अपेक्षा करना बेमानी

जिस हिसाब से सोशल मीडिया पर विरूपित चित्र पोस्ट करने वालों और मोदी के खिलाफ कमेंट करने वालों के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है उस हिसाब आधे से ज्यादा बीजेपी समर्थक जेल में होने चाहिए। पिछले चुनावों में जिस तरह का नंगा नाच मोदी समर्थकों ने सोशल मीडिया पर मचाया […]

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ठीक है डीएसपी साहेब, जंग जारी रहेगी

पिछले दिन रांची के सदर डीएसपी आनंद जोसेफ तिग्गा से मुलाकात हुई। बातचीत के दौरान जो निष्कर्ष सामने आये, वे मेरे लिये न तो हैरान करने वाली रही और न ही परेशान करने वाली। मुझे पहले से पता था कि बात जब उपर वाले की हो तो एक अदद डीएसपी की […]

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प्रेस काउंसिल की जगह हो मीडिया काउंसिल

वेशक मीडिया का दायरा अब पहले जैसा नहीं रहा। जिस समय प्रेस परिषद की अवधारणाये बनी और एक सार्थक उद्देश्य के लिये उसका गठन हुआ, तब प्रिंट मीडिया ही अस्तित्व में था। आज मीडिया का दायरा काफी बढ़ गया है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के बाद शोशल मीडिया ने तो सूचनाओं व विचारों […]

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बीच सड़क पर गुम मानवता की कसक

आज सुबह जैसे ही घर से रांची शहर के लिये निकलने लगा कि मेरे बेटे ने कहा कि पापा केक लेते आइयेगा।कल 28 फरवरी को उसका जन्म दिन है। रांची पहुंचने के बाद आवश्यक काम निपटाया और शहर का दिल माने जाने वाले फिरायालाल चौक पहुंचा। मेरे साथ मेरे एक मित्र […]

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मेरी आत्मग्लानि का प्रेरक दिन

किसी ने सच ही कहा है कि कोई उपर न होता-कोई नीचे न होता, अगर कोई मजबूर न होता तो कोई खुदा न होता। कल जनवरी माह का अंतिम दिन मेरे लिये आत्मग्लानि का दिन रहा। हालांकि मेरा हरसंभव प्रयास होता है हरेक चीजों से प्रेरणा लेने की। कल भले ही […]

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गणतंत्र दिवसः गण का तेजी से बदलता “तंत्र”

 लीजिये एक और गणतंत्र दिवस आ गया। विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश अपने भारत की इस महान राष्ट्रीय  दिवस की सभी को हार्दिक शुभकामनायें। इसके साथ ही याद आ जाता है स्कूली जीवन के वे दिन, जिसकी यादें आज के दौर में आंखे नम कर देती है। क्या वे दिन […]

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जय मां भारती। तुझे सलाम।

आज साल-2012 का अंतिम दिन है। यह मेरे लिये आत्म-चिंतन का दिन है। 2012 मानसिक-शारीरिक तौर पर बड़ा पीड़ादायक रहा, फिर भी चेहरे पर मायूसी को फटकने न दिया। 2012 में व्यवस्था के प्रति मन में अविश्वास उत्पन्न हुआ। सत्ता-माफिया-पुलिस के धुरंधरों ने जबरन 15 लाख का रंगदार बना कर जेल […]

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अंतरात्मा झांकिये साहब

जब रोम जल रहा था तो नीरो संग उसके साथी भी बंशी बजा रहे थे। लेकिन माफ कीजियेगा झारखंड के सीएम अर्जुन मुंडा जी,  बात उस समय की है- जब आप हैलीकॉप्टर हादसे के बाद प्रायः विस्तर पर पड़े रहते थे और कभी-कभार व्हील चेयर या बैशाखी के सहारे आवासीय परिसर […]

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अविश्वास और उत्पीड़न का पर्याय है झारखंड पुलिस

जब किसी भी सिस्टम का फिल्टर खराब हो जाये, तब अविश्वास और उत्पीड़न जन्म लेता है। आज हम बात करते हैं पुलिस फिल्टर सिस्टम की। इसमें कोई शक नहीं कि पुलिस नेताओं खास कर सत्ता पर कुंडली मार कर बैठे व्यूरोकेट्स के इशारे पर नाचती है। एक आम आदमी के दुःख-दर्द […]

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लो भाई, देख लो आयना

तुझे मान गये भाई। तू है असली झारखंडी मीडिया का एक ऐसा बड़ा वर्ग, जिसके चश्में के गर्द साफ करने की कला राजनामा डॉट कॉम  में नहीं है। तू  कुछ भी छाप-दिखा सकते हो। आखिर वाक्य और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तेरी जागीर जो ठहरी। भला तू भाई लोग राजनामा डॉट कॉम […]

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