यह है दैनिक जागरण की शर्मशार कर देने वाली पत्रकारिता

पटना। राजधानी से प्रकाशित एक प्रमुख हिन्दी समाचार पत्र दैनिक जागरण के पाठकनामा कॉलम में छपा एक पत्र वर्तमान पत्रकारिता पर कई सवाल खड़े कर जाता है। यहां बिना संपादन के कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां छाप दी गई। वेशक यह पत्रकारिता के इतिहास को शर्मशार करने वाली तो है ही, साथ ही साथ बेशर्म पत्रकारिता का चेहरा उजागर करने वाला भी। सच पुछिये तो इसमें दोष संबंधित अखबार के संपादीय विभाग का नहीं है। वैसे प्रबंधनों का है, जिसने समाचार पत्रों का व्यवसायीकरण कर दिया। अब जहां समाचार से ज्यादा विज्ञापनों को अहमियत दिया जाने लगा हो […]

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जरुरी है PCI की वित्‍तीय एवं वैधानिक शक्तियों में बढ़ोतरी :न्‍यायमूर्ति सीके प्रसाद

भारतीय प्रेस परिषद (Press Council of India) के चेयरपर्सन एवं न्‍यायमूर्ति (सेवानिवृत्‍त) सीके प्रसाद ने परिषद की वित्‍तीय एवं वैधानिक शक्तियों में बढ़ोतरी किए जाने की जरूरत पर बल दिया है। राष्‍ट्रीय प्रेस दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में सीके प्रसाद ने कहा कि नियामक (regulator) के रूप में परिषद न सिर्फ प्रिंट मीडिया बल्कि टीवी और इंटरनेट के लिए भी सही है। उन्‍होंने यह भी सुझाव दिया कि सरकारी फंडिंग को कम कर और शेयरधारकों द्वारा फंडिंग में वृद्धि कर इस संस्‍था की स्‍वतंत्रता सुनिश्चित की जा सकती है। उन्‍होंने संस्‍था को एक सार्वकालिक निगरानी संस्‍था बताते हुए कहा कि […]

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यूपी की राजधानी लखनऊ के सरोजनीनगर थाने में पत्रकार राजीव चतुर्वेदी की हत्या

यूपी में सत्ता के काले कारनामों को उजागर करने वाले पत्रकारों की हत्या का अंतःहीन सिलसिला थमने का नाम ले रहा है। राजधानी के सरोजनीनगर थाने में मंगलवार को स्वतंत्र पत्रकार राजीव चतुर्वेदी (55) की पुलिस ने हत्या कर दी। थाने के अंदर हुई मौत के बाद मामले की पोल ना खुले और सरकार की किरकिरी होने से बचाने के लिए पुलिस ने पीछले दरवाजे से उनके शव को सीएचसी पहुंचा दिया, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित किया। जबकि राजीव का चालक थाना के बाहर उनके लौटने का इंतजार ही करता रहा। काफी देर बाद तक जब वह नहीं लौटे तो […]

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बहुत जरुरी है सोशल साइट से मिली तस्वीरों की जाँच

सोशल मीडिया पर दिखनेवाली तस्वीरें, वीडियो या दूसरी सामग्रियाँ सही हो भी सकती हैं, नहीं भी. ऐसे में इनके इस्तेमाल से पहले इनकी जाँच करना एक ज़िम्मेदारी का काम है. और कुछ उपायों से इनके बारे में औऱ जानकारी जुटाई जा सकती है. 1. यूज़र को ईमेल यूज़र को वापस ईमेल करें. उनके फ़ोन नंबर लें और यदि संभव हो तो उससे बात करें. क्या वो तस्वीरों के बारे में और जानकारी दे सकते हैं? (क्या वो जो जवाब दे रहे हैं वो एजेंसियों पर आ रही जानकारियों से मेल खाता है?) उनसे पूछें कि वे पहले कहाँ थे और अभी […]

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एडिटर-रिपोर्टर के बीच सहमति और स्पष्टता के लिए जरुरी है परस्पर संवाद

किसी घटना या विषय के बारे में रिपोर्ट भेजने वाले रिपोर्टर के साथ क्या सामग्री चाहिए, क्या हो सकता है या क्या नहीं हो सकता जैसी बातों को लेकर सहमति और स्पष्टता होनी चाहिए. इसके लिए परस्पर संवाद बहुत ज़रूरी है. जोसेफ़ वारूँगु बीबीसी फ़ोकस ऑन अफ़्रीका के पूर्व संपादक हैं. यहाँ वो बता रहे हैं कि फ़ील्ड से किसी रिपोर्टर से रिपोर्ट मँगवाने की प्रक्रिया क्या है. सबसे पहले ये स्पष्ट करना ज़रूरी है कि रिपोर्ट किस बारे में है. उसमें क्या कोई नई बात है? फिर, क्या संपादक और रिपोर्टर रिपोर्ट के फोकस को लेकर सहमत हैं? यदि रिपोर्टर […]

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रिपोर्टिंग के दौरान ट्रॉमा के ख़तरे से बचने के लिए कुछ परामर्श

कई घटनाएँ ऐसी होती हैं जिनको कवर करने का असर रिपोर्टर की मानसिक सेहत पर पड़ सकता है. युद्ध, दुर्घटना, प्राकृतिक आपदा, क़ानूनी मुक़दमे आदि की रिपोर्टिंग के दौरान ऐसे ख़तरे हो सकते हैं. बीबीसी कॉलेज ऑफ़ जर्नलिज़्म के इस हिस्से में ट्रॉमा या सदमा लगने की स्थिति से बचने और उबरने के बारे में कुछ परामर्श दिए जा रहे हैं. पत्रकारों को ऐसी घटनाओं का गवाह बनने के लिए बुलाया जाता है जिनके प्रत्यक्ष अनुभव का अवसर दूसरे लोगों को शायद ही मिलता है. वे श्रोताओं की आँख और कान हैं और वे जो देखते और सुनते हैं वो दहलाने […]

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वीडियो पत्रकारिता के लिए उपयोगी सलाह

वीडियो पत्रकारिता में पत्रकारिता के साथ-साथ कैमरा और एडिटिंग की बुनियादी समझ होनी चाहिए. साथ ही रिपोर्टर को कई व्यावहारिक इंतज़ामों पर ध्यान देना होता है. मगर साथ ही इस बात का ख़याल भी रहना चाहिए कि रिपोर्टर का मूल काम पत्रकारिता है. आपके लिए ये सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि आपका ध्यान पत्रकारिता पर रहे – इसलिए नियमित रूप से अपने काम के सामानों की जाँच करें. आपका काम व्यवस्थित रहने में आसानी हो इसलिए लिस्ट बनाएँ, रिमांइडर रखें, जो भी संभव हो वो करें. ऐसी चीज़ों की लिस्ट रखें जिनके भूलने की संभावना अधिक हो सकती है, पर साथ-साथ […]

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न्यूज चैनलों के लिए वीडियो रिपोर्टिंग के कारगर नुस्ख़े

वीडियो रिपोर्टिंग में पत्रकारिता के साथ-साथ ये जानना भी ज़रूरी है कि किसी रिपोर्ट को कैमरे से कैसे कवर किया जा सकता है. इसके लिए कैमरे के प्रयोग और तस्वीरों की कुछ बुनियादी समझ ज़रूरी है. वीडियो रिपोर्टिग के ऐसे ही कुछ तकनीकी गुरों के बारे में बता रही हैं बीबीसी पत्रकार सैली वेब…….. शॉट साइज़ आपको किसी वीडियो सीक्वेंस को एडिट करने के लिए अलग-अलग साइज़ के शॉट्स चाहिए हर शॉट साइज़ से अलग अलग जानकारी मिलती है, इससे पता चल सकता है कि व्यक्ति कहाँ हैं, क्या कर रहा है, कौन है वगैरह आप जिसके बारे में बात कर […]

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वेबसाइट पर तस्वीरों के प्रकाशन के पहले जरुरी है ये तकनीकी समझ

वेबसाइट पर किसी रिपोर्ट को प्रकाशित करने या किसी कार्यक्रम को पेश करने के लिए सही तस्वीरों का चुनाव महत्वपूर्ण है. ये यूज़र का ध्यान खींचती हैं और रिपोर्ट में प्रभाव डालती हैं. मगर तस्वीरों के इस्तेमाल के लिए संपादकीय और तकनीकी समझ के साथ-साथ कॉपीराइट जैसे क़ानूनी मामलों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए. संदर्भ वेबसाइट के लिए तस्वीर का चुनाव करते समय ये सोचना महत्वपूर्ण है कि आप उस तस्वीर का इस्तेमाल कैसे करने जा रहे हैं, यानी संदर्भ क्या है. तस्वीर किसी समाचार के लिए है या किसी फ़ीचर के लिए? रिपोर्ट कितनी गंभीर है? क्या रिपोर्ट हल्के […]

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दरकार है मुझे बस एक सम्मान की

 पाठकों मैं वादा करता हूँ कि यदि मुझे कोई सम्मान मिला तो मैं उसे कभी भी किसी भी परिस्थिति में लौटाने की नहीं सोचूँगा। एक बात और बता दूँ वह यह कि मेरी कोई पहुँच नहीं और न ही मैंने राजनीति के शिखर पर बैठे लोगों, माननीयों का नवनीत लेपन ही किया है। मुझे चाटुकारिता से नफरत रही है, शायद इन्हीं सब कारणों से सम्मान पाना तो दूर मैं सरकार व संगठनों की निगाह में भी नहीं आ सका। आज मुफलिसी का यह आलम है कि मैं दो रोटी और तन ढकने के लिए वस्त्र का मोहताज हूँ। यह इसलिए कह […]

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