आंदोलनों को नष्ट करता एनजीओ

एनजीओ का उद्देश्य राजनीतिक विकल्प तैयार करना कतई नहीं होता है. उसकी गतिविधियां राजनैतिक विकल्प वाले आंदोलनों को कमजोर करती हैं. एनजीओ की अवधारणा पूंजीवादी देशों की तैयार की गई है. राजनीतिक विकल्प की जब हम बात करते हैं तो उसमें यह निहित होता है कि जिन लोगों द्वारा अपने हितों […]

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टीम अन्ना का संकट

आखिरकार अन्ना ने सत्ता के बजाय व्यवस्था को बदलने के लिये कार्य करने की सोच को स्वीकार कर ही लिया है। जिसकी लम्बे समय से मॉंग की जाती रही है। जहॉं तक अन्ना की प्रस्तावित राजनैतिक विचारधारा का सवाल है तो सबसे पहली बात तो ये कि यह सवाल उठाने का […]

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मीडियाः न कोई नीति और न कोई नियामक

जैसे कोई हाथी हो और उस पर अंकुश हो। बस मीडिया व्यवस्था का वही अंकुश है। अंकुश है कि हाथी यानी व्यवस्था, यह सिस्टम मदमस्त न हो, अराजक न हो कि अपने ही लोगों को कुचल डाले। शीशा दिखाता रहे कि चेहरा काला है कि साफ। अब इसी भूमिका से मीडिया […]

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राजनीति की पोल खोलता एक पत्रकार

राज़नामा.कॉम। काले धन की महिमा अपरंपार है। नेताओं का काला धन भले ही विदेश से नहीं आ पाया लेकिन राजनीति और काले धन में किस कदर गठजोड़ है इसका अंदाजा चुनाव आयोग की सख्ती से पकड़़े गए करोड़ों रुपए को देखकर लगाया जा सकता है। टिकट बेचने की बात राजनीतिक गलियारों […]

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