सरकारी मनमानी और निकम्मी मीडिया

अक्सर लोग मुझसे पुछते हैं कि आप मीडिया के खिलाफ इतने आक्रोशित क्यों रहते हैं… आखिर क्या मलाल है मीडिया से। सच पुछिये तो मेरे अंदर न तो मीडिया के प्रति कोई व्यक्तिगत आक्रोश है और न ही कोई मलाल। हां, जब एक आम भारतीय के रुप में आंखों के सामने उसकी वेश्यावृति से भी वद्दतर हालत देखता हूं तो मन-मस्तिष्क पीड़ित हो उठता है। अब देखिये न। आज रांची के ओरमांझी में सभी अखबारों में प्रकाशित एक खबर पढ़ा। यह खबर “ ओरमांझी में प्रशासन ने चलाया बुलडोजर   ” शीर्षक से है। बात चाहे दैनिक प्रभात खबर, दैनिक हिंदुस्तान की […]

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प्रभात खबर को है हिम्मत यह लिखने की ?

झारखंड-बिहार में भ्रष्टाचार की कोख से प्रकाशित दैनिक प्रभात खबर के स्थानीय संपादक विजय पाठक की निर्मल बाबा से संबंधित समाचार पढा़। मैं किसी भी धर्म-आस्था पर टीका टिप्पणी नहीं करता और सब कुछ जन मानस पर छोड़ देता हूं। फिलहाल, पाठक ने जिस प्रकार के संदर्भों की चर्चा देकर समाचार लिखा है..निःसंदेह वह उनकी घटिया मासिकता को अधिक उजागर करती है। अगर वे निर्मल बाबा के आडियोलॉजी का थोड़ा सा भी जिक्र करते तो उनका यह समाचार निष्पक्ष कहला सकता था। विजय पाठक अभी झारखंड की पत्रकारिता का सबसे बड़े बागड़ बिल्ला यानि दैनिक प्रभात खबर के प्रधान संपादक  हरिवंश […]

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