एक बड़े फर्जीबाड़े की उपज है रांची प्रेस क्लब या द रांची प्रेस क्लब !

राजनामा.कॉम। रांची प्रेस क्लब या द रांची प्रेस क्लब? दोनों में से कोई भी हो। इसमें बहुत ही गड़बड़झाला है। उक्त कथित संस्था के निबंधन के समय से लेकर आज तक यही हो रहा है। जो कि एक पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित बलबीर दत्त सरीखे संपादक से लेकर कथित संस्था से जुड़े अन्य सभी पत्रकार सदस्यों  के साथ बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकती है। एक आरटीआई के जरिये राजनामा.कॉम के पास जो अधिकारिक कागजात उपलब्ध कराये गये हैं, उसके मुताबिक संस्था के रहनुमाओं और निबंधक की मिलीभगत से एक बड़ा फर्जीबाड़ा किया गया है। संस्था निबंधन के प्रक्रियाओं का प्रावधानानुसार कहीं […]

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JJA ने हजारीबाग से शुरु की पत्रकार प्रशिक्षण अभियान

रांची। हजारीबाग में झारखण्ड जर्नलिस्ट एसोसिएशन द्वारा पत्रकार प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गयी है, जहां हर रविवार को झारखण्ड के जाने माने पत्रकार ज़िले के पत्रकारों को पत्रकारिता की बारीकियों से अवगत कराते हैं। यह अभियान झारखण्ड के संपूर्ण ज़िले में चलाये जाने की योजना है, जहां के आंचलिक और शहरी पत्रकारों को प्रशिक्षित किया जाएगा तथा उन्हें मीडिया के कोड ऑफ़ कंडक्ट, एथिक्स, लॉ, डिफार्मेशन, कंटेम्प्ट ऑफ़ कोर्ट सो अवगत कराया जायेगा। ताकि वे किसी भी तरह की समस्याओं में न पड़ें। JJA द्वारा कोर्स में शामिल पत्रकारों को मान्यता प्राप्त संस्थान का प्रमाण पत्र भी उपलब्ध कराया जायेगा। […]

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यह है दैनिक जागरण की शर्मशार कर देने वाली पत्रकारिता

पटना। राजधानी से प्रकाशित एक प्रमुख हिन्दी समाचार पत्र दैनिक जागरण के पाठकनामा कॉलम में छपा एक पत्र वर्तमान पत्रकारिता पर कई सवाल खड़े कर जाता है। यहां बिना संपादन के कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां छाप दी गई। वेशक यह पत्रकारिता के इतिहास को शर्मशार करने वाली तो है ही, साथ ही साथ बेशर्म पत्रकारिता का चेहरा उजागर करने वाला भी। सच पुछिये तो इसमें दोष संबंधित अखबार के संपादीय विभाग का नहीं है। वैसे प्रबंधनों का है, जिसने समाचार पत्रों का व्यवसायीकरण कर दिया। अब जहां समाचार से ज्यादा विज्ञापनों को अहमियत दिया जाने लगा हो […]

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एडिटर-रिपोर्टर के बीच सहमति और स्पष्टता के लिए जरुरी है परस्पर संवाद

किसी घटना या विषय के बारे में रिपोर्ट भेजने वाले रिपोर्टर के साथ क्या सामग्री चाहिए, क्या हो सकता है या क्या नहीं हो सकता जैसी बातों को लेकर सहमति और स्पष्टता होनी चाहिए. इसके लिए परस्पर संवाद बहुत ज़रूरी है. जोसेफ़ वारूँगु बीबीसी फ़ोकस ऑन अफ़्रीका के पूर्व संपादक हैं. यहाँ वो बता रहे हैं कि फ़ील्ड से किसी रिपोर्टर से रिपोर्ट मँगवाने की प्रक्रिया क्या है. सबसे पहले ये स्पष्ट करना ज़रूरी है कि रिपोर्ट किस बारे में है. उसमें क्या कोई नई बात है? फिर, क्या संपादक और रिपोर्टर रिपोर्ट के फोकस को लेकर सहमत हैं? यदि रिपोर्टर […]

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बीफ विवाद के बीच हरियाणा के सरकारी पत्रिका का संपादक बर्खास्त

देश में बीफ के सेवन को लेकर बढ़ते विवाद के बीच हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग की एक पत्रिका में ‘बीफ’ के अलावा ‘बछड़े के मांस’ को उन चार ‘ऊर्जादायकों’ में शामिल किया गया है जो सीधे तौर पर मानव शरीर में आयरन के अवशोषण को प्रभावित करते हैं। हालांकि ये खबर आने के बाद राज्‍य सरकार ने पत्रिका के संपादक को बर्खास्‍त कर दिया है। शिक्षा भारती नामक इस द्विभाषिक पत्रिका में हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेख मौजूद हैं और इसका प्रकाशन एवं मुद्रण माध्यमिक शिक्षा, पंचकुला के निदेशक के कार्यालय की ओर से ‘शिक्षा लोक सोसाइटी सह निदेशक, […]

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