राजगीर के इस खबर की पड़ताल ने मीडया समेत पूरी सिस्टम को यूं नंगा कर दिया

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“नालंदा जिले के राजगीर में अजीब हालात है। पुलिस-प्रशासन-मीडिया में ठीक वैसा ही होता प्रतीत होता है, जैसा रसुखदार चाहते हैं। वो रसुखदार चाहे लुच्चा – लफंगा – दलाल टाइप के लोग ही क्यों न हों। यहां से जुड़े मामलों या समस्याओं को एक दैनिक अखबार (राजधानी पटना से बिहरशरीफ संस्करण प्रकाशित) भी विशेष मामलों में सच को तोड़-मरोड़ कर खबरें प्रकाशित करने में जी-जान से दिख रहा है। जबकि अन्य लीडिंग अखबारों तक से वह गायब होती है।”

राजनामा न्यूज डेस्क।  एक बार मेला सैरात भूमि मामले को लेकर राजगीर बंद हुआ। इस अखबार में एक लाइन भी खबर न छपी। जबकि सारे अखबारों ने उसे सचित्र प्रमुखता से स्थान दिया। एक संगठन द्वारा खुद गुंडई करा प्रशासन पर दबाव बनाने के लिये चंद लोगों के साथ मशाल जुलूस निकाला। इस मामले को भी इस अखबार में एक ही दिन एक ही डेट लाइन से एक ही पेज पर दो बड़ी खबरे प्रकाशित की गई, लेकिन अन्य अखबारों में उस मामले से जुड़े एक लाइन भी प्रकाशित नहीं हुई थी। क्योंकि सच सब जानते थे। 

उस अखबार में प्रकाशित है कि…….

“राजगीर कुंड पर पर्यटन सूचना केन्द्र कार्यालय के पास स्थित लॉजिंग हाउस कमेटी के न्यू मारवाड़ी बासा नामक नीरज कुमार द्वारा संचालित दुकान में गुरुवार को खाद्य संरक्षा अधिकारी सुदामा चौधरी द्वारा खाने के सामानों की जांच की गयी। सुदामा चौधरी ने बताया कि दुकान से आटा, चावल, लाल मिर्च पावडर, पनीर का सैम्पल लिया गया है। इसकी जांच के लिए संबंधित लैब को भेजा जायेगा। रिपोर्ट आने पर इसकी आगे की कार्रवाई होगी। यह कार्रवाई रालोसपा के प्रदेश अध्यक्ष सह विधायक ललन पासवान की शिकायत के बाद की गयी है।

विधायक ललन पासवान ने बुधवार को खाद्य संरक्षा विभाग में यह शिकायत की थी कि कुंड पर की इस दुकान में उनके गार्ड को बासी खाना परोसा गया था। वहीं खाना में मरी मक्खी पायी गयी थी। साथ ही संचालक द्वारा बदसलूकी की गयी थी। इसके बाद विभाग के द्वारा गुरुवार को यह कार्रवाई हुई है। यह लॉजिंग हाउस कमेटी की दुकान आशा देवी के नाम एलॉट है। थानाध्यक्ष उदय शंकर ने बताया कि विधायक ललन पासवान की शिकायत के बाद यह कार्रवाई हुई।”

दारु के लिये कांच का गिलास नहीं दिया तो किया गया मारपीट और हंगामा

लेकिन इस खबर की पड़ताल के बाद जो सच उभर कर सामने आया है, वे काफी चौंकाने वाले हैं। इस होटल की संचालिका आशा देवी पति विजय यादव ने बिहार विधानसभा के अध्यक्ष उदयनारायण चौधरी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को लिखे पत्र में कहा है कि वह लॉजिंग हाउसिंग कमिटि द्वारा आवंटित दुकान संख्या-7 में न्यू माड़वारी बासा होटल का संचालन कर अपने परिवार का भरण-पोषन का कार्य करती आ रही हैं।

विगत 30 अगस्त को चिरारी विधानसभा सदस्य एवं रालोसपा के प्रदेश अध्यक्ष अपने अंगरक्षक और समर्थकों के साथ आये और बिना पैसे दिये खाना खाने के बाद कांच की गिलास की मांग की। जब पीड़िता के पुत्र ने यह कह कर देने से इंकार कर दिया कि इस होटल में जैन समाज के लोग शाकाहारी खाना खाते हैं, यहां शराब पीने नहीं दे सकते तो उनके अंगरक्षकों और समर्थकों ने उसके साथ मारपीट की और यह चेतावनी देते हुये चले गये कि उसके होटल को हर हाल में सीज करा कर छोड़ेगें।

बकौल आशा देवी, उसके एक दिन बाद पटना खाद्य संरक्षा पदाधिकारी सुदामा चौधरी, जो कि नालंदा जिले के प्रभार में भी हैं, होटल पहुंचे और शिकायत मिलने की बात कह कर जांच के क्रम में लाइसेंस की मांग की। उस लाइसेंस को देख कर कहा कि वह 16 अगस्त तक ही मान्य है।

राजगीर एसडीओ ने दी थी मोबाईल पर उक्त होटल की शिकायतः सुदामा चौधरी

इस संबंध में अधिकारी सुदामा चौधरी ने एक्सपर्ट मीडिया न्यूज को बताया कि उन्हें राजगीर एसडीओ ने मोबाइल पर उस होटल की शिकायत की थी और उसी शिकायत पर वे उस होटल में छापामारी करने पहुंचे थे।

श्री चौधरी ने विधायक द्वारा किसी प्रकार की लिखित या मौखिक शिकायत करने की विभागीय बात से साफ इन्कार किया।

श्री चौधरी ने रिकार्डेड यह भी बताया कि उक्त होटल का लाइसेंस लैप्स पाया गया और उसके संचालक को नये सिरे से आवेदन देना होगा। उसके बाद उस होटल का लाइसेंस मिल जायेगा।

मैंने कहीं कोई शिकायत नहीं की, सिर्फ नालंदा एसपी को किया था फोनः विधायक

इस संबंध में चिरारी विधानसभा के विधायक एवं प्रदेश लोजपा अध्यक्ष ललन पासवान ने एक्सपर्ट मीडिया न्यूज को बताया कि उनके अंगरक्षकों ने होटल में बासी दाल और खाने में मरी मख्खी होने की शिकायत की थी। उस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी भी हो गई थी।

नालंदा एसपी से उनके बेहतर संबंध है, इसलिये सीधे उनसे संपर्क साधा और एसपी के निर्देश पर राजगीर थाना प्रभारी उस वक्त घटनास्थल पर पहुंचे थे। उसके बाद इस मामले की न तो कहीं कोई नोटिश दी और न ली। आम बात समझ सब कुछ भूल गया। कांच की गिलास और शराब को लेकर तनातनी की बात से उन्होंने साफ इन्कार किया।

लेकिन, होटल संचालिका आशा देवी के पुत्र नीरज कुमार का कहना है कि घटना के समय राजगीर थाना प्रभारी ने यह धमकी दी थी कि वह हर हाल में उसका होटल बंद करा कर ही छोड़ेगें। इसके एक पखबारा पूर्व राजगीर एसडीओ ने भी अनुज को बुलाकर यह चेतावनी दी थी कि “ अधिक नेतागिरी मत करो। होटल को अड्डेबाजी से दूर रखो। नहीं तो सबक सीखा देगें ”।

यहां उल्लेखनीय है कि नीरज कुमार भी प्रशासन की नजर में राजगीर मेला सैरात भूमि को अतिक्रमण मुक्त की लड़ रहे लोगों की कतार में खड़ा माना जाता रहा है। उसके होटल में कुछ मीडियाकर्मी और समाजसेवी भी यदा-कदा बैठकर चाय-पानी पीते हैं।

इस बाबत राजगीर थाना प्रभारी और राजगीर एसडीओ से उनका पक्ष जानने के लिये अनेको बार फोन किया गया। लेकिन दोनों में किन्हीं ने भी मोबाईल रिसीव नहीं किया। दोनों को एक्सपर्ट मीडिया न्यूज की ओर से व्हाट्एप्प मैसेज भी किया गया। थाना प्रभारी से जहां उसका भी कोई रिस्पांस नहीं दिया, वहीं एसडीओ ने प्रतिउतर दिया कि अभी वे मिंटिंग में हैं।

….और सासंद अरुण कुमार ने यूं दी थी विधायक का होटल बिल

कहते हैं कि घटना के थोड़ी देर बाद होटल संचालिका के पुत्र नीरज कुमार ने राजगीर पहुंचे रालोसपा सांसद अरुण कुमार को सारी बात बताई थी कि कैसे विधायक के अंगरक्षक-समर्थकों ने खाना खाकर पैसे नहीं दिये और कांच की गिलास-शराब की बाबत उलझ गये थे।

विधायक ने भी सब कुछ जानते हुये कोई सुध न ली। होटल कर्मियों के साथ मारपीट भी की गई। विधायक की सरकारी कार भी पास में लगी थी।

सांसद एवं रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुण कुमार के समक्ष अनुज जिस समय अपना दुखड़ा सुना रहा था, उस समय वाहन की आगे की सीट पर विधायक ललन पासवान भी बैठे थे। तब सांसद ने विधायक को डांटते हुये अपनी जेब से नीरज को बतौर होटल बिल 500 रुपये दी।    

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