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    प्रधान सचिव की फटकार के बाद पत्रकार बसंत मामले में बैकफुट पर सरायकेला डीसी

    रांची (राजनामा.कॉम)। सरायकेला जिले के पत्रकार बसंत साहू प्रकरण का जल्द पटाक्षेप हो सकता है। मामले में राज्य के प्रधान सचिव के हस्तक्षेप के बाद उपायुक्त ए दोड्डे ने केस वापस लेने का संकेत दिया है।

    मिली जानकारी के अनुसार जर्नलिस्ट यूनियन ऑफ झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष रजत गुप्ता से बातचीत के बाद राज्य के प्रधान सचिव ने उपायुक्त को फटकार लगाते हुए पत्रकार के खिलाफ किए गए केस उठाने का निर्देश दिया है, जिसपर डीसी ने सहमति प्रदान कर दी है।

    वैसे औपचारिक घोषणा अभी बाकी है। इसके साथ ही तीन दिनों से चल रहे इस प्रकरण का पटाक्षेप होने वाला है।

    बता दें बीते 19 मई को जिले में पहला कोरोना संक्रमित मरीज पाए जाने के बाद मान्यता प्राप्त पत्रकार बसंत साहू द्वारा जिले के उपायुक्त से पुष्टि किए जाने संबंधी बातचीत की गई थी। जिस पर जिले के उपायुक्त ने बेहद ही गैर जिम्मेदाराना जवाब दिया था।

    जिसमें उन्होंने कहा था कि कहीं कुछ नहीं हुआ है आराम से सो जाओ। इस पर बसंत साहू ने जिले के आईपीआरडी ग्रुप में उपायुक्त के साथ बातचीत वाली ऑडियो डाल दी थी। जिसपर जिले के उपायुक्त ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सबसे पहले पत्रकार को ग्रुप से हटाया।

     उसके बाद चांडिल बीडीओ को चौका थाना में पत्रकार के खिलाफ मामला दर्ज कराने का निर्देश जारी किया।

    उधर चांडिल बीडीओ के आवेदन के आधार पर चौका थाना पुलिस ने पत्रकार के खिलाफ गैर जमानती धारा 353, आपदा अधिनियम सहित कई धाराएं बगैर सत्यापन किए लगाते हुए आनन-फानन में पत्रकार बसंत साहू को गिरफ्तार कर पिछले दरवाजे से जेल भेज दिया।

    इधर मामला प्रकाश में आते ही जिले के पत्रकारों में उबाल शुरू हो गया। पत्रकारों ने प्रशासन के हर कार्यक्रमों का विरोध करना शुरू कर दिया। मामला सरायकेला से रांची होते हुए दिल्ली पहुंच गया।

    उधर सरकार और सरकारी तंत्र विपक्ष के निशाने पर आ गए और देखते ही देखते सोशल मीडिया और ट्विटर पर जिले के उपायुक्त और राज्य सरकार की तीखी आलोचना शुरू हो गई।

    अंततः राज्य के प्रधान सचिव ने मामले पर संज्ञान लिया और जिले के उपायुक्त से पत्रकार के खिलाफ दायर मुकदमा उठाने का फरमान जारी कर दिया। वैसे अभी इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    वहीं रांची प्रेस क्लब की ओर से मामले में पीआईएल दाखिल करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

    सूत्रों की माने तो मंगलवार देर शाम उनका एक प्रतिनिधिमंडल राज्य के मंत्री मिथिलेश ठाकुर से मिलने पहुंच रहे हैं। हालांकि मिथिलेश ठाकुर ने इस मामले से मुख्यमंत्री को अवगत करा दिया है।

    साथ ही पत्रकार पर हुए इस कार्रवाई की तीखी आलोचना भी की है। वहीं जिले के पत्रकार उपायुक्त के निलंबन से कम पर मांगने को तैयार नहीं है। साथ ही स्थानीय पुलिस की भूमिका पर भी स्थानीय पत्रकारों ने सवाल उठाए हैं।

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