‘मुंशिया के पापा’

दो औरतें आपस में अपने घर के सामने खड़ी होकर बतिया रही थीं। शाम को धुंधलका था- शक्ल तो नहीं देख सका अलबत्ता उनके मुख उच्चारण उपरान्त निकले शब्दों का श्रवण स्वान सदृश तीव्र कर्णों से किया था। बड़ा आनन्द आया। मुझे लगा कि इनसे बड़ा कोई आलोचक नहीं हो सकता। वह क्या कह रही थी जब आप पढ़ेंगे तो आप को भी आनन्द की अनुभूति होगी। वह जो आदमी जा रहा है, उसे मैं अपने मोहल्ले में पिछले 40 सालों से देख रही हूँ। इस मोहल्ले में यह ऐसा आदमी है जिसने हमारी बहू-बेटियों की तरफ मुँह करके नहीं देखा […]

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 जलना चाहता हूँ मैं तो बनकर इक दिया,देखो अँधेरा जग में कहीं अब रह न जाये

नई ज्योति के संग झिलमिल करके दिल में अपने उम्मीदों के रंग भरके, करूँ रौशनी मैं तो झम झम यार निशा की गली में यूँ तम खो जाये जैसे तिमिर को कोई जुगनू खा जाये हो बाती का मुझसे प्यार ऐसा मेरे प्यार में झूमे संसार ऐसा रौशनी संसार को इतनी दूंगा मैं उषा जा न पाए, निशा आ ना पाये मुझ दिए को कोई भुला ना पाये जलना चाहता हूँ मैं तो बनकर इक दिया देखो अँधेरा जग में कहीं अब रह न जाये अगर संसार में हैं कही मुझ बिन उदासी कोई तो होगी कही मेरी दर्श की प्यासी […]

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मैं कलम का सिपाही हूं, मेरी प्यारी कलम आज उनकी जय बोल

जला दे नफरत की आग में अपनी मानवता को कर तू अब अनमोल मैं कलम का सिपाही हूँ मेरी प्यारी कलम आज उनकी जय बोल जो चढे फाँसी पे भारत माँ की जय बोल तू ही लगा दे उनकी गर्दन का कुछ मोल चन्द्र शेखर प्यारा भगत सिंह मेरा दुलारा राणा संग जय गाये शिवाजी की हम अब लक्ष्मी बेटी के कर्म कोे वीर बेटो से तोल मैं कलम का सिपाही हूँ मेरी प्यारी कलम आज उनकी जय बोल जो अगणित दीपक बन वीर भाई ते हमारे जल गए देश खातिर तूफानों में एक किनारे, जले कई तूफानों में पर हारे […]

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सुरेन्द्र शर्मा की हास्य होली के निशाने पर यूं रहे नामी हस्तियां

धौनी पर धमाल हम क्रिकेटवालों की एक ही नियति है जीत गए तो सिर पर बैठाएंगे हार गए तो जूता दिखाएंगे यह मीडियावाले भी कम नहीं हैं जीत गए तो रंगारंग कार्यक्रम बनाएंगे हार गए तो हमारे क्रियाकर्म का सामान जुटाएंगे हम हारते हैं या जीतते हैं, हम देश के लिए खेलते हैं खेल कोई युद्ध नहीं, खेल भावना से लीजिए हमारे चेहरे पर गुलाल लगाइए, कालिख मत पोतिए। लपेट में लालू हम मथुरा के नहीं, बिहार के यदुवंशी हैं माखन चुराते हैं, रास रचाते हैं कोई हमें छोटा समझे, तो मुंह खोल उसे ब्रह्मांड दिखाते हैं गुजरात वाले रखते होंगे […]

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नारी की बद्दतर हालत का सबसे बड़ा कारण है लिंग भेद

नारी शक्ति और महिलाओं के उत्थान के लिए वर्षों से लिखा जाता रहा है / बोला जाता रहा है। पर सचाई यह है की नारी की स्तिथि आज भी बेहतर नहीं हो पायी है। इसका सबसे बड़ा कारण लिंग भेद है। और जब तक बेटा – बेटी में फर्क किया जाता रहेगा न ही भ्रूण हत्या रुकेगी और न ही हमारा देश विकाश की और बढ़ेगी। आज की नारी बहुत ही दृढ इक्षा शक्ति के साथ पहले की अपेक्षा आगे बढ़ी हैं , पर पहले भी नारी की आत्मविश्वास में कोई कमी नहीं थी। इस बात का उदाहरण ” झांसी की रानी ” जिसके […]

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” झारखण्डी नृत्य की विविधता , उराँव जनजाति की महत्ता के साथ “

भारत के मानचित्र में अंकित ऐतिहासिक क्षेत्र छत्तीसगढ़  एवं झारखण्ड आदिवासीयों के निवास के लिए काफी प्रसिद्ध है। झारखण्ड क्षेत्र की अपनी ऐतिहासिक भौगोलिक और संस्कृति की पहचान तो है ही ये अन्य जनजातियों की भाँति आत्मवाद में विश्वास करते हैं, तथा सबसे बड़ा देवता आत्मा है जिसे ये धर्मेश कहते हैं । झारखण्ड क्षेत्र की प्राचीन अस्मिता को दर्शाने वाले पौराणिक श्लोकों से हमें इसकी पहचान का आभास मिलता है । “उराँव” झारखण्ड की दूसरी बड़ी  जनजाति है जो बिहार , प. बंगाल , उङीसा मध्य प्रदेश , छत्तीसगढ , आसम एवं अंडमान निकोबार राज्य में पाई जाती है । झारखण्ड में […]

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हाँ मैं झारखण्ड हूँ

मैं अपनी विशेषता के लिए जाना जाता है। हमारा देश अपनी सभ्यता एवं संस्कृति के लिए पुरे संसार में विख्यात है। हमारा भारत देश अपने यहाँ होने वाले पूजा – पाठ , पर्व के लिए भी बेहद प्रसिद्ध है , अलग – अलग धर्म के लोग यहाँ निवास करते हैं , जहाँ आस्थानुसार लोगों के द्वारा अनेक देवी – देवताओं की पूजा की जाती है। हमारे देश में 29 राज्य हैं , हर राज्य में वहां के पर्व विशेष महत्वा रखते हैं। जैसे महाराष्ट्र का गणेश पूजा पुरे भारत में सबसे उम्दा माना जाता है। उसी तरह पुरे भारत में दुर्गा पूजा – काली पूजा मनाया जाता […]

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