अफसरों को हड़काने की जगह यूं आत्ममंथन करें सीएम

‘एज ए मैन और ऐज ए पॉलिटीशियन नीतीश कुमार में कहीं दोष नहीं है ।दोष है तो ब्यूरोक्रेट्स से सांसद बने एक वैसे शख्स का, जिसके इशारे पर आईएएस और आईपीएस अफसरों का तबादला होता रहा है। जिनके इशारे पर नीतीश किसी कारणवश चलने को बाध्य हैं……..’ राजनामा.कॉम (विनायक विजेता)। पटना बिहार के प्रशासनिक अधिकारी हो या पुलिस अधिकारी। बीते छह वर्षों से बिहार और विभिन्न जिलों में पदस्थापित अधिकारियों की हालत मोबाईल फोन की तरह हो गई है। कभी मोबाइल की तेज घंटी की तरह बजने वाले ऐसे अधिकारी आज ‘बेवरेशन मोड’ में जाने को बाध्य हो गए हैं। डर […]

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पगलाया बिहार नगर विकास एवं आवास विभाग, यूं बनाया 2 दिन का सप्ताह

बिहार नगर विकास एवं आवास विभाग दो दिन को एक सप्ताह मानती है। या फिर आम जनता को तकनीकी तौर पर ‘उल्लू’ समझती है और एक बड़े स्कैम को ढंकने की तैयारी में जुट गई है… -:  मुकेश भारतीय  :- राजनामा.कॉम। इस विभाग द्वारा स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) अभियान के तहत आज 30 अगस्त,18 को पटना से प्रकाशित एक हिन्दी दैनिक हिन्दुस्तान के पेज-14 पर में पीआर नंबर-7448 (अरवन डेवलेपमेंट) 2018-19 एक महती विज्ञापन प्रकाशित हुई है। यह विज्ञापन को नगर विकास एवं आवास विभाग, पटना के प्रधान सचिव ने निवेदित किया है। विज्ञापन के जरिये जन साधारण को सूचित किया […]

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‘इस महापाप में न्यायपालिका, विधायिका, कार्यपालिका, मीडिया,एनजीओ सब शरीक’

राजनामा.कॉम। फिलहाल कशिश न्यूज चैनल से जुड़े जाने-माने टीवी जर्नलिस्ट संतोष सिंह ने मीडिया को पटना हाई कोर्ट से मिले आदेश को लेकर अपने फेसबुक वाल पर जो उद्गार व्यक्त किया है, वह सीधे तौर पर वाक्य और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े मौलिक अधिकार की ओर ध्यान आकृष्ट करता है। टीवी जर्नलिस्ट संतोष सिंह ने लिखा है कि पटना हाईकोर्ट के निर्देश को लेकर लगातार फोन आ रहा है इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए, किसी का सलाह है कि आप लोगों के यूनियन कि और से हाईकोर्ट में याचिका दायर करिए दो सौ से अधिक वकील दस्तख्त […]

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बिना प्रशासनिक सहभागिता संभव नहीं है सोशल मीडिया पर नजर

वेशक आज समाज में सोशल मीडिया के उपयोग और दुरुपयोग के एक से एक खतरनाक आयाम इतनी तेजी से सामने आ रहे हैं कि इस पर नजर रखने और उपद्रवी तत्वों के खिलाफ समय से कार्रवाई करने की जरूरत बढ़ती ही जा रही है। अगर सरकार या प्रशासन सोशल मीडिया पर जारी गतिविधियों पर निगरानी की कोई व्यवस्था कर रही है तो पहली नजर में इसे स्वाभाविक और उचित ही कहा जाएगा। लेकिन….. -:  मुकेश भारतीय :- नालंदा पुलिस-प्रशासन ने संयुक्त रुप से सामाजिक सद्भाव बनाये रखने के लिये सोशल मीडिया को लेकर विशेष एहतियात वरतने का फरमान जारी किया है। […]

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एक था ‘अखबारों की नगरी’ मुजफ्फरपुर का ‘ठाकुर’

‘बुलंदी देर तक किस शख्स के हिस्से में रहती है,बहुत उंची ईमारत हर वक्त खतरे में रहती है ’….मुनव्वर राणा की यह पंक्ति ‘मुजफ्फरपुर महापाप’ के मास्टर माइंड कहे जाने वाले ब्रजेश ठाकुर पर सटीक बैठती है। पटना ( जयप्रकाश नवीन)। ब्रजेश ठाकुर कुछ दिन पहले तक ‘अखबारों की नगरी’ मुजफ्फरपुर का बेताज बादशाह कहलाता था। लेकिन एक पल में उसका साम्राज्य बिखर गया। उस शख्स पर अपने ही बालिका होम शेल्टर की लड़कियों से यौन शोषण के गंभीर आरोप लगे। जिसके बाद से वह जेल में है। बिहार विधानसभा का दो बार चुनाव लड़ने वाले ब्रजेश ठाकुर को जब राजनीति […]

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आंचलिक पत्रकार संघ और शासन की दाल में फिर दिखा भयादोहन का तड़का

“आज आंचलिक पत्रकारिता के सामने कई गंभीर चुनौतियां है। जिसे कुछ चालबाज बिचौलियों ने कस्बाई स्तर पर संघ-संगठनों ने नाम पर इसे काफी भयानक स्वरुप दे रखा है”। -: मुकेश भारतीय :- आजकल हर जिलों-कस्बों की तरह नालंदा जिले में भी कई कुकुरमुत्ता छाप कथित पत्रकार संगठने उगे दिख रहे हैं। इन जेबी संगठनों को कभी किसी भी पत्रकार की आवाज बनते नहीं देखा। आंचलिक पत्रकारों के वुनियादि मुद्दों को उठाते नहीं सुना। अगर इन्हें कहीं देखा-सुना है तो प्रायः अपने कमजोर साथियों का ही शोषण, उत्पीड़न, दमन और नीजि स्वार्थ में इस्तेमाल करते। बहरहाल, एक कथित जिला पत्रकार संघ से […]

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सुशासन बाबू के जीरो टॉलरेंस का बेड़ा गर्क करते यूं दिखे नालंदा सांसद

“राजगीर मलमास मेला  सैरात भूमि  पर काबिज बड़े अतिक्रमणकारियों को सत्तारुढ़ दल के नेताओं का  खुला संरक्षण प्राप्त है। यही कारण है कि शासकीय तौर पर चिन्हित हो जाने और उसके खिलाफ  एफआईआर दर्ज हो जाने के बाबजूद  स्थानीय पुलिस-प्रशासन  दुम हिलाती नजर आती है। “ राजनामा न्यूज। आज शुक्रवार की शाम नालंदा के जदयू सांसद कौशलेन्द्र कुमार मलमास मेला सैरात भूमि पर अतिक्रमण कर अवैध ढंग से निर्मित राजगीर गेस्ट हाउस में खूब मजमा जमाये हैं। उनका सरकारी अंगरक्षक उक्त होटल की गार्ड की भूमिका में बैठा दिख रहा है। सांसद की सरकारी गाड़ी के साथ एक और फोर व्हीलर खड़ी […]

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मीडिया-दलाली का कच्चा चिठ्ठा है दैनिक भास्कर रिपोर्टर का यह वायरल ऑडियो

“वेशक पत्रकारिता के गिरते स्तर के सच को दिखाती एक घटना पूरे पत्रकारिता जगत को शर्मसार कर जाती है। देश ने उपेंद्र राय और नीरा राडिया जैसे हाई-प्रोफाइल दलाली के मामले भी देखे है।” राजनामा.कॉम। इन दिनों बिहार के हिंदी दैनिक भास्कर अखबार से जुड़े एक रिपोर्टर की बातचीत की ऑडियो खूब वायरल हो रही है। सोशल मीडिया पर वायरल इस ऑडियो क्लिप में बिहार के खगड़िया में पत्रकारिता और दलाली का काला सच बिल्कुल शर्मशार करदेने वाली है। वायरल ऑडियो क्लिप में हिंदी दैनिक भास्कर अखबार के गोगरी (जमालपुर) अनुमंडल से दैनिक भास्कर के रिपोर्टर गौतम सिन्हा और गोगरी थाना […]

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‘न तू अंधा है, न अपाहिज है, न निकम्मा है तो फिर ऐसा क्यूं’?

-: मुकेश भारतीय :- इसको भाव शून्यता कहिये, चाहे कहिये निर्बलता, नाम कोई भी दे सकते हैं आप मेरी मजबूरी को। कि जंगल-जगल ढूंढ रहा हूं, मृग बनके कस्तूरी को, बड़ा मुश्किल है तय करना, खुद से खुद की दूरी को।। कभी मेरी द्वारा रचित-प्रकाशित कविता के उपरोक्त अंश आज फिर एक बार मन-मस्तिष्क को झकझोर रही है। हर तरफ इस तरह की माहौल बन गया है कि किसी के दुःख-दर्द को उकेरना भी बड़ा मुश्किल है। ऐसा इसलिये कि हम जिस वर्ग की बात करते हैं, वे वर्ग ही सर्वहारा है। उसमें कोई खुद अपनी लड़ाई लड़ने को सामने नहीं […]

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एसडीओ की अदद चाय से हिलसा अनुमंडल पत्रकार संघ में यूं मचा घमासान

राजनामा न्यूज (मुकेश भारतीय)। मीडिया हाउस कितना भी बड़ा पूंजीगत क्यों न हो, उसकी रीढ़ आंचलिक पत्रकारिता होती है। इसे कोई नजंदाज नहीं कर सकता, लेकिन आज यदि हम देखें तो आंचलिक पत्रकारों के सामने नाना प्रकार के जटिल समस्याएं उठ खड़ी हुई हैं। उन सबमें सबसे जटिल चुनौती है आंचलिक पत्रकारों पर मीडिया मठाधीशों का मायाजाल। हद तो तब हो जाती है, आंचलिक स्तर भी अन्य स्रोतों से कुछ ‘तेज-धनाठ्य’ पत्रकार लोग भी वहीं सब करने लगते हैं, जैसा उनके उपर के मीडियाई मठाधीश की मानसिकता होती है। बातें लंबी-चौड़ी, एकता-जुनून की लेकिन काम कपड़ा उतार कर व्यवस्था के सामने […]

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