District Administration, Nalanda पर सबिता देवी के मामला का सच

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राजनामा न्यूज (मुकेश भारतीय)। नालंदा जिला प्रशासन की उपलब्धियों व गतिविधियों की जानकारी देने के लिये बनाया गया District Administration, Nalanda नामक ऑफिसिल पेज पर जिस सबिता देवी  के मामले का उल्लेख किया गया था, वह आज भी बिहार लोक शिकायत निवारण अधिनियम विभाग की अधिकृत वेबसाइट पर उपलब्ध है।

जनवरी माह में मैं जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय में चल रहे एक वाद के सिलसिले में बिहारशरीफ पहुंचा था। समय से पहले पहुंचने के कारण मैंने इस कार्यालय के साथ अनुंडलीय लोक शिकायत निवारण कार्यालय के विभिन्न पहलुओं को अपने मोबाईल की कैमरे में कैद किया था।

वाद की सुनवाई के बाद पीड़िता सबिता देवी को आदेश पत्र सौंपते बिहारशरीफ अनुमंडलीय सह नालंदा जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी संजीव कुमार सिन्हा…

थोड़ी देर पहले उन सारे फोटो को खंगाल रहा था कि अचानक उस तस्वीर पर नजर पड़ी, जिसमें सबिता देवी के मामले से जुड़े अहम जानकारी मिली। उसमें दर्ज अन्यन्न वाद संख्या को साइट में डाला तो सारी सूचनाएं सामने आ गई।

इस मामले की सुनवाई बिहारशरीफ अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी संजीव कुमार सिन्हा के कार्यालय में हुई थी, जिसकी अनन्य संख्या- 527110129081600577, स्वीकृत आवेदन की तिथि- 29/08/2016, अंतिम सुनवाई की तिथि- 11/11/2016 11 AM, वादी का नाम- सविता देवी, पता- शहर/गाँव- सोसन्दी, डाकघर- सोसन्दी, प्रखण्ड- रहुई, अनुमंडल- बिहारशऱीफ, जिला- नालंदा दर्ज है।

श्री सिन्हा ने अपने अंतिम सुनवाई में परिवादी एवं लोक प्राधिकार सह रहुई प्रखंड विकास पदाधिकारी की उपस्थिति में अंतिम आदेश देते हुये लिखा था कि वादी सविता देवी द्वारा इंदिरा आवास का तीसरा क़िस्त के सम्बन्ध में वाद दायर किया गया है।

उक्त वाद के आलोक में लोक प्राधिकार प्रखंड विकास पदाधिकारी, रहुई से कारण पृच्छा की मांग की गयी। उन्होंने अपने प्रतिवेदन पत्र में अंकित किया है कि सोभा देवी पति- गरीबन चौधरी ग्राम- सोसन्दी का मकान छत पूर्ण कर लिया गया है  तथा उन्हें दूसरी क़िस्त के रूप में कुल 60,000 रूपये दिया गया है।

सरकारी निर्देशानुसार पूर्व में शौचालय पूर्ण करने  के उपरांत शेष राशि 10,000 रूपये देने का प्रावधान था, परन्तु वर्तमान में बिना शौचालय पूर्ण किये शेष राशि 10,000 रूपये देने का प्रावधान है।

परन्तु दितीय क़िस्त की राशि MIS पर ENTRY नहीं हुआ है और भारत सरकार के तरफ से वित्तीय वर्ष 2013-14 में फण्ड ट्रान्सफर अपडेट बंद किया हुआ है।

अतः जैसे ही भारत सरकार से फण्ड ट्रान्सफर अपडेट प्रारंभ किया जाएगा उसके बाद अंतिम राशि 10,000 रूपये सम्बंधित लाभार्थी के खाते में भेज दिया जाएगा।

उक्त प्रतिवेदन के आलोक में लोक प्राधिकार के प्रतिनिधि ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक को पुनः इस सन्दर्भ में अधतन स्थिति की जानकारी प्राप्त कर वर्तमान status से इस कार्यालय को अवगत कराने का आदेश देते हुये कहा गया कि यदि फण्ड ट्रान्सफर अपडेट हो रहा हो तो लाभार्थी के खाते में नियमानुकूल राशि स्थानांतरण सुनिश्चित करें।

उक्त आलोक में आवास पर्यवेक्षक का प्रतिवेदन, जिस पर प्रखंड विकास पदाधिकारी ने सहमती व्यक्त की है, जिसमें अंकित किया है कि लाभार्थी सविता देवी का मकान पूर्ण करने उपरांत 60,000 रूपये की राशि दी गयी थी तथा शेष 10,000 रूपये की मांग की गयी है।

प्रखंड कार्यालय द्वारा बार-बार प्रयास करने उपरांत अंततः 10.11.16 (गुरूवार) को लाभार्थी के खाते में राशि 10,000 भेज दी गयी है, जिसका FTO NO-52848 दिनांक 10.11.16 है।

चूँकि लाभार्थी की मांग का निराकरण प्रखंड विकास पदाधिकारी,रहुई  द्वारा कर दिया गया है, अतएव वाद की कार्यवाई समाप्त की जाती है।

इसके पूर्व की सुनवाई के अंतरिम आदेश इस प्रकार हैं, जिससे साफ स्पष्ट है कि आदेश के बाबजूद लोक प्राधिकार ने कभी संबंधित अभिलेख उपलब्ध ही नहीं कराये। अंतिम आदेश के साथ वादी की सहमति से परिवादी के प्रतिनिधि के द्वारा सौंपे गये आवेदन भी संलग्न है।

तिथि-08/10/2016         आदेश का प्रकार-   अन्तरिम आदेश

आदेश का विवरण: अभिलेख उपस्थापित, परिवादी सविता देवी उपस्थित, लोक प्राधिकार का प्रतिवेदन अप्राप्त, अभिलेख दिनांक 24.10.2016 को उपस्थापित रखें, सभी सम्बंधित को विधिवत सुचना दें।

तिथि-23/09/2016         आदेश का प्रकार-   अन्तरिम आदेश

आदेश का विवरण: अभिलेख उपस्थापित, परिवादी सविता देवी उपस्थित, लोक प्राधिकार का प्रतिवेदन अप्राप्त, अभिलेख दिनांक 07.10.2016 को उपस्थापित रखें, सभी सम्बंधित को विधिवत सुचना दें।

तिथि-08/09/2016         आदेश का प्रकार-   अन्तरिम आदेश

आदेश का विवरण: अभिलेख उपस्थापित, परिवादी सविता देवी अनुपस्थित , लोक प्राधिकार का प्रतिवेदन अप्राप्त, अभिलेख दिनांक 23.09.2016 को उपस्थापित रखें, सभी सम्बंधित को विधिवत सुचना दें।   

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