Ex MLA के सामने यूं नतमस्तक दिखे बिहार शरीफ SDO, मीडिया के खेल भी निराले

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एक पूर्व जनप्रतिनिधि द्वारा एक एसडीओ स्तर के अधिकारी के सामने सरकारी मुआवजा राशि के चेक सौंपे जाने के क्या मायने हैं। जिन मीडियाकर्मीयों द्वारा भी यह प्रसारित किया गया कि पूर्व जनप्रतिनिधि द्वारा 4.20 लाख रुपए के मुआवजा राशि के चेक प्रदान किए गए, वह किस मानसिकता से ग्रस्त होकर कैसी बचकाना पत्रकारिता कर रहे हैं ? ………”

राज़नामा डेस्क। नालंदा से एक मातम की कई तस्वीरें सामने आई है। ये वेना थाना के एक गगनपुरा गाँव में छठ पर्व के दौरान जुड़ी एक हादसा की है। खबर है कि कल शाम एक किशोर अर्घ के दौरान गहरे पानी में चला गया और डूबने से उसकी मौत हो गई। मृतक कमलेश पासवान का 15 वर्षीय पुत्र परशुराम कुमार बताया जाता है।

कहते हैं कि इस हादसा के बाद ग्रामीण मुआवजा राशि की मांग पर अड़ गए। तब स्थानीय प्रशासन को देय आपदा मुआवजा राशि 4.20 लाख रुपए जारी करने पड़े। इस राशि को बीडीओ-सीओ ने अपने स्तर से जारी कर बिहारशरीफ एसडीओ जेपी अग्रवाल को सौंप दिया और उन्होंने ही पीड़ित के परिजन को आपदा राशि के चेक प्रदान की।

लेकिन इस हादसे की खबर के साथ जो तस्वीर सामने आई है, वह काफी चौंकाने वाली है। एसडीओ के साथ सत्ताधारी दल जदयू के एक पूर्व जनप्रतिनिधि भी साथ में एक चेक राशि सौंप रहे हैं।

जाहिर है कि बीडीओ, सीओ द्वारा क्रमशः 20 हजार, 4 लाख रुपए की चेक राशि जारी किए गए और उसी में एक एसडीओ और दूसरा पूर्व जनप्रतिनिधि सौंप रहे हैं।

बिहार शरीफ के कई मीडियाकर्मी ने भी पूर्व जनप्रतिनिधि द्वारा आपदा सहायता राशि प्रदान करने की खबर प्रसारित की है। इस संबंध में जब बिहार शरीफ एसडीओ और बीडीओ से संपर्क साधा गया तो वे स्पष्ट तौर पर कुछ भी कहने से बचते दिखे।

एसडीओ जेपी अग्रवाल का कहना था कि सीओ-बीडीओ की ओर से आपदा राशि जारी किए गए हैं। उनके व पूर्व जनप्रतिनिधि द्वारा दिए जाने की बात पर जबाव के बजाय फोन काट दिया गया।

इस संबंध में जब बीडीओ से संपर्क किया गया तो उनका कहना था कि उन्होंने आपदा राशि के चेक एसडीओ साहब को सौंप दिया था और उन्होंने ही मुआवजा राशि दिए हैं।

जब बीडीओ से पूछा गया कि एसडीओ के साथ एक पूर्व जनप्रतिनिधि द्वारा भी सरकारी आपदा राशि के चेक प्रदान किए गए हैं? क्या आपको जानकारी है?

इस पर बीडीओ का कहना था कि वे नहीं जानते, एसडीओ साहब से ही पुछिए। फोटो में वहीं चेक हाथ में लिए हैं और जो व्यक्ति चेक दे रहे हैं, उन्हें वे नहीं जानते। एसडीओ साहब ही बता सकते हैं।

जब उनसे पूछा गया कि सरकारी आपदा राशि को एक सामान्य गैर प्रशासनिक या अनिर्वाचित नागरिक किसी को सौंप सकता है? ऐसी नियमावली या प्रोटोकॉल है? तो इस पर भी बीडीओ का कहना था कि साहब से पूछिए, वहीं बताएंगे।

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