डमी मीडिया का समाजवाद

पत्रकार-सर हम ब्यूरो चीफ है। स्त्रैण आवाज में बोलते हुए ”सर हम आपकी पत्रिका से जुड़ना चाहते है।“ मैगजीन देखने के बाद और फिर आवाज को थोड़ा मजबूत करते हुए, ”आपकी मैगजीन में तो विज्ञापन दिख ही नहीं रहा। आप इस पत्रिका और अखबार को देखियें। यह अखबार तो चलता भी […]

Read more

कोई रास्ता दिखा दे…

ऐसी जगह बता दे, कोई रास्ता दिखा दे… जिस रास्ते पे चल कर, ये खिज़ा रशीद गुलशन… ये उदासियों का मौसम, ये बेबसी का तिलिस्म… ये इंतज़ार आलोदा शमाएँ, ये सियाह रंग रातें… ये कुफ्र काली सोचें… ये अगयार के ताने… ये तंज भरे लहजे… ये काट खाती नज़रें ये समुद्र […]

Read more

आकर्षण का केन्द्रः बनी ममता बनर्जी की किताबें-पेंटिंग्‍स

पुस्तक मेले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा लिखी गईं किताबें आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। कविता और निबंध के रूप में लिखी गई उनकी पांच नई किताबों को ब्रिक्री के लिए रखा गया है। किताबों के अतिरिक्त ममता की पेंटिंग्स भी इस मेले का आकर्षण हैं। 1995 से लिखती आ […]

Read more

यमराज और स्वर्ग प्राप्ति के नये नियम

राज़नामा.कॉम। यमराज  अपने सिंहासन पर विराजमान हो,  उंघ रहे थे कि चिंतित चित्रगुप्त ने आकर उन्हे डिस्टर्ब कर दिया। यमराज बोले-  “चित्रगुप्त हमारी रानी की तरह तुम्हे भी क्या हमारा सुख देखना पसंद नही।” चित्रगुप्त ने सफ़ाई दी – “महाराज, दो आपात कालीन पत्र आये हैं एक स्वर्ग से दूसरा नर्क […]

Read more

तितली का संघर्ष

एक बार एक आदमी को अपने बाग़ में टहलते हुए किसी टहनी से लटकता हुआ एक तितली का कोकून दिखाई पड़ा. अब हर रोज़ वो आदमी उसे देखने लगा , और एक दिन उसने ध्यान किया कि उस कोकून में एक छोटा सा छेद बन गया है. उस दिन वो वहीँ […]

Read more

मेरे पास सिद्धांत है और कोई सत्ता नहीं

राजनामा.कॉम के  लिए बरोदा के पुराना छात्र भुचुंग सोनम  की कविताः मेरे पास सिद्धांत है और कोई सत्ता नहीं  तुम्हारे पास सत्ता है और कोई सिद्धांत नहीं  तुम तुम हो  मै मै हूं  समझोते का सवाल ही नहीं  तो शुरू होने दो युद्ध  मेरे पास सत्य है और कोई ताकत नहीं  तुम्हारे […]

Read more

गांधी का चौथा बन्दर

गाँधी के तीनों बन्दर लम्बे समय से एक ही स्थिति में रहते हुए बहुत परेशान हो गये थे। एक दिन उन्होंने आपस में सलाह की कि अब हमें अपनी भूमिकायें बदल लेनी चाहिए। इसके फलस्वरूप जिस बन्दर ने अपना मुँह बन्द कर रखा था, उसने आँखें बन्द कर लीं, जिसने आँख […]

Read more

ब्राह्मण और बकरा

किसी गांव में मित्रशर्मा नामक एक ब्राह्मण रहता था। एक बार वह अपने यजमान से एक बकरा लेकर अपने घर जा रहा था। रास्ता लंबा और सुनसान था। आगे जाने पर रास्ते में उसे तीन ठग मिले। ब्राह्मण के कंधे पर बकरे को देखकर तीनों ने उसे हथियाने की योजना बनाई।  […]

Read more

दोहे में छुपे स्वास्थ्य मंत्र

1.जहाँ कहीं भी आपको,काँटा कोइ लग जाय। दूधी पीस लगाइये, काँटा बाहर आय।। 2.मिश्री कत्था तनिक सा,चूसें मुँह में डाल। मुँह में छाले हों अगर,दूर होंय तत्काल।। 3.पौदीना औ इलायची, लीजै दो-दो ग्राम। खायें उसे उबाल कर, उल्टी से आराम।। 4.छिलका लेंय इलायची,दो या तीन गिराम। सिर दर्द मुँह सूजना, लगा होय […]

Read more

जिद का सपना

एक व्यक्ति की जिद और उसका सपना  पूरे क्षेत्र का परिदृश्य बदल सकते हैं परिवेश बदल सकते हैं जिद देखने को अक्सर मिल जाती सपनों से वे अक्सर कंगाल होते है घर की जिद भी हवा बदल देती सपनों को तोड़ देती है जिद सपनो के लिए नहीं होती खुद सही […]

Read more
1 3 4 5 6