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    मीडिया

    “सिर्फ़ सनसनी फैलाकर झारखण्ड में आगे बढना चाहती है “दैनिक जागरण” !!”

    दैनिक जागरण अखबार झारखण्ड में जबसे अपना कदम रखी है ,ज्वलंत समस्याओं को उजागर करने के नाम पर अपने असंवेदनशील संवाददाताओं के बल कहीं...

    “ये है झारखण्ड नगरिया तू लूट बबुआ”

    ये है झारखण्ड नगरिया तू लूट बबुआ। यहाँ सोने चांदी के अनेकों खजाना , जितना चाहे दोनों हाथ से तू लूट बबुआ। जी हाँ...

    “पूर्णतः तीन वर्गों में बँट चूका है झारखंड का आदिवासी समुदाय”

    भारत जैसे विश्व के सबसे लोकतान्त्रिक देश में अन्य राज्यों में आदिवासी समुदाय की हालत क्या है,यह एक गहन छानबीन का विषय हो सकतें...