मीडिया के लिए नहीं होना चाहिए कोई दिशा-निर्देशः चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा

राजनामा.कॉम। ‘लोकतांत्रिक समाज में प्रेस की आजादी तमाम आजादी की जननी है। इसमें कोई शक नहीं कि ये संविधान में दिए गए सबसे मूल्यवान अधिकारों में से एक है। इसमें जानने का अधिकार और सूचित करने का अधिकार भी समाहित है’ यह कहना है देश के मुख्य न्यायधीश (सीजेआई) दीपक मिश्रा […]

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पत्रकारिता दिवस पर विशेष: मीडिया तेरे कितने प्रकार?

‘बिना मीडिया की सरकार चाहिए या बिना सरकार का मीडिया‘ “सामाजिक सरोकारों तथा सार्वजनिक हित से जुड़कर ही पत्रकारिता सार्थक बनती है। सामाजिक सरोकारों को व्यवस्था की दहलीज तक पहुँचाने और प्रशासन की जनहितकारी नीतियों तथा योजनाओं को समाज के सबसे निचले तबके तक ले जाने के दायित्व का निर्वाह ही […]

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‘न तू अंधा है, न अपाहिज है, न निकम्मा है तो फिर ऐसा क्यूं’?

-: मुकेश भारतीय :- इसको भाव शून्यता कहिये, चाहे कहिये निर्बलता, नाम कोई भी दे सकते हैं आप मेरी मजबूरी को। कि जंगल-जगल ढूंढ रहा हूं, मृग बनके कस्तूरी को, बड़ा मुश्किल है तय करना, खुद से खुद की दूरी को।। कभी मेरी द्वारा रचित-प्रकाशित कविता के उपरोक्त अंश आज फिर […]

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फिर सबालों के घेरे में नालंदा की पत्रकारिता और पत्रकार संगठन

हमारे एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क के वरीय संपादन सहयोगी  पत्रकार जयप्रकाश नवीन पिछले दो दशक से सक्रीय लेखन के साथ आंचलिक पत्रकारिता से भी जुड़े रहे  हैं। राज्य से लेकर जिला, अनुमंडल व प्रखंड के गठित पत्रकार संगठनों के गवाह भी रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में नालंदा की मीडिया से […]

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एसडीओ की अदद चाय से हिलसा अनुमंडल पत्रकार संघ में यूं मचा घमासान

राजनामा न्यूज (मुकेश भारतीय)। मीडिया हाउस कितना भी बड़ा पूंजीगत क्यों न हो, उसकी रीढ़ आंचलिक पत्रकारिता होती है। इसे कोई नजंदाज नहीं कर सकता, लेकिन आज यदि हम देखें तो आंचलिक पत्रकारों के सामने नाना प्रकार के जटिल समस्याएं उठ खड़ी हुई हैं। उन सबमें सबसे जटिल चुनौती है आंचलिक […]

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प्रेस क्लब की सदस्यता में धांधली के बीच विजय पाठक को लेकर उभरे तत्थ

राजनामा.कॉम। अब जबकि प्रेस क्लब, रांची की तदर्थ कमिटि की सदस्यता अभियान के दौरान व्यापक पैमाने पर धांधली बरते जाने के बाद चुनाव प्रक्रिया की घोषणा कर दी गई है और समर्थ सदस्यों ने विभिन्न पदों के लिये नामांकण कर दिया है, ऐसे एक बड़ा सबाल उठता है कि जिन लोगों […]

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बिहार-झारखंड, यहां जदयू-भाजपा सरकार की आत्मा जिंदा कहां है ?

“सदियों से चली आ रही मनुवाद की जमीं पर आज की जातीवादी राजनीति ने समाज में एक ऐसे जहरीले कीड़े को बल दिया है, जिसके शिकार इन्सान न मर सकता है और न जिंदा ही रह सकता है। सबाल सिर्फ मानवता की नहीं है, सीधा सबाल शासन-प्रशासन की भी है। “ […]

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क्या कहेंगे अपने राजनेताओं के इस अल्प ज्ञान को !

कल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बिहार दौरे का कार्यक्रम और भाषण लगातार टीवी पर देख रहा था। पटना विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह में शिरकत कर रहे प्रधानमंत्री की प्रशंसा में कसीदे गढ़ने वाले एक राजनेता ने अपने भाषण में यहां तक कह डाला कि माननीय नरेन्द्र मोदी जी देश के इकलौते […]

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डिजीटल ‘वायर’ में फंसे भाजपा के ‘शाह’

भाजपा और इसकी अगुआई वाली केंद्र सरकार को उस समय से बड़े सियासी भूचाल का सामना करना पड़ रहा है, जब से एक वेबसाइट ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के बेटे की कंपनी का कारोबार एक साल में ही 16 हजार गुना बढ़ जाने की खबर प्रकाशित की है। वेबसाइट के […]

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ऐसी नौटंकी से क्या दूर होगा बाल विवाह और दहेज की कुप्रथा !

“शपथ नहीं सही शिक्षा और जागरुकता की जरुरत है बिहार को, क्या दहेज देने और लेने वाले कहेंगे कि हमने दहेज दिया या लिया, पूर्व से ही कड़े कानून बने हुए हैं इन दोनों कुप्रथाओं के खिलाफ” वरिष्ठ पत्रकार विनायक विजेता का विश्लेषण… बीते 2 अक्टूबर को पूरे बिहार में बाल […]

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