एक राष्ट्रीय खबर, जो बिहार के सीतामढ़ी के गांवो में खो कर रह गई !

लोग कहते हैं कि गांव-गांव तक अखबार पहुंचने का फायदा हुआ है, तो हुआ ही होगा! लेकिन आज की एक खबर से इसे समझना चाहता हूं। प्रभात खबर के सीतामढ़ी संस्करण में एक खबर यह छपी कि सीतामढ़ी में एक ईवीएम में किसी भी बटन के दबाने से वोट फूल (कमल) छाप यानी भाजपा को जा रहे थे। सीतामढ़ी संस्करण का ई-पेपर प्रभात खबर के वेबसाइट पर नहीं है। Arvind Shesh अपने  फेसबुक वाल पर आगे लिखते तैं कि “  मैंने सीतामढ़ी के सटे हुए शहर मुजफ्फरपुर संस्करण को खंगाला। उसमें मुझे कहीं यह खबर नहीं मिली। इसके बाद पटना या […]

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बीफ विवाद के बीच हरियाणा के सरकारी पत्रिका का संपादक बर्खास्त

देश में बीफ के सेवन को लेकर बढ़ते विवाद के बीच हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग की एक पत्रिका में ‘बीफ’ के अलावा ‘बछड़े के मांस’ को उन चार ‘ऊर्जादायकों’ में शामिल किया गया है जो सीधे तौर पर मानव शरीर में आयरन के अवशोषण को प्रभावित करते हैं। हालांकि ये खबर आने के बाद राज्‍य सरकार ने पत्रिका के संपादक को बर्खास्‍त कर दिया है। शिक्षा भारती नामक इस द्विभाषिक पत्रिका में हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेख मौजूद हैं और इसका प्रकाशन एवं मुद्रण माध्यमिक शिक्षा, पंचकुला के निदेशक के कार्यालय की ओर से ‘शिक्षा लोक सोसाइटी सह निदेशक, […]

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बिहार के गया में हुई पत्रकार की हत्या को लेकर शेखपुरा में विरोध मार्च

गया के पत्रकार मिथलेश पाण्डेय एवं सीतामढ़ी के पत्रकार की हत्या के विरोध में शेखपुरा जिला के श्रमजीवी पत्रकार संघ के पत्रकारो ने विरोध मार्च निकाला। हाथ में काली पट्टी लगा पत्रकारो की सुरक्षा को लेकर डीएम को सौपा ज्ञापन गया । पत्रकारों ने मृतक के आश्रितों को मुआवजा एवं नौकरी देने की मांग की । इस विरोध मार्च में संघ के महासचिव राष्ट्रिय सहारा पत्रकार नवीन सिंह, दीपक कुमार, कौशल किशोर, सतेंद्र शर्मा, हिंदुस्तान दैनिक से अरुण साथी, संजय मेहता, दैनिक जागरण से अरविंद कुमार, प्रसार भारती से निरंजन कुमार, सहारा चैनल से निवास कुमार, आर्यन न्यूज़ से शैलेन्द्र पाण्डेय, […]

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पांच्यजन्य अखबार के विरुद्ध कार्यवाही क्यों नहीं?

पांच्यजन्य जिसे अभी तक आरएसएस (संघ) का मुखपत्र कहा जाता था, लेकिन अब संघ इससे साफ़ मुकर रहा है, इसमें विनय कृष्ण चतुर्वेदी उर्फ तुफैल चतुर्वेदी नामक लेखक लिखते हैं कि…. “वेद का आदेश है कि गोहत्या करने वाले पातकी के प्राण ले लो। हम में से बहुतों के लिए यह जीवन मरण का प्रश्न है।” इसका सीधा सा मतलब यही है कि वर्तमान भारत में पांच्यजन्य द्वारा वैदिक विधि के मनमाने प्रावधानों को लागू किये जाने का समर्थन किया जा रहा है। वेद किसने, कब और क्यों लिखे, यह जुदा विषय है, लेकिन भारत का संविधान लागू होने के बाद […]

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…और झारखंड में ‘आजाद सिपाही’ ने यूं दी हौले से दस्तक

आज 18 अक्टूबर की अहले सुबह झारखंड की मीडिया में हिन्दी दैनिक आजाद सिपाही ने हौले से दस्तक दी। लैंडस्केप मीडिया प्रायवेट लिमिटेड के बैनर तले आजाद सिपाही के मुद्रक-प्रकाशक-संपादक हैं वरिष्ठ पत्रकार हरिनायण सिंह, जिनकी हमेशा अलग पहचान मानी जाती रही है। मिली सूचनाओं के अनुसार आजाद सिपाही का प्रकाशन 13 अक्टूबर से होने वाली थी लेकिन कतिपय कारणवश उसकी स्थिति अब-तब की हो गई थी। इसी बीच बिना किसी पूर्व घोषणा के आज 18 अक्टूबर को इसका प्रकाशन शुरु हो गया। न कोई लोकार्पण और न कोई लोकार्पण समारोह। हर तरह की तड़क-भड़क से दूर बिल्कुल हौले से दस्तक। […]

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डीडी पटना के पहले समाचार संपादक एम ज़ेड अहमद सम्मानित

रवींद्र भवन में आयोजित दूरदर्शन केंद्र पटना के रजत जयंती समारोह में दूरदर्शन केंद्र पटना से प्रसारित पहले बुलेटिन के समाचार संपादक रहे एम ज़ेड अहमद को सम्मानित किया गया।  इस अवसर पर दूरदर्शन के कई पूर्व अधिकारियों और कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया। गौरतलब है कि 13 अक्टूबर 1990 को सबसे पहले दूरदर्शन पटना से 15 मिनट का पहला प्रादेशिक समाचार का प्रसारण संध्या सात बजे हुआ था। कल रजत जयंती कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत गान से हुई। इसके बाद दूरदर्शन के अब तक के सफर पर बनी एक छोटी सी डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई। दूरदर्शन की गतिविधियों पर मिसेस […]

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अखबारों-टीवी चैनलों के लिए टर्निंग पॉइंट है बिहार चुनाव

‘हिंदी के बड़े तुरर्म खां अखबारों के लिए राजनैतिक मोर्चे पर स्थाई तौर पर सूखा बन गया है। मीडिया के मालिकों को भाजपा से कमाई की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। और जब सत्तारूढ़ पार्टी सूखा रखेगी तो विरोधी पार्टियों से तो वैसे ही कुछ नहीं मिलना है।’ विस्तार से पढ़िए हिंदी दैनिक अखबार नया इंडिया के वरिष्ठ पत्रकार व संपादक हरिशंकर व्यास का विश्लेषण…… नरेंद्र मोदी और अमित शाह न केवल भारत की राजनीति, चुनाव लड़ने के तौर-तरीकों को बदल दे रहे हैं बल्कि मीडिया को आटे-दाल का भाव मालूम करा दे रहे हैं। बिहार का चुनाव हिंदी-अंग्रेजी अखबारों, टीवी चैनलों के […]

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