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      वैश्विक महामारी कोरोना काल के बीच खुद बड़ी त्रासदी बनी द रांची प्रेस क्लब

      raznamaद राँची प्रेस क्लब के वर्तमान कमेटी के अस्तित्व में आते ही दुनिया के साथ द रांची प्रेस क्लब को भी कोरोना रूपी राक्षस ने जकड़ लिया।

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      प्रेस क्लब के निर्वाचित अध्यक्ष राजेश सिंह…

      हालांकि ये दुनियां की आंखों में धूल झोंकने के लिए कहा जा सकता है। द रांची प्रेस क्लब की सभी गतिविधियां संचालित हो रही थी, बस पत्रकार हितों से संबंधित मामलों पर क्लब के माननीय चुप्पी साधे रखे थे।

      एक साल से लंबित पहचान पत्र के लिए इन्हें एजीएम का इंतजार करना पड़ा। अंततः रविवार को एजीएम निर्धारित हुआ।

      हालांकि इस एजीएम में तकनीक का प्रयोग किया गया और सभी को एक साथ जोड़ने के लिए अकुशल तकनीशियन का सहारा लिया गया और जो हुआ उसे सभी पत्रकार बस महसूस की किए होंगे।

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      प्रेस क्लब की निर्वाचित महिला पत्रकार प्रियंका…

      बस शुरुआत में प्रियंका मिश्र के सुरीले लय ही सुने जा सके। उसके बाद तो ऐसा कोहराम मचा कि लगा जूम एप ही जम गया। न भाषाई मर्यादा, न पद की गरिमा।

      रांची के पत्रकारों को इसका तनिक भी ख्याल न रहा कि मंच साझा एक महिला पत्रकार भी कर रही थी। न अध्यक्ष को बोलने दिया न महासचिव को।

      हालांकि मौजूद सदस्यों की अधिक नाराजगी संभवतः द रांची प्रेस क्लब के बायलॉज में संसोधन को लेकर था।

      द रांची प्रेस क्लब अपने वित्तीय प्रबंधन को सार्वजनिक करते वक्त बहुत कुछ साफ- साफ नहीं रख पायी, इसका भी नाराजगी शायद सुना गया।The Ranchi Press Club itself became a major tragedy in the midst of the global epidemic Corona period 7

      जूम मीटिंग के माध्यम से द रांची प्रेस क्लब वैसे सदस्यों को ही आईडी-पासवर्ड उपलब्ध कराया, जो उनके चोंच में चोंच मिला सके।

      लेकिन वे यह भूल कर गए, कि मीटिंग में शारीरिक रूप से मौजूद पत्रकारों में भी वर्तमान कमेटी के कार्यकलापों को लेकर जमकर आक्रोश व्याप्त था।

      अंततः हुआ भी यही। वैसे एकबात यहां गौर करने वाली है, कि जब द रांची प्रेस क्लब की ओर से वैश्विक महामारी काल में क्रिकेट मैच कराया गया।

      उस वक्त न कोरोना का इनमें खौफ देखा गया, न ही आज के एजीएम का विरोध करनेवाले उस समय विरोध करते नजर आए।The Ranchi Press Club itself became a major tragedy in the midst of the global epidemic Corona period 3

      हद तो यह है कि द रांची प्रेस क्लब में कितने सदस्य नए जुड़े हैं, उनकी सूची तक उनके पास नहीं हैं, न ही सभी सदस्यों को क्लब की गतिविधियों से अवगत कराया जाता है।

      खैर, आज के एजीएम से इतना तो स्पष्ट हो गया कि आनेवाले दिनों में वर्तमान कमेटी कुछ गड़बड़ जरूर करने जा रही है। ऐसे में जरुरत है, क्लब के सभी गतिविधियों पर पैनी निगाह रखने की।

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