सोशल मीडिया के जरिए मिला परिजनों की लापरवाही से गुम हुआ बच्चा

हिलसा (नालंदा दर्पण)। तकनीक और मानवता के अनूठे संगम का एक प्रेरणादायक उदाहरण हिलसा में देखने को मिला, जब सोशल मीडिया की ताकत ने एक तीन साल के मासूम बच्चे को मात्र कुछ घंटों में उसके परिजनों से मिला दिया। यह घटना न केवल सामुदायिक सहयोग की मिसाल है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि आधुनिक तकनीक और सामाजिक जागरूकता मिलकर कितने चमत्कार कर सकते हैं।

नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर 5, देवनगर मोहल्ला निवासी राजीव कुमार का तीन वर्षीय पुत्र हर्ष कुमार दोपहर अपने घर के बाहर खेल रहा था। खेलते-खेलते वह अचानक लापता हो गया। परिजनों ने घंटो बाद आसपास के इलाकों में बच्चे की तलाश शुरू की। घर के आसपास, गलियों और पड़ोस में घंटों खोजबीन के बावजूद हर्ष का कोई सुराग नहीं मिला। करीब तीन घंटे की असफल खोज के बाद परिजनों ने हिलसा थाने में इसकी सूचना दी।

हिलसा थाने के थानाध्यक्ष ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने स्थानीय समाजसेवियों और स्वयंसेवकों के साथ मिलकर एक अभिनव कदम उठाया। उन्होंने बच्चे की तस्वीर और उससे संबंधित जानकारी जैसे उसका नाम, उम्र और लापता होने का समय, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा किया।

व्हाट्सएप, फेसबुक और अन्य स्थानीय समुदाय के सोशल मीडिया ग्रुप्स में यह जानकारी तेजी से वायरल हो गई। हिलसा के निवासियों ने इस संदेश को अपने-अपने नेटवर्क में साझा किया, जिससे पूरे शहर में बच्चे की खोज का संदेश फैल गया।

लगभग पांच घंटे बाद शहर के योगीपुर मोड़ के पास स्टेट बैंक के सामने सब्जी बेचने वाली एक महिला राधा देवी ने सड़क किनारे अकेले टहलते हुए हर्ष को देखा। राधा ने बताया कि मैंने बच्चे को अकेले देखा तो मुझे कुछ शक हुआ। वह थोड़ा डरा हुआ और भटकता हुआ लग रहा था। मैंने उसे अपने पास बिठा लिया और थाने जाने की तैयारी कर रही थी।

सूचना मिलते ही हिलसा थाने की एक टीम और स्थानीय लोग तुरंत योगीपुर मोड़ पहुंचे। बच्चे की पहचान हर्ष के रूप में हुई और उसे सुरक्षित परिजनों के हवाले कर दिया गया। आश्चर्यजनक रूप से हर्ष को उसके घर से लगभग ढाई किलोमीटर दूर पाया गया था। परिजनों ने बच्चे को सही-सलामत देखकर राहत की सांस ली। राजीव कुमार ने कहा कि हम बहुत डर गए थे। लेकिन पुलिस, समाजसेवियों और सोशल मीडिया की ताकत ने हमारे बेटे को हमसे मिला दिया। हम सबके बहुत आभारी हैं।

इस घटना में सोशल मीडिया ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिस तरह से हिलसा के निवासियों ने बच्चे की जानकारी को तेजी से साझा किया, उसने पुलिस और समुदाय के प्रयासों को और प्रभावी बनाया।

थानाध्यक्ष ने कहा कि सोशल मीडिया आज के समय में एक शक्तिशाली उपकरण है। इसकी मदद से हम न केवल तेजी से सूचना प्रसारित कर सकते हैं, बल्कि समुदाय को भी एकजुट कर सकते हैं। परिजनों से अपील है कि वे अपने बच्चों पर विशेष ध्यान दें, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

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