पटना Vs मुंबई पुलिसः सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले में कुछ तो छुपा रहा है…

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इस मामले में मुंबई पुलिस के साथ बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय का रवैया भी कम लापरवाह नहीं हैं। जब मीडिया में मुंबई पहुंची पटना पुलिस की जांच टीम के साथ दुर्व्यवहार और असहयोग की बातें सामने आई, उसके वीडियो वायरल हुए तो बिहार डीजीपी ने उसका सीधे खंडन कर दिया और अब सोशल साइट के जरिए रोना रो रहे हैं

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज डेस्क। बिहार के मशहूर-चर्चित अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की अकल्पनीय मौत का मामला अब काफी गर्म हो उठा है। सुशांत के केके सिंह द्वारा राजधानी पटना के राजीव नगर थाना में मॉडल गर्ल रिया चक्रवर्ती समेत 4 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराते ही पूरे देश में फिर सनसनी फैल गई है।SUSHANT MAUT BIHAR MUMBAI POLICE DGP GUPTESHWAR PANDEY
लेकिन, इन सबके बीच सुशांत मौत की जांच को लेकर बिहार-महाराष्ट्र पुलिस के बीच जिस तरह की खींचातानी चल रही है और दोनो तरफ से जो बयान सामने आ रहे हैं, उसके विश्लेषन से साफ स्पष्ट है कि पूरे मामले में कुछ तो है,जिसे छुपाया जा रहा है।
सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले की जांच करने मुंबई गए पटना के एसपी सिटी विनय तिवारी को बीएमसी के अधिकारियों ने होम क्वांरटाइन कर दिया है। वे रविवार को पटना से मुंबई पहुंचे थे।
खुद बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने ट्वीट कर कहा है कि आज (2 अगस्त) आईपीएस विनय तिवारी ऑफिशियल ड्यूटी पर पटना से मुंबई पहुंचे, लेकिन रविवार रात 11 बजे बीएमसी के अधिकारियों ने जबरन उन्हें क्वारनटीन कर दिया। उन्हें अनुरोध के बावजूद आइपीएस मेस में आवास उपलब्ध नहीं कराया गया। तिवारी गोरेगांव के एक गेस्ट हाउस में ठहरे हुए थे।
हालांकि, यह दीगर बात है कि बिहार डीजीपी मेन स्ट्रीम मीडिया के सामने कुछ और फेसबुक-ट्वीटर जैसे माइक्रो ब्ल़गिंग साइट पर कुछ और उद्गार व्यक्त करने के आदी रहे हैं। उन्होंने पहले मुंबई पुलिस के सहयोग की सराहना की थी। और दुर्व्यवहार को मीडिया जनित फेक सूचना बताई थी।
इधर, मुंबई पहुंचने के बाद मीडिया से बातचीत में विनय तिवारी ने कहा था कि ‘हमारी टीम मुंबई में अच्छा काम कर रही है। पिछले एक हफ्तों से बयान दर्ज किए जा रहे हैं। बयानों के विश्लेषण के बाद ही नतीजे पर पहुंचेंगे। हालांकि अभी हमें सुशांत की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं मिली है’।
इधर, एक्टर सुशांत सिंह सुसाइड मामले में मुंबई के पुलिस कमिश्नर ने सीएम उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर इस मामले से जुड़ी अपडेट्स सीएम के साथ शेयर किए। साथ ही बिहार पुलिस की मुंबई मौजूदगी और सोशल मीडिया पर अफवाह को लेकर जानकारी भी दी।
खबर यह भी है कि पटना सिटी एसपी अपनी टीम के साथ एक संदिग्ध से पूछताछ कर रहे थे कि इसी दौरान रात में  बीती रात 11:00 बजे मुंबई महानगरपालिका की टीम ने कोरोना वायरस संक्रमण का हवाला देकर सिटी एसपी को क्वारंटाइन का हवाला देकर उनके हाथ पर मुहर लगा दी। 
कहते हैं कि पटना सिटी एसपी के मुंबई पहुंचने की सूचना मुंबई प्रशासन को पहले ही मिल गई थी। उन्हें एयरपोर्ट से ही क्वारंटाइन करने की योजना थी। लेकिन, काफी संख्या में मीडिया की मौजूदगी को देखते हुए अंतिम समय में फैसला में बदलाव किया गया।
वर्ष 2015 बैच के आइपीएस विनय रविवार की सुबह पहली फ्लाइट से मुंबई रवाना हुए थे। मुंबई पहुंचते ही वहां के सीनियर अफसर से मुलाकात की और फिर पटना के चार सदस्यीय टीम से अब तक हुई पड़ताल की बाबत जानकारियां हासिल कीं।
सूत्रों के अनुसार पटना पुलिस की टीम को मुंबई में कई ऐसे सबूत मिले हैं, जिससे जांच का दायरा बढ़ते जा रहा है। हालांकि मुंबई पुलिस के असहयोग के कारण जांच में मुश्किलें भी आ रही हैं।
मुंबई पुलिस ने अब तक सीसीटीवी फुटेज, जब्त सामान, मोबाइल और लैपटॉप का डाटा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक रिपोर्ट, फिंगर प्रिंट, केस डायरी की कॉपी, पूछताछ का ब्योरा कुछ भी पटना पुलिस को नहीं दिया है। ऐसे में एक ही व्यक्ति द्वारा पटना और मुंबई पुलिस को दिया बयान मेल खा रहा है, या नहीं, यह कहना मुश्किल है।
expert media news networkइन सब दिक्कतों को देखते हुए ही जांच टीम का नेतृत्व करने के लिए आइपीएस अधिकारी को भेजने का फैसला बिहार पुलिस ने लिया। सिटी एसपी (मध्य) विनय तिवारी के क्षेत्र में ही राजीव नगर थाना आता है, जहां मामला दर्ज हुआ है।
पटना पुलिस को मुंबई में करीब छह दिन हो गए हैं। सुशांत के पिता ने जो एफआइआर दर्ज कराई है, उससे जुड़ी करीब 70 फीसद जांच पुलिस ने पूरी कर ली है। पहले चार सदस्यों की टीम दो भागों में बंटकर काम करती थी।
अब चारों पुलिस पदाधिकारी अलग दिशा में निकल रहे हैं। इस वजह से सबूत से लेकर बयान तक पटना पुलिस ने जल्दी ही दर्ज कर लिए। इनमें से किसी बिंदु पर मुंबई पुलिस जांच नहीं कर पाई थी।
बहरहाल, देखना है कि सीबीआई जांच की मांग के बीच सुशांत मौत मामला आगे क्या मोड़ लेता है। खासकर जब बिहार-महाराष्ट्र पुलिस की जांच-तकरार सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया हो। लेकिन फिलहाल इतना तो जरुर कहा जा सकता है कि दोनों राज्य की पुलिस कुछ तो छुपा जरुर रही है।     

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