‘इकोनॉमिस्ट’ ने नोटबंदी को बताया अधकचरा कदम

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भारत में मोदी के नोटबंदी के क़दम को ‘इकोनॉमिस्ट’ पत्रिका ने अपने ताज़ा अंक में अच्छे उद्देश्य से बर्बादी लाने वाला एक अधकचरा कदम बताया है। इस लेख में दुनिया के उन देशों का उल्लेख है जिनकी सरकारें ऐसी कार्रवाई करके अपने देशों को बर्बाद कर चुकी हैं।

आज तक एक भी देश को ऐसे क़दम से कोई लाभ नहीं हुआ है। फिर भी मोदी ने उनसे कोई सबक़ नहीं लिया और एक ऐसा घपला कर दिया जिससे उसके घोषित उद्देश्यों के पूरा होने पर भी देश को अनावश्यक नुक़सान होगा।

‘इकोनॉमिस्ट’ ने मोदी को ऐसी अफ़रा-तफरी मचाने वाले क़दम को वापस लेने की भी सलाह दी है। इसमें मोदी के इस प्रकार के बयानों का मज़ाक़ उड़ाया गया है कि धनी लोग नींद की गोलियों के लिये भाग रहे हैं और ग़रीब चैन की बंशी बजा रहे हैं। पचास दिन की प्रतीक्षा के बाद भारत में कोई स्वर्ग नहीं उतरने वाला है।

इस टिप्पणी के अंत में इस बात पर संतोष किया गया है कि भारत में उत्तर कोरिया की तरह तानाशाही नहीं है। यहाँ के लोग चुनावों में मोदी के द्वारा मचाई गयी इस अफ़रा-तफरी का पूरा जवाब देंगे।

ग़ौर करने लायक बात है कि 8 नवंबर को घोषित नोटबंदी पर ‘इकोनॉमिस्ट’ की लगभग महीने भर बाद, शायद यह पहली प्रतिक्रिया है।

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