ऐसा फेसबुकिया भक्त, जिसने किया मोदी की नाक में दम !

मोदी का मजाक बनाने वाला इंटरव्यू! सोशल मीडिया पर नरेंद्र मोदी का जितना प्रचार-प्रसार हो रहा है, उतने ही तंज कसे जा रहे हैं। फेसबुक पर मोदी के एक तथाकथित भक्त का ऐसा इंटरव्यू वायरल हो रहा है, जिसे पढ़कर आप हंसते रह जाएंगे। इन दिनों सोशल नेटवर्किंग साइट पर राहुल गांधी, नरेंद्र मोदी और अरविंद केजरीवाल के पक्ष और विपक्ष में खूब बातें कही-सुनी जा रही हैं। लेकिन यह इंटरव्यू काफी खास है, जिसमें मोदी की तारीफ के बहाने उन्हीं पर हमला किया गया है। संभावना है कि सोशल मीडिया की लहर पर सवार यह इंटरव्यू किसी न किसी तरह […]

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आज अपनी10वीं सालगिरह मना रहा है फेसबुक

सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक इस सप्ताह अपनी 10वीं सालगिरह मना रहा है। इस एक दशक में इसने उतार और चढ़ाव दोनों देखे हैं और इसकी समाप्ति पर असाधारण लाभ भी प्राप्त किया है। विश्वभर में इसके 1.2 अरब से ज्यादा उपयोगकर्ता हैं और इसकी संख्या बढ़ते रहने से इसके बंद होने की संभावना कहीं नहीं है। कंपनी की स्थापना मार्क जुकरबर्ग ने चार फरवरी 2004 को किया था। हावर्ड विश्वविद्यालय के इस छात्र ने अलग-अलग लोगों के बीच अनुभवों को बांटने के लिए एक साझे मंच के तौर पर फेसबुक वेबसाइट की शुरुआत की। फेसबुक का प्रभाव ऐसा था जिसने दोस्त की […]

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मैं इस जलती कलम से क्या लिखूं

ज़िक्र भी करदूं ‘मोदी’ का तो खाता हूँ गालियां अब आप ही बता दो.. मैं इस जलती कलम से क्या लिखूं ?? कोयले की खान लिखूं या मनमोहन बेईमान लिखूं ? पप्पू पर जोक लिखूं या मुल्ला मुलायम लिखूं ? सी.बी.आई. बदनाम लिखूं या जस्टिस गांगुली महान लिखूं ? शीला की विदाई लिखूं या लालू की रिहाई लिखूं ‘आप’ की रामलीला लिखूं या कांग्रेस का प्यार लिखूं भ्रष्टतम् सरकार लिखूँ या प्रशासन बेकार लिखू ? महँगाई की मार लिखूं या गरीबो का बुरा हाल लिखू ? भूखा इन्सान लिखूं या बिकता ईमान लिखूं ? आत्महत्या करता किसान लिखूँ या शीश कटे […]

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वो गरिया क्या दिया, कुछ मीडिया वालों की सुलग गई

सोमनाथ भारती और केजरीवाल ने मीडिया वालों को गरिया क्या दिया, कुछ मीडिया वालों की सुलग गई.. न्यूज नेशन के अजय कुमार और एबीपी न्यूज के विजय विद्रोही लगे अपने कथित सरोकारी तेवर का प्रदर्शन करने… लगे प्रमाण मांगने और ‘आप’ को सबक सिखाने… अरे अजय और विद्रोही जी… सच्चाई आप भी जानते हैं, काहें मुंह खुलवाते हो… वैसे, मुंह खुलवाने की भी क्या जरूरत है… मुझे पता है कि आप सभी छुप छुप के भड़ास  पढ़ते हो और यहां प्रकाशित होने वाली मीडिया की अंधेर नगरी के किस्सों से खूब वाकिफ हो… न्यूज नेशन किसका चैनल है, इसमें किसका पैसा […]

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द्रौपदी की रक्षा के लिये प्रकट हुये भगवान

पुराने साल की समाप्ति और नये साल के आगमन के साथ बहुत कुछ ऐसा घटित हुआ जिसने गया नगर निगम को शर्मसार कर दिया। 6 जनवरी की रात को पटना पुलिस ने उप मेयर मोहन श्रीवास्तव को रेप के आरोप मे अन्य दो पार्षदो के साथ गिरफ़तार किया । पटना से लेकर गया तक के अखबार एवं टीवी न्यूज चैनलो ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया और गया की जनता भी आक्रोश मे सडको पर उतर आई। सभी गुस्से मे थें, खुद को छला हुआ महसूस कर रहे थे । मैं स्तब्ध थी। समझ नही पा रही थी क्या […]

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‘आप’ से देश की अर्थव्यवस्था को खतरा

अगर अरविन्द केजरीवाल की ‘आप’ बढ़ती गयी तो इससे देश की अर्थव्यवस्था और शेयर बाज़ार को काफी नुकसान हो सकता है, यह मानना है देश के ब्रोकर्स और व्यापारियों का। अंग्रेजी अखबार इकनोमिक टाइम्स में छपी खबर के अनुसार उनके संवाददाताओं ने जिन ब्रोकर्स और ट्रेडर्स से बात की, उन्होंने आप की इकनॉमिक पॉलिसी की आलोचना की, लेकिन यह भी कहा कि साफ-सुथरी छवि के कैंडिडेंट्स पर पार्टी के जोर से देश की सियासत पूरी तरह बदल सकती है। केआर चोकसी शेयर्स एंड सिक्योरिटीज के एमडी देवेन चोकसी ने कहा, ‘आप की शुरुआत गलत ढंग से हुई है। अगर यह पार्टी […]

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एनएआई से भड़ास4मीडिया को बेस्ट न्यूज पोर्टल का अवार्ड !

बीस वर्ष पुरानी संस्थान न्यूजपेपर्स एसोसिएशन आफ इंडिया (एनएआई) की नजर में भड़ास4मीडिया डॉट काम बेस्ट न्यूज पोर्टल है. एनएआई की तरफ से जारी एक मेल में बताया गया है कि संस्था के सदस्यों द्वारा दिए गए वोट के आधार पर ये फैसला लिया गया कि भड़ास4मीडिया को बेस्ट न्यूज पोर्टल कैटगरी का एवार्ड दिया जाए और इसके लिए तीस अक्टूबर को पोर्टल के संस्थापक और संपादक यशवंत सिंह को एक समारोह में सम्मानित किया जाएगा. पुरस्कार समारोह का आयोजन तीस अक्टूबर को दिल्ली में रफी मार्ग पर स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब में शाम चार बजे से किया जाएगा. भड़ास के कर्ताधर्ता […]

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सूचना आयोग के सवालों में घिर गया सुप्रीम कोर्ट

आम तौर पर ऐसा नहीं होता कि सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ही किसी अन्य संवैधानिक एजेंसी के सवालों के घेर में आ जाये, पर आ गया है.  मामला यह है कि मुख्य सूचना आयोग को शिकायत मिली है कि सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने सूचना अधिकार के तहत पूछे गये एक गंभीर मामले का सवा क्या टाल गया कि मुख्य सूचना आयोग ने उसे नोटिस जारी कर दिया और निर्देश दिया है कि आइंदा 30 अक्टूबर को अपना पक्ष रखने के लिए सर्वोच्च अदालत के सीपाईओ स्तर के अधिकारी सूचना आयोग के समक्ष उपस्थित हों. अमर उजाला डॉट कॉम  की खबर के अनुसार […]

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समाचार4मीडिया के टॉप टेन ‘मीडिया महारथी’

मीडिया, मार्केटिंग और बिजनेस के सबसे बड़े अंग्रेजी पोर्टल माने जाने वाले या कहिये देश के मीडिया, विज्ञापन और बिजनेस घरानो के पीआर पोर्टल के रूप में प्रसिद्ध एक्सचेंज 4 मीडिया ने देश के शीर्ष हिंदी संपादकों की ग्रेडिंग की है. इसमें प्रभात खबर के प्रधान संपादक हरिवंश टॉप तीन में शामिल किये गये हैं. देखिये कौन हैं टॉप 10 मीडिया महारथी 1. संजय गुप्ता, संपादक, दैनिक जागरण 2. सुधीर अग्रवाल, एमडी एवं संपादकीय प्रमुख, डीबी कॉर्प लिमिटेड 3. हरिवंश, प्रधान संपादक, प्रभात खबर 4. शशि शेखर, एडिटर-इन-चीफ, हिंदुस्तान मीडिया वेंचर लिमिटेड  5. गुलाब कोठारी, चीफ एडिटर, राजस्थान पत्रिका ग्रुप और निहार […]

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क्या अरविंद केजरीवाल का संघर्ष एक छलावा है ?

आम जनता की हालत में अहम परिवर्तन लाने के मकसद से कभी टीम अन्ना के सदस्य रहे आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल बिजली-पानी के दामों में हुई बढ़ोत्तरी के विरोध में अनशन पर बैठे किंतु उन्हें अपेक्षित जन समर्थन हासिल नहीं हुआ। जबकि पिछली बार जब जनलोकपाल जैसे मुद्दे को उठाकर अन्ना हजारे भूख हड़ताल पर गए थे तो मीडिया के साथ-साथ पूरी दुनिया की नजरें उन पर टिकी थीं। किंतु अब अलग-थलग पड़ गए अरविंद केजरीवाल किसी भी परिदृश्य में नहीं रहे। ना ही उन्हें मीडिया फोकस कर रही है और ना ही जिस जनता के लिए उन्होंने […]

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मीडिया में घुमती सीडीः कांग्रेस और सेक्स का है पुराना रिश्ता

लोग अब मजाक में कहने लगे हैं कि जिसके पास खूब पैसा हो, सत्ता का रसूख हो और सेक्स के लिए रोज नया पार्टनर तलाश लेता हो तो समझो वो कांग्रेसी है. सेक्स और कांग्रेस का बड़ा पुराना रिश्ता रहा है. एनडी तिवारी कांड को सब लोग जानते ही हैं. राज्यपाल रहते हुए इस नेता की सेक्स सीडी बन गई थी. तब उन्हें राज्यपाल के पद से हाथ धोना पड़ा था और बाद में राजनीतिक बनवास भोगना पड़ा. ताजा कांड कांग्रेस के एक अन्य बुजुर्ग नेता का है. ये एक प्रदेश के सबसे ताकतवर कांग्रेसी नेता माने जाते हैं. इनके सुपुत्र […]

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सबाल पत्रकारिता के जातिगत ताने-बाने का

कई बार मन प्रश्न करता है कि दबंग फ़ेम सलमान खान यदि चुलबुल पांडे के स्थान पर चुलबुल चमार होते तो क्या तब भी उनकी फ़िल्में इतनी ही सुपरहिट होती? यह सवाल मेरे मन ने उस समय भी किया जब संजीव जायसवाल की फ़िल्म शुद्र द राइजिंग का बिहार में कहीं भी प्रदर्शन नहीं हुआ। सवाल उस समय भी उठता है जब बिहार सरकार अपने कार्यकाल का वर्षगांठ मनाती है और सूबे के अखबारों में सरकारी उपलब्धियों के मूल्यांकन के बजाय अभिनंदन पत्र प्रकाशित किए जाते हैं। मन पुछता है कि क्या यही पत्रकारिता है? निस्संदेह पत्रकारिता एक मुकम्मिल विषय है […]

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