BIG BREAKING : आर्मी लैंड स्कैम मामले में लंबी पूछताछ के बाद ईडी ने IAS छवि रंजन को किया अरेस्ट

राजधानी में हुए आर्मी लैंड स्कैम में आखिरकार रांची के पूर्व डीसी आईएएस छवि रंजन को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया। 4 मई को उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए ईडी ने बुलाया था। 11 बजे सुबह आने का समय दिया गया था। जिसके अनुसार छवि रंजन तय समय पर हिनू स्थित ईडी कार्यालय पहुंचे थे। यहां लंबी पूछताछ हुई। आर्मी लैंड सहित अन्य जमीन के मामले में हुई गड़बड़ियों को लेकर भी सवाल पूछे गए। जानकारी के अनुसार रांची के पूर्व डीसी के जवाब से ईडी संतुष्ट नहीं हुई। जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। बताते चलें कि झारखंड में ईडी के द्वारा गिरफ्तार किए जाने वाले ये दूसरे आईएएस ऑफिसर हैं। इससे पहले आईएएस ऑफिसर पूजा सिंघल (वर्तमान में निलंबित) को ईडी ने गिरफ्तार किया है। बताते चलें कि इससे पूर्व 24 अप्रैल को ईडी ने छवि रंजन को को पूछताछ के लिए बुलाया था। तब करीब 10 घंटे पूछताछ की थी। फिर उन्हें जाने दिया था। लेकिन तब ही कहा गया था कि उनके जवाब से ईडी संतुष्ट नहीं है। दोबारा एक मई को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। हालांकि, बात में ईडी ने समन जारी कर 4 मई को कार्यालय बुलाया था।

तीसरे समन में ईडी कार्यालय पहुंचे थे छवि रंजन 

रांची के पूर्व डीसी छवि रंजन से पूछताछ के लिए ईडी ने सबसे पहले 17 अप्रैल को समन जारी कर 21 अप्रैल को ईडी क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचने कहा था। लेकिन छवि रंजन ने अपने वकील के माध्यम से दो हफ्ते का समय मांगा था। जिसे ईडी ने अस्वीकार कर दिया था। ईडी ने दोबारा समन जारी कर 21 अप्रैल को ही शाम चार बजे तक ऑफिस आने को कहा था। लेकिन वे हाजिर नहीं हुए। इसके बाद ईडी ने तीसरा समन जारी कर 24 अप्रैल को दफ्तर पहुंचने को कहा था। तब छवि रंजन निर्धारित समय से आधा घंटा पहले ही सुबह 10:30 बजे ईडी के जोनल ऑफिस पहुंच गए थे। उस दिन लंबी पूछताछ के बाद ईडी ने उन्हें घर जाने की इजाजत दी थी।  

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आइएएस अधिकारी छवि रंजनसीओराजस्व कर्मचारी सहित कई जमीन माफियाओं के यहां एक साथ 13 अप्रैल को छापेमारी की थी। गौरतलब है कि छवि रंजन सहित अंचलाधिकारियों पर नियमों का उल्लंघन कर जमीन की खरीद-बिक्री को मंजूरी देने का आरोप है। बताया जा रहा है कि रांची के बरियातू स्थित सेना के कब्जे वाली 4.55 एकड़ जमीन की खरीद-बिक्री मामले में ईडी ने यह कार्रवाई की। बता दें कि रांची में सेना की जमीन की रजिस्ट्री के मामले में रांची जिला प्रशासन की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। दोनों ही जगहों पर जमीन की खरीद करने वालेरजिस्ट्री करने वाले व्यक्तिसरकारी पदाधिकारी जिनकी भूमिका रजिस्ट्री म्यूटेशन में हैवह ईडी के रडार पर हैं। सेना जमीन खरीद में फर्जीवाड़ा के मामले में ईडी मनी लाउंडिंग के पहलूओं पर जांच कर रही है। सेना से मिले दस्तावेजों के मुताबिक जमीन की खरीद बिक्री में बड़ी गड़बड़ी की पुष्टि भी हुई है।

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