‘मुंशिया के पापा’

दो औरतें आपस में अपने घर के सामने खड़ी होकर बतिया रही थीं। शाम को धुंधलका था- शक्ल तो नहीं देख सका अलबत्ता उनके मुख उच्चारण उपरान्त निकले शब्दों का श्रवण स्वान सदृश तीव्र कर्णों से किया था। बड़ा आनन्द आया। मुझे लगा कि इनसे बड़ा कोई आलोचक नहीं हो सकता। […]

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 जलना चाहता हूँ मैं तो बनकर इक दिया,देखो अँधेरा जग में कहीं अब रह न जाये

नई ज्योति के संग झिलमिल करके दिल में अपने उम्मीदों के रंग भरके, करूँ रौशनी मैं तो झम झम यार निशा की गली में यूँ तम खो जाये जैसे तिमिर को कोई जुगनू खा जाये हो बाती का मुझसे प्यार ऐसा मेरे प्यार में झूमे संसार ऐसा रौशनी संसार को इतनी […]

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मैं कलम का सिपाही हूं, मेरी प्यारी कलम आज उनकी जय बोल

जला दे नफरत की आग में अपनी मानवता को कर तू अब अनमोल मैं कलम का सिपाही हूँ मेरी प्यारी कलम आज उनकी जय बोल जो चढे फाँसी पे भारत माँ की जय बोल तू ही लगा दे उनकी गर्दन का कुछ मोल चन्द्र शेखर प्यारा भगत सिंह मेरा दुलारा राणा […]

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सुरेन्द्र शर्मा की हास्य होली के निशाने पर यूं रहे नामी हस्तियां

धौनी पर धमाल हम क्रिकेटवालों की एक ही नियति है जीत गए तो सिर पर बैठाएंगे हार गए तो जूता दिखाएंगे यह मीडियावाले भी कम नहीं हैं जीत गए तो रंगारंग कार्यक्रम बनाएंगे हार गए तो हमारे क्रियाकर्म का सामान जुटाएंगे हम हारते हैं या जीतते हैं, हम देश के लिए […]

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नारी की बद्दतर हालत का सबसे बड़ा कारण है लिंग भेद

नारी शक्ति और महिलाओं के उत्थान के लिए वर्षों से लिखा जाता रहा है / बोला जाता रहा है। पर सचाई यह है की नारी की स्तिथि आज भी बेहतर नहीं हो पायी है। इसका सबसे बड़ा कारण लिंग भेद है। और जब तक बेटा – बेटी में फर्क किया जाता रहेगा न […]

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” झारखण्डी नृत्य की विविधता , उराँव जनजाति की महत्ता के साथ “

भारत के मानचित्र में अंकित ऐतिहासिक क्षेत्र छत्तीसगढ़  एवं झारखण्ड आदिवासीयों के निवास के लिए काफी प्रसिद्ध है। झारखण्ड क्षेत्र की अपनी ऐतिहासिक भौगोलिक और संस्कृति की पहचान तो है ही ये अन्य जनजातियों की भाँति आत्मवाद में विश्वास करते हैं, तथा सबसे बड़ा देवता आत्मा है जिसे ये धर्मेश कहते हैं […]

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हाँ मैं झारखण्ड हूँ

मैं अपनी विशेषता के लिए जाना जाता है। हमारा देश अपनी सभ्यता एवं संस्कृति के लिए पुरे संसार में विख्यात है। हमारा भारत देश अपने यहाँ होने वाले पूजा – पाठ , पर्व के लिए भी बेहद प्रसिद्ध है , अलग – अलग धर्म के लोग यहाँ निवास करते हैं , जहाँ आस्थानुसार लोगों […]

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भारतीय मंदिर, जो कभी दिखता है तो कभी गायब हो जाता है

यह बताने की जरूरत नहीं है कि भारत एक प्राचीनतम सभ्यता वाला सांस्कृतिक देश हैं. यह विश्व के उन गिने-चुने देशों में से एक है जहां हर वर्ग और समुदाय के लोग शांतिपूर्वक रहते हैं. यहां की भगौलिक स्थिति, जलवायु और विविध संस्कृति को देखने के लिए ही विश्व के कोने-कोने […]

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हिन्दी के ही एफएम चैनल कर रहे हैं हिन्दी का बेड़ा गर्क :राहुल देव

‘वर्तमान में मीडिया में हिंदी की जो स्थिति है, वह लंगड़ी, लूली और अपाहिज भाषा सी है। इसका असर यह होगा कि जो लोग भाषाई अपाहिज हैं, वे आगे चलकर बौद्धिक अपाहिज हो जाएंगे। यह हिंदी की दैनिक हत्या जैसा है। कोई भी स्वाभिमान समाज ऐसा नहीं करता, जैसा हमारे यहां […]

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द नेशनल फाउंडेशन फॉर इंडिया की मीडिया फेलोशिप का डेडलाइन 30 दिसंबर

द नेशनल फाउंडेशन फॉर इंडिया (NFI) युवा कार्यरत पत्रकारों के लिए एक मीडिया फेलोशिप कार्यक्रम संचालित करता है। इस वर्ष प्रिंट के दस पत्रकारों को फेलोशिप से सम्‍मानित किया जाएगा। जिसके अंतर्गत उन्‍हें विभिन्‍न विषयों के आधार पर भारत में व्‍यापक सामाजिक विकास के मुद्दों पर शोध कर लेखन करना होगा। […]

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