IANS न्यूज एजेंसी  ने जारी न्यूज में नरेंद्र मोदी को ‘बकचोद’ लिखा, गई कइयों की नौकरी

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आईएएनएस न्यूज एजेंसी को ज्योंही इस बड़ी गल्ती का अंदाजा हुआ, डैमेज कंट्रोल शुरू कर दिया गया। सबसे पहले एजेंसी ने इस खबर को अपनी वेबसाइट से गिरा दिया। उसके बाद आईएएनएस के ब्यूरो चीफ और पॉलिटकल ब्यूरो चीफ से इस्तीफा ले लिया गया…………”

रिपोर्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

राजनामा.कॉम। देश की बड़ी न्यूज़ एजेंसी IANS, जिसकी ख़बर तथा सूचना चैनल एवं अख़बार लिया करते हैं, उसने एक बड़ी गलती की है। उसके द्वारा रिलीज की गई एक खबर में प्रधानमंत्री के नाम के आगे ‘बकचोद’ लिख दिया गया।

आईएएनएस की यह न्यूज फीड जब कई मीडिया हाउसेज तक पहुंची तो बवाल मच गया। समाचार एजेंसी आईएएनएस से खबरें लेने वाले ढेर सारे मीडिया संस्थानों ने इस न्यूज को यूं ही चला भी दिया।

केन्द्रीय कैबिनेट ने फसल की कीमतों पर उचित मेहनताना देने की नीति ”प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान” पर मुहर लगाई। यह न्यूज आईएएनएस की तरफ से जारी की गई तो इसमें एक बड़ी गल्ती चली गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम के साथ ‘बकचोद’ शब्द भी जोड़ दिया गया। इसका अर्थ होता है बेवजह लगातार बक बक करने वाला आदमी।

संपादक को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है। मैनेजिंग एडिटर हरदेव सनोत्रा ने लिखित माफीनामा जारी किया जो इस प्रकार है…

”हम प्रधानमंत्री के लिए इस्तेमाल की गई असंसदीय भाषा के लिए खेद प्रकट करते हैं। यह अक्ष्मय है। हमने अपनी पुरानी स्टोरी हटा ली थी और तुरंत नई स्टोरी जारी की थी। जो भी मीडिया की कार्यप्रणाली की गंभीरता से वाकिफ हैं, वे समझते हैं कि कुछ व्यवहारिक गलतियां हो सकती हैं। लेकिन जो हुआ है वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।”

वहीं आईएएनएस के कुछ लोगों का कहना है कि यह गल्ती ऑटोकरेक्शन की आधुनिक तकनीक के चलते हुई है। ऑटोकरेक्ट का सिस्टम ये है कि जिस शब्द का टाइपिंग में ज्यादा इस्तेमाल होता है, या जो ज्यादा बोला जाता है, तो ऑटोकरेक्ट उस शब्द को स्वत: शब्दावली में जोड़ लेता है।

पर यह तर्क किसी को समझ नहीं आ रहा कि क्योंकि आटो करेक्ट जिन शब्दों को अपने हिसाब से बनाता-बताता है जो वह उस शब्द से मिलते-जुलते होते हैं जिसे टाइप किया जा रहा हो। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम से मीडिया जगत में हड़कंप मचा हुआ है।

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