दिल्ली में गड़बड़ा गए हैं भाजपाई !

भाजपाई दिल्ली में गड़बड़ा गए हैं. जैसे भांग खाए लोगों की हालत होती है, वही हो चुकी है. समझ नहीं पा रहे कि ऐसा करें क्या जिससे केजरीवाल का टेंपो पंचर हो जाए, हवा निकल जाए… रही सही कसर किरण बेदी को लाकर पूरा कर दिया.. बेचारी बेदी जितना बोल कह रही हैं, उतना भाजपा के उलटे जा रहा है… आखिरकार आलाकमान ने कह दिया है कि बेदी जी, गला खराब का बहाना करके चुनाव भर तक चुप्पी साध लो वरना आप तो नाश कर दोगी…  ठेले खोमचे पान दुकान झुग्गी झोपड़ी वाले डरे इस बात से हैं कि ये जो […]

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किरण नहीं, सुरजीत थीं देश की प्रथम महिला आइपीएस ?

एक पुराने अखबार के कतरन की यह तस्वीर बताती है कि देश की पहली महिला आईपीएस ऑफिसर पंजाब कैडर की सुरजीत कौर (1956) थीं जिनका 1957 में एक कार दुर्घटना में निधन हो गया था। जबकि हम लोग अभी तक किरण बेदी को ही देश की पहली महिला आईपीएस अफसर जानते-मानते रहे हैं। सुरजीत कौर के आईपीएस के लिए चुने जाने के बाद जल्दी ही निधन हो जाने और इसके करीब 16 साल बाद 1972 में किरण बेदी के आईपीएस बनने पर हो सकता है उस समय किरण बेदी को पहली महिला आईपीएस अधिकारी कहा और मान लिया गया होगा। और […]

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राम जाने औरत रहे या जाए….

ओबामा का आना काफी सुखद रहा। मिशेल की उपस्थिति से कई पतियों को अपनी बीवी सुन्दर लगने लगी। विरोधियों ने भी अपने विचार डरते हुए रखे। भई ओबामा है, जिसने ओसामा को पाकिस्तान में घुसकर बिना पाकिस्तान से पूछे मार गिराया। अमरीकी राष्ट्रपति की ताक़त का अंदाजा सबको है। सो अखबारों ने खूब तस्वीरें छापी, हर पन्ने पर ओबामा या मिशेल ही दिखाई दिए। एकाध जगह अपने मोदी भी चाय या बगिया या रेडियो पर बराक बराक करते दिखे।  मित्रता की डींगे हिंदी में हाँकी, भई बराक समझ ना जाए कि मोदी क्या दोस्ती की मिसाल दे रहे हैं। फिलहाल जनता […]

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माहौल बिगाड़ने में लगे हैं कुछ लोग : नितीश कुमार

मैं मुज़फ्फरपुर जिले के सरैया थानान्तर्गत अजीज़पुर गाँव गया और दोनों पक्षों के प्रत्येक पीड़ित परिवार से मिला। जो उन पर गुज़री उसकी जानकारी ली और उन्हें समुचित राहत पहुँचाने के लिए प्रशासन व राज्य सरकार से विशेष अनुरोध किया। मुज़फ्फरपुर की घटना मानवता पर कलंक है जिसकी जितनी निंदा की जाए, कम है। अकारण ही निर्दोष लोगों को मारा गया, जलाया गया, पीटा गया, घर में आग लगाई गई। लूट-पाट भी की गई…अकारण! ऐसी परिस्थिति में जो कुछ एक ग़रीब महिला शैल देवी ने अपने पड़ोसियों को बचाने के लिए किया वह साहस और मानवता की मिसाल है जिसे सदैव […]

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‘सरगुन’ की दर कब पहुंचेगें झारखंड के ‘दास’

सोशल साइट पर जमीन से जुड़ी कई सूचनाएं मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख देती है। एक ऐसी ही सूचना फेसबुक के मित्र बॉबी सिंह ने पोस्ट की है। “ झारखण्ड में आज भी गरीब गरीब ही है। सभी जगह व्याप्त है कागजी खेल। ग्राम पंचायत सिर्फ नाम के नहीं मिला ग्राम पंचायत को कोई अधिकार। देखिये सरकार के दोरंगे नीति का खेल। यह है राकेश रौशन दास उर्फ़ सरगुन दास। यह हरिजन वर्ग से ग्राम पंचायत लखनपाहाड़ी, पथरगामा, गोड्डा, झारखण्ड के रहने वाले है। इन्होंने 10+2 तक की पढाई किया है। इसके बाद शारीरिक बीमारी और गरीबी की वजह से […]

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फर्जी फेसबुक प्रोफाइल-पेजों में अव्वल हैं हेमंत सोरेन !

राजनामा.कॉम (मुकेश भारतीय)। बड़े मियां तो बड़े मियां, छोटे मियां भी सुभान अल्लाह। जी हां, हम बात कर रहे हैं झामुमो मूल के भाजपा नेता अर्जुन मुंडा के बाद झामुमो सन ऑफ लीडर निवर्तमान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की। ये साहब आसन्न विधानसभा चुनाव में दुमका सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।  एक गहन सर्वेक्षण के अनुसार माइक्रो ब्लॉगिंग सोशल साइट पर अव्वल भाजपा से उनकी पार्टी झामुमो इस चुनाव में कहीं पीछे नहीं दिख रही है। खासकर फेसबुक पर  झामुमो की उपस्थिति काफी दमदार दिख रही है। सबसे रोचक पहलु तो यह है कि दुमका विधानसभा सीट से दाखिल नामांकण पत्र […]

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अर्जुन मुंडा झूठे हैं या दर्जनों फेसबुक प्रोफाइल-पेज ?

 राज़नामा.कॉम (मुकेश भारतीय)। आज कल चुनावी नेताओं के लिये माइक्रो ब्लॉगिंग सोशल साइट एक बेहतर मीडिया साबित हो रही है। यहां कई नेताओं और उनकी पेड फौज की तूती बोलती है। लेकिन यदि हम झारखंड में सबसे अधिक 8 वर्षों तक बतौर मुख्यमंत्री शासन करने वाले झामुमो मूल के भाजपा नेता अर्जुन मुंडा की बात करें तो एक नई तस्वीर उभर कर सामने आती है। आसन्न विधानसभा चुनाव में खरसावां सीट से नामांकण के साथ दाखिल शपथ-पत्र में अर्जुन मुंडा ने कहा है कि उनका सोशल साइट पर कोई एकाउंट नहीं है। माइक्रो ब्लॉगिंग की सर्वाधिक लोकप्रिय मंच फेसबुक पर उनके […]

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एग्जिट पोल पर बिना रोक निष्पक्ष चुनाव बेईमानी

वेशक लोकतंत्र में सुधार केवल सरकार, सत्ता और राजनीति में बदलाव से नहीं आएगा। लोकतंत्र के एक और स्तंभ यानी मीडिया में सुधार का एक मौका दुसरो को देता है।  खुद अपने पर उठे सवालों पर कन्नी काटता है। आखिर इन ‘स्वतंत्र’ मीडिया पर पिछले दरवाज़े से कब्ज़ा किनका है ? सच पुछिये तो ‘स्वतंत्र’ मीडिया पर कब्ज़ा राजनेताओ या पूंजीपतियों का है।  कई आर्थिक अख़बारों ने कंपनियों के हक़ में ख़बरें छापने के बाक़ायदा लिखित क़रार कर रखे हैं। दूसरी तरफ तमाम राज्य सरकारें अख़बारों पर न्यूज़प्रिंट, विज्ञापन और प्रलोभन के ज़रिए दबाव बनाती हैं।  प्रत्येक चुनाव अनेक अख़बारों ने […]

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मीडिया से ही कमीशन वसूल रहे हैं भाजपा वाले !

निराश करने वाली खबर है। कमीशनखोरी, दलाली और बिचौलियों ने झारखंड बीजेपी में अभी से अपनी पैठ बनानी शुरू कर दी है। सत्तारूढ़ होने पर फिर क्या होगा। झारखंड विधानसभा चुनाव के बाद भारतीय जनता पार्टी के सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरने के खबरों के बीच इस तरह की बातें भाजपा जैसी पार्टी के सेहत के लिए ठीक नहीं समझी जानी चाहिए। खबर है कि झारखंड बीजेपी के कुछेक लोभी और येन-केन -प्रकारेण पैसा बनाने वाले व्यापारी नेता ने मीडिया से ही कमीशन वसूलने के लिए दलाल की नियुक्ति कर दी है और कमीशनखोरी का काम चालू कर दिया है। इस […]

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दूसरे विनोद सिंह के बदले मुझे जेल जाना पड़ा !

2005 में विधायक के रूप में विधानसभा में मेरा पहला सवाल जमशेदपुर के घाटशिला से जुड़ा था। जहाँ एक व्यक्ति की हत्या के जुर्म में पुलिस ने तीन आदिवासियों को अम्पा सोरेन कान्दू सोरेन व् अन्य को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में पता चला की उस व्यक्ति की हत्या हुई ही नहीं थी। वह घर से बाहर चला गया था। मेरे सवाल उठाने पर पीडितो को मुआवजा मिला। 2010 में मैंने विधानसभा एक सवाल उठाया था लोहरदग्गा जिला में एक आदिवासी युवक को सिर्फ हमनाम होने की वजह से पुलिस ने दूसरे अपराधी के बदले जेल भेज दिया। […]

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भाजपा ने सोशल मीडिया को ‘एंटी-सोशल’ बनायाः नीतिश

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं जदयू नेता नीतीश कुमार ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि भगवा दल ने सोशल मीडिया को ‘एंटी-सोशल’ बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर लोगों को अपने विचार रखने चाहिए, लेकिन लोकतंत्र को अमर्यादित नहीं करना चाहिए। फेसबुक के माध्यम से नीतीश ने बताया कि पिछले कई हफ्तों से उन्हें 100 से ज्यादा छोटी-बड़ी बैठकों में अपनी पार्टी के लोगों से मिलने का मौका मिला और उनके साथ तमाम विषयों पर बातचीत हुई। इन बैठकों के दौरान सोशल मीडिया के विषय में जो बातें हुईं, उसमें से कुछ पहलुओं को […]

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यह अपमान नहीं,देशद्रोह है ‘मियां बुखारी’

यह निंदनीय ही नहीं देश का अपमान है । यह सही है की इमाम का यह निजी समारोह है पर इसमें दुश्मन देश के प्रधानमत्री को आमंत्रित करना और अपने देश के प्रधान मंत्री के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करना देश के लोकतंत्र का भी अपमान है । देशद्रोह है .. इससे भी ज्यादा हैरत मुझको इस बात से है की बुखारी के इस कुकृत्य का विरोध उनके कौम के तथाकथित प्रगतिशील वर्ग अथवा तथाकथित सेकुलर वर्ग भी नहीं कर रहा है। ..जबकि शंकराचार्य अथवा कोई धर्माचार्य जब कोई गलत बात कहते है तो उनका हमलोग खुल कर विरोध करते […]

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