबंधित कार और उसमें सवार व्यक्तियों की पहचान करने की मांग की है। घटना में प्रयुक्त विस्फोटक सामग्री और उसके अवशेषों की जांच भी मामले में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
112 पुलिस पहुंची, थाना में शिकायत देने की बात कहकर लौटी टीम
मुकेश भारतीय के अनुसार, घटना के दौरान डायल 112 पर सूचना दिए जाने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची थी। हालांकि, पुलिसकर्मियों ने थाना में लिखित शिकायत देने की बात कही और वहां से चली गई।
उनका कहना है कि घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मौके पर आवश्यक कार्रवाई और सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए थी। अब उन्होंने ओरमांझी थाना प्रभारी के नाम 2 नवंबर 2026 की तारीख से विस्तृत लिखित आवेदन तैयार किया है।
थाना प्रभारी से FIR और निष्पक्ष जांच की मांग
अपने आवेदन में मुकेश भारतीय ने घटना की प्राथमिकी दर्ज करने, घटनास्थल का निरीक्षण कराने, बम के अवशेष एवं अन्य साक्ष्यों को सुरक्षित रखने तथा आवश्यक फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की है।
इसके अलावा उन्होंने CCTV फुटेज की जांच कर अज्ञात कार और उसमें सवार व्यक्तियों की पहचान करने, घटना के समय पहुंची डायल 112 पुलिस टीम से जानकारी लेने तथा बमबाजी के पीछे की वास्तविक मंशा का पता लगाने का अनुरोध किया है।
उन्होंने अपने आवासीय कार्यालय परिसर और वहां मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी की है।
आखिर निशाने पर क्यों था पत्रकार का आवासीय कार्यालय?
इस घटना को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि अज्ञात कार सवारों ने मुकेश भारतीय के आवासीय कार्यालय परिसर को ही निशाना क्यों बनाया?
क्या इसके पीछे कोई व्यक्तिगत रंजिश है? क्या किसी तरह की धमकी देने की मंशा थी? अथवा घटना के पीछे कोई अन्य आपराधिक कारण है?
फिलहाल इन सवालों का कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है। शिकायतकर्ता ने भी अपने आवेदन में किसी व्यक्ति या समूह पर सीधे तौर पर आरोप नहीं लगाया है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक कारण और संलिप्त लोगों की पहचान करने की मांग की है।
‘परेशान नहीं, हैरान हूं… पत्रकारिता जारी रहेगी’
घटना के बाद मुकेश भारतीय ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि वह घटना से परेशान नहीं, बल्कि हैरान हैं। उनके मुताबिक, वह अपने कार्यालय के अंदर न्यूज वेबसाइट अपडेट कर रहे थे। बाहर अज्ञात लोग अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे और वह अपना काम कर रहे थे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस घटना के बावजूद उनकी पत्रकारिता और न्यूज वेबसाइट का काम जारी रहेगा।
उनका कहना है कि पत्रकारिता जनसरोकार से जुड़ा दायित्व है और किसी भी तरह की दहशत या धमकी से वह अपने काम का रास्ता नहीं बदलेंगे।
पुलिस जांच पर टिकी निगाहें
NH-33 फोरलेन जैसे व्यस्त मार्ग के किनारे स्थित आवासीय कार्यालय परिसर में इस तरह की घटना को गंभीरता से लिए जाने की जरूरत है। CCTV फुटेज, घटनास्थल से मिलने वाले अवशेष, संभावित प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और संबंधित वाहनों की पहचान जांच के महत्वपूर्ण आधार बन सकते हैं।
अब देखना यह है कि ओरमांझी पुलिस इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर कितनी तत्परता से जांच आगे बढ़ाती है और अज्ञात कार सवारों की पहचान कर पाती है या नहीं।
फिलहाल यह घटना कई सवाल छोड़ गई है। इन सवालों का जवाब पुलिस की निष्पक्ष और प्रभावी जांच से ही सामने आ सकेगा।



