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    आरटीआई के दायरे में है निलबंन और आरोप-पत्र की जानकारी

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    केंद्रीय सूचना आयोग ने कहा है कि सरकारी अधिकारियों को जारी निलंबन आदेश और आरोप-पत्र व्यक्तिगत जानकारी के दायरे में नहीं आते और सूचना के अधिकार कानून के तहत उनका खुलासा किया जाना चाहिए। आयोग ने कहा कि आरोप पत्र और निलंबन आदेश जन कार्यकलाप का हिस्सा होते हैं और उन्हें व्यक्तिगत सूचना नहीं कहा जा सकता।
    एक आवेदक ने अपने आरटीआई आवेदन में सिंडिकेट बैंक के निलंबित अधिकारियों और उन अधिकारियों की सूची मांगी थी जिनके खिलाफ आरोप पत्र दायर हैं। बैंक ने सूचनाएं देने से इंकार करते हुए कहा कि आवेदन में जनहित नहीं है। यह तीसरे पक्ष की सूचना है इससे जांच और विभागीय पूछताछ प्रभावित होगी।

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