देश के तीन और साहित्यकारों ने लौटाये अपने सम्मान

कश्मीरी लेखक और कवि गुलाम नबी खयाल भी साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटाने वाले लेखकों में शामिल हो गए हैं। उन्होंने यह कहते हुए सम्मान लौटाने का ऐलान किया कि आज देश में अल्पसंख्यक असुरक्षित और खतरा महसूस करते हैं। उनके साथ ही मध्यप्रदेश के जाने-माने कवि और लेखक राजेश जोशी ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हो रहे हमलों के विरोध में साहित्य सम्मान लौटाने का फैसला लिया है। खयाल ने सोमवार को समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘मैंने पुरस्कार लौटाने का फैसला किया है। देश में अल्पसंख्यक असुरक्षित और खतरा महसूस कर रहे हैं। उन्हें अपना भविष्य अंधकारमय लग रहा है।’’ […]

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आंखों देखी फांसीः एक रिपोर्टर के रोमांचक अनुभव का दस्तावेज

राजनामा.कॉम। किसी पत्रकार के लिये यह अनुभव बिरला है तो संभवत: हिन्दी पत्रकारिता में यह दुर्लभ रिपोर्टिंग।  लगभग पैंतीस वर्ष बाद एक दुर्लभ रिपोर्टिंग जब किताब के रूप में पाठकों के हाथ में आती है तो पीढिय़ों का अंतर आ चुका होता है। बावजूद इसके रोमांच उतना ही बना हुआ होता है जितना कि पैंतीस साल पहले। एक रिपोर्टर के रोमांचक अनुभव का दस्तावेज के रूप में प्रकाशित किताब ‘आंखों देखी फांसी’ हिन्दी पत्रकारिता को समृद्ध बनाती है । देश के ख्यातनाम पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक के रूप में स्थापित श्री गिरिजाशंकर की बहुप्रतीक्षित किताब का विमोचन भोपाल में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री […]

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आलोक श्रीवास्तव को ‘राष्ट्रीय दुष्यंत कुमार अलंकरण’ सम्मान

जाने-माने युवा कवि, लेखक और टीवी पत्रकार आलोक श्रीवास्तव को साल 2014 के ‘राष्ट्रीय दुष्यंत कुमार अलंकरण’ से सम्मानित किया जाएगा। दुष्यंत कुमार स्मारक पाण्डुलिपि संग्रहालय, भोपाल की ओर से हर साल दिए जाने वाले इस प्रतिष्ठित अलंकरण की घोषणा 17 मार्च को भोपाल में की गई। साल 1998 में राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित यह अलंकरण पहली बार दुष्यंत के ही तेवर के शायर अदम गोंडवी को दिया गया था। तब से अब तक अनेक ख्यातनाम साहित्यकारों को यह प्रतिष्ठित अलंकरण दिया जा चुका है, जिनमें डॉ. ज्ञान चतुर्वेदी, लीलाधर मंडलोई, निदा फाज़ली, अशोक चक्रधर, चित्रा मुद्गल, राजेश जोशी, मृणाल पाण्डेय […]

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भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल पर बिहार के सीएम की कविता

भूमि अधिग्रहण क़ानून में संशोधन के विरोध में एक दिन का उपवासः किसानों को दिखाए सब्ज़ बाग़ और खूब किया प्रचार। अच्छे दिन हम लाएंगे बस बना दो सरकार। किसानों के वोट से और पूंजीपतियों के नोट से। भाजपा की सरकार बनी 31 प्रतिशत सपोर्ट से। जीत में इतना फूल गए कि सारे वादे भूल गए। पूँजीपतियों के वारे न्यारे करने में मशगूल भए। कोर्पोरेट को लुभाने को पूंजीपतियों को रिझाने को। मोदी सरकार अध्यादेश लाई किसान की ज़मीन हथियाने को। चारो तरफ जब हुआ शोर सब चिल्लाते चोर चोर। भागे अध्यादेश छोड़ डरकर आए संसद की ओर। जब लोकसभा में […]

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पत्रकारिता से मुश्किल काम है राजनीति :आशुतोष

“राजधर्म केवल शासकों का नहीं होता। हर नागरिक के कुछ राजधर्म होते हैं। हर कोई अगर ईमानदारी से अपना राजधर्म निभाए तो देश आगे बढ़ेगा। राजनीति पत्रकारिता से ज्यादा मुश्किल होती है।” इस तरह के विचार वरिष्ठ पत्रकार और आम आदमी पार्टी के नेता आशुतोष की पुस्तक ‘मुखौटे का राजधर्म’ के विमोचन के मौके पर व्यक्त किए गए। किताब में आशुतोष द्वारा अलग-अलग समाचार पत्रों में लिखे गए लेखों का संकलन किया गया है। हिन्दी के प्रख्यात आलोचक प्रो. नामवर सिंह व हिन्दुस्तान के प्रधान संपादक शशि शेखर ने आशुतोष की पुस्तक का विमोचन किया। पुस्तक मेले के हॉल संख्या आठ […]

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ये हैं मोदी सरकार के पद्म पुरस्कारों के हकदार !

केंद्र की भाजपा नीत मोदी सरकार ने पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी है,  जिसमें भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, अभिनेता दिलीप कुमार और अमिताभ बच्चन, माइक्रोसाफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स, मशहूर पहलवान सतपाल, पत्रकार रजत शर्मा, पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल आदि के नाम शामिल हैं। आज घोषित इन पद्म पुरस्कारों में नौ पदम विभूषण, 20 पद्म भूषण और 75 पद्म श्री अलंकरण प्रदान किए गए. इनमें से 17 महिलाएं और 17 विदेशी, प्रवासी भारतीय और भारतीय मूल के लोग शामिल हैं। पद्म पुरस्कार पाने वालों में नजीर इस्माइली समुदाय के प्रमुख अल हुसैनी आगा खान, बोरा समुदाय के […]

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अखिल भारतीय स्वतंत्र लेखक मंच का 24वाँ साहित्य उत्सव समारोह

मुक्त धारा ओडिटोरियम भाई वीर सिंह मार्ग, गोल मार्केट, नई दिल्ली में अखिल भारतीय स्वतन्त्र लेखक मंच का 24 वाँ वार्षिक साहित्य उत्सव महामना श्री मदन मोहन मालवीय, आदर्श पुरुष, मोहम्मद रफ़ी प्रख्यात गायक, श्री धर्मवीर भारती,लेखक कवि नाटककार,श्री बनारसीदास चतुर्वेदी, प्रसिद्ध पत्रकार, एवं श्री जैनेन्द्र कुमार, प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक कथाकार की  की याद मे उनकी जयंती के रूप आयोजित किया गया। अखिल भारतीय स्वतन्त्र लेखक मंच के अध्यक्ष श्री लक्ष्मण सिंह स्वतंत्र सहित वरिष्ठ समाज सेवी यशपाल गुप्ता ने कार्यक्रम का उद्घघाटन एंव सरस्वती चित्र पर दीप प्रज्व्वालित कर किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री नागमणि ,पूर्व महापौर महेश […]

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राष्ट्रीय अस्मिता से जुड़ा है हिन्दी का सवाल

भाषा का सवाल राष्ट्रीय अस्मिता से जुड़ा है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय अस्मिता के प्र्रवल पक्षधर थे। राष्ट्रभाषा के संदर्भ में अपनी पुस्तक ‘ हिन्द स्वराज’ में 1909 में ही अपना नजरिया स्पष्ट कर दिया था-‘‘ सारे भारत के लिये जो भाषा चाहिए, वह तो हिन्दी ही होगी। भारत की भाषा अंग्रेजी नहीं है, हिन्दी है। वह आपको सीखनी पड़ेगी। इसके बाद 15 अक्टूबर 1917 को भागलपुर के कटहलबाड़ी क्षेत्र में बिहारी छात्रों का एक सम्मेलन आयोजित किया गया था। देषरत्न डा. राजेन्द्र प्रसाद के निर्दोष पर बिहारी छात्रों के संगठन का काम लालूचक के श्री कृष्ण मिश्र को सौंपा गया था। […]

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संसद में कविताः ‘अच्छे दिन कब आने वाले हैं’

आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान ने ससंद में बजट पर बहस के दौरान एक कविता पढ़ी थी। ‘अच्छे दिन कब आने वाले हैं’ शीर्षक वाली यह कविता सोशल मीडिया पर खूब शेयर हो रही है। आप भी पढ़िए………… पहले किराया बढ़ाया रेल का फिर नंबर आया तेल का खुद 10 साल करते रहे नुक्ताचीनी आते ही दो रुपए किलो महंगी कर दी चीनी हर कोई सपने दिखाकर आम आदमी को ठग रहा है आम आदमी को अब डर चीन से नहीं, चीनी से लग रहा है दुनिया मून पर, सरकार हनीमून पर पूछ रहे सारे देश के चायवाले हैं […]

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कोई फर्क नहीं पड़ता, राजा रावण हो या राम !

अच्छें दिनों की उम्मीद लगाये बेठे लोगों के लिए श्री सुरेन्द्र शर्मा की मशहूर कविता……….! कोई फर्क नहीं पड़ता, इस देश में राजा रावण हो या राम। जनता तो बेचारी सीता है रावण राजा हुआ, तो वनवास से चोरी चली जाएगी और राम राजा हुआ तो, अग्नि परीक्षा के बाद फिर वनवास में भेज दी जाएगी। कोई फर्क नहीं पड़ता इस देश में राजा कौरव हो या पांडव, जनता तो बेचारी द्रौपदी है कौरव राजा हुए तो , चीर हरण के काम आयेगी और पांडव राजा हुए तो जुए में हार दी जाएगी। कोई फर्क नहीं पड़ता इस देश में राजा […]

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