ये हैं मोदी सरकार के पद्म पुरस्कारों के हकदार !

केंद्र की भाजपा नीत मोदी सरकार ने पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी है,  जिसमें भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, अभिनेता दिलीप कुमार और अमिताभ बच्चन, माइक्रोसाफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स, मशहूर पहलवान सतपाल, पत्रकार रजत शर्मा, पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल आदि के नाम शामिल हैं। आज घोषित इन पद्म पुरस्कारों में नौ पदम विभूषण, 20 पद्म भूषण और 75 पद्म श्री अलंकरण प्रदान किए गए. इनमें से 17 महिलाएं और 17 विदेशी, प्रवासी भारतीय और भारतीय मूल के लोग शामिल हैं। पद्म पुरस्कार पाने वालों में नजीर इस्माइली समुदाय के प्रमुख अल हुसैनी आगा खान, बोरा समुदाय के […]

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अखिल भारतीय स्वतंत्र लेखक मंच का 24वाँ साहित्य उत्सव समारोह

मुक्त धारा ओडिटोरियम भाई वीर सिंह मार्ग, गोल मार्केट, नई दिल्ली में अखिल भारतीय स्वतन्त्र लेखक मंच का 24 वाँ वार्षिक साहित्य उत्सव महामना श्री मदन मोहन मालवीय, आदर्श पुरुष, मोहम्मद रफ़ी प्रख्यात गायक, श्री धर्मवीर भारती,लेखक कवि नाटककार,श्री बनारसीदास चतुर्वेदी, प्रसिद्ध पत्रकार, एवं श्री जैनेन्द्र कुमार, प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक कथाकार की  की याद मे उनकी जयंती के रूप आयोजित किया गया। अखिल भारतीय स्वतन्त्र लेखक मंच के अध्यक्ष श्री लक्ष्मण सिंह स्वतंत्र सहित वरिष्ठ समाज सेवी यशपाल गुप्ता ने कार्यक्रम का उद्घघाटन एंव सरस्वती चित्र पर दीप प्रज्व्वालित कर किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री नागमणि ,पूर्व महापौर महेश […]

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राष्ट्रीय अस्मिता से जुड़ा है हिन्दी का सवाल

भाषा का सवाल राष्ट्रीय अस्मिता से जुड़ा है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय अस्मिता के प्र्रवल पक्षधर थे। राष्ट्रभाषा के संदर्भ में अपनी पुस्तक ‘ हिन्द स्वराज’ में 1909 में ही अपना नजरिया स्पष्ट कर दिया था-‘‘ सारे भारत के लिये जो भाषा चाहिए, वह तो हिन्दी ही होगी। भारत की भाषा अंग्रेजी नहीं है, हिन्दी है। वह आपको सीखनी पड़ेगी। इसके बाद 15 अक्टूबर 1917 को भागलपुर के कटहलबाड़ी क्षेत्र में बिहारी छात्रों का एक सम्मेलन आयोजित किया गया था। देषरत्न डा. राजेन्द्र प्रसाद के निर्दोष पर बिहारी छात्रों के संगठन का काम लालूचक के श्री कृष्ण मिश्र को सौंपा गया था। […]

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संसद में कविताः ‘अच्छे दिन कब आने वाले हैं’

आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान ने ससंद में बजट पर बहस के दौरान एक कविता पढ़ी थी। ‘अच्छे दिन कब आने वाले हैं’ शीर्षक वाली यह कविता सोशल मीडिया पर खूब शेयर हो रही है। आप भी पढ़िए………… पहले किराया बढ़ाया रेल का फिर नंबर आया तेल का खुद 10 साल करते रहे नुक्ताचीनी आते ही दो रुपए किलो महंगी कर दी चीनी हर कोई सपने दिखाकर आम आदमी को ठग रहा है आम आदमी को अब डर चीन से नहीं, चीनी से लग रहा है दुनिया मून पर, सरकार हनीमून पर पूछ रहे सारे देश के चायवाले हैं […]

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कोई फर्क नहीं पड़ता, राजा रावण हो या राम !

अच्छें दिनों की उम्मीद लगाये बेठे लोगों के लिए श्री सुरेन्द्र शर्मा की मशहूर कविता……….! कोई फर्क नहीं पड़ता, इस देश में राजा रावण हो या राम। जनता तो बेचारी सीता है रावण राजा हुआ, तो वनवास से चोरी चली जाएगी और राम राजा हुआ तो, अग्नि परीक्षा के बाद फिर वनवास में भेज दी जाएगी। कोई फर्क नहीं पड़ता इस देश में राजा कौरव हो या पांडव, जनता तो बेचारी द्रौपदी है कौरव राजा हुए तो , चीर हरण के काम आयेगी और पांडव राजा हुए तो जुए में हार दी जाएगी। कोई फर्क नहीं पड़ता इस देश में राजा […]

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वही सफलता पाता है

पीपल मेरे पूज्य पिताजी, तुलसी मेरी माता है। बरगद को दादा कहते से, मन पुलकित हो जाता है।।  बगिया में जो आम लगा है, उससे पुश्तैनी नाता। कहो बुआ खट्टी इमली को, मजा तब बहुत आता है।। घर में लगा बबूल पुराना, वह रिश्ते का चाचा है। मैं हूं बेटे मामा तेरा, यह कटहल चिल्लाता है।। आंगन में अमरूद लगा है, मंद मंद मुस्कराता है। उसे बड़ा भाई कह दो तो, ढेरों फल टपकाता है।। यह खजूर कितना ऊंचा है,  नहीं काम कुछ आता है। पर उसको मौंसा कह दो, मीठे खजूर खिलवाता है।।  अब देखो यह गोल मुसंबी, इसका पेड़ […]

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बन गया “आप” का दागी नेता

भ्रष्टाचार के खिलाफ बिगुल फ़ुका, जेल जाने से भी मैं  ना  चुका, भ्रष्ट व्यवस्था ही भारी पड़ गयी, बन गया “आप” का दागी नेता। बन गया … हत्या-अपहरण का दोषी बताते, देश के अमीर खान अभिनेता, वे देश दुनिया में वाहवाही पाते, वाह ! सत्यमेव जयते के प्रणेता। बन गया … चुनाव आयोग तक गुहार लगाई, वहाँ से भी कभी जबाब ना आई, निर्वाचन सदन की दीवारें शरमाई, संपत साहब को कोई जगा लेता। बन गया … ई-मेल, ई-फ़ाईल और स्वयं जाकर, उच्चतम न्यायालय को भी पुकारा,  “आम आदमी” इस व्यवस्था से हारा, अदालतों पर कोई भरोसा दिला देता। बन गया […]

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और संजय सहाय ‘हंस’ के संपादक बन गये

जयप्रकाश नारायन की शिष्यों मे एक थी सुशीला सहाय । दयानंद सहाय के साथ उनका विवाह जयप्रकाश नारायन की इच्छा से हुआ था। सुशीला सहाय एक समाजवादी सोच की महिला थी जबकि दयानंद सहाय पूर्णत: व्यवसायिक सोच के। जयप्रकाश नारायन की नजदीकी और शादी के बाद आये पैसे ने दयानंद सहाय को राजनीति मे पांव जमाने में मदद की। वैसे कहा तो यह जाता है कि दयानंद सहाय के पास दलाई लामा का दिया हुआ धन था जिसकी बदौलत वे आगे बढे। जुगाड की राजनीति के माहिर दयानंद सहाय दौलत की बदौलत राज्यसभा मे पहुंचते रहे। जब दौलत आ जाती है […]

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कुछ अख़बार को देवत, कुछ पतरकार को देवत

राजनामा.कॉम (विनायक विजेता)। रोज समाचार में सब हमरा नाम जपत:  एक दिन एक नेता की पत्नी ने पूछा अजी बताओ भ्रष्टाचार पर लंबा-चैड़ा भाषण देने में तुम्हे शर्म नहीं आती नेताजी बोले.. डार्लिंग ये बात तो तुम्हें टीवी वाले बाबाओं से पूछनी चाहिए कि क्या उन्हें लोगों का मूर्ख बनाते समय धर्म की याद नहीं आती जब बाबा रामदेव को शमीज-सलवार पहन भागने में शर्म नहीं आती आशाराम बापू जब कुमारी कन्यायों का कौमार्य तोड़ सकते हैं… तो हम तो नेता ठहरे, कुछ भी कर सकते हैं.. भ्रष्टाचार की बात चलेगी तो समझो हैं हम गूंगे-बहरे फिर दूसरा सवाल पत्नी ने दागा […]

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राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष महुआ माजी का विरोध

राजनामा.कॉम।  झारखण्ड प्रदेश महिला कांग्रेस कमिटी की अध्यक्ष आभा सिन्हा, झारखण्ड प्रदेश राष्ट्रवादी महिला कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष प्रभा सिंह, झारखण्ड प्रदेश राजद महिला की अध्यक्ष लीला दास एवं जैक अधिकार महिला मंच की प्रवक्ता व पूर्व पार्षद रानी कुमारी ने संयुक्त रूप से मोरहाबादी स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष झारखण्ड राज्य महिला आयोग के लिए मनोनीत अध्यक्ष का विरोध करने का संकल्प लिया है। साथ ही साथ उन्होंने मांग की है कि झारखण्ड राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद पर राजनीति के साथ-साथ सामाजिक सरोकार के अलावा वर्षों से अपने-अपने संगठन में सक्रिय रूप से भागीदारी निभाने वाली […]

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अब हिंदी कहावत बनेगी कि सोने से सोना मिलता है !

राजनामा.कॉम (राजीव रंजन)। जब से शोभन सरकार को सोने का सपना आया है, उस दिन से मैं काफी परेशान चल रहा हूं. कई सपने देख रहा हूं, लेकिन सोने का सपना नहीं देख पा रहा. टनों तो जाने दीजिए, दस साल की नौकरी के बाद भी 100 ग्राम सोना तक नहीं खरीद पाया हूं. बचपन से एमए तक अमीर बनने के लिए कई किताबें पढ़ीं, लेकिन कमबख्त एक भी किताब में ऐसी तरकीब नहीं थी, जिससे अमीर बन सकें. जब किताब पढ़ कर सो जाता था, तो रात को सपने में कई बार अमीर बना, लेकिन नींद खुलते ही मार पड़ने […]

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बिल्ली और चूहे पर बने रोचक मुहावरे

अक्सर कहते सुना होगा या ख़ुद ही इन वाक्यों का प्रयोग किया होगा ‘नौ सौ चूहे खाके बिल्ली चली हज को’, या ‘बिल्ली के भागो छींका टूटा’ या ‘बिल्ली बख़्शे चूहा लिंडोरा ही भला’, या ‘बिल्ली के गले घंटी कौन बांधे’, या ‘बिल्ली रास्ता काट गई’ वग़ैरह. हम प्रायः पशु, पक्षियों और कीड़ों-मकोड़ों के हवाले से अपनी बात कहते हैं और जो जानवर मनुष्य से जितना क़रीब होता है, उसका उतना ही प्रयोग होता है. हर भाषा में पशु, पक्षियों और कीड़ों मकोड़ों के हवाले से मुहावरे और कहावतें मौजूद हैं. आज हम बिल्ली (cat) और चूहे (rat or mouse) के […]

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