पत्रकारिता की आड़ में राष्ट्रव्यापी दलाली का नमुना

 अखबार निकालने वाले लोग दलाली करके कोयला खदानों के मालिक बनने लगे हैं. ऐसे लोगों से क्या उम्मीद करेंगे कि वे जनता के पक्ष में अखबार चलायेंगे? ये लोग खुलेआम अपने रसूख का इस्तेमाल ठेका पाने, दलाली पाने में करने लगे हैं. और, रातोंरात सैकड़ों करोड़ रुपये कमाने में सफल हो […]

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बिन नाखून के शेर हैं झारखंड लोकायुक्त

इसे बिडवंना नहीं तो और क्या कहेगें कि झारखंड राज्य में आठ साल बाद भी लोकायुक्त को एक स्वतंत्र जांच एजेंसी की मान्यता तो दूर, राज्य लोकायुक्त अधिनियन के तहत दोषियों पर उन्हें सीधी कार्रवाई करने का अधिकार नहीं मिल सका है।जबकि यहां चहुंओर भ्रष्ट्राचार और कुव्यवस्था का बोलबाला है।वे अभी […]

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व्यवस्था के फिल्टर में छेद तो है हीं साहब

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री सुश्री ममता बनर्जी के बाद अब भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने न्यायपालिका को निशाने पर लिया है। वेशक भारत जैसे विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश में न्यायपालिका की भुमिका काफी अहम है। इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता है कि बहुतेरे […]

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असम में खतरा बने बांग्लादेशी

इन दिनों असम कई मामलों को लेकर सुर्खियों में है। संयोग कहिए या साजिश इन सारे मामलों में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से बांग्लादेशी मुसलमानों का हाथ बताया जा रहा है। पहली घटना एक महिला विधायक का है, जिसने अपनी राजनीति की शुरूआत भारतीय जनता पार्टी से की फिर कांग्रेस मे […]

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कुत्ता के मुंह में सूखी हड्डी और उसे मिलते स्वआनंद

बात 1992 की है। एक दिन मुजफ्फरपुर में एक साथी संवाददाता से मैंनें पूछा कि शुक्ला जी, किसी को कुछ मिलता नहीं। फिर भी इ पत्रकार भाई लोग इतना खुश कैसे रहता है। शुक्ला जी का जबाब था..” कुत्ता सूखी हड्डी चबाता है। खुन उसकी जीभ से निकलता है। और उ […]

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अविश्वास और उत्पीड़न का पर्याय है झारखंड पुलिस

जब किसी भी सिस्टम का फिल्टर खराब हो जाये, तब अविश्वास और उत्पीड़न जन्म लेता है। आज हम बात करते हैं पुलिस फिल्टर सिस्टम की। इसमें कोई शक नहीं कि पुलिस नेताओं खास कर सत्ता पर कुंडली मार कर बैठे व्यूरोकेट्स के इशारे पर नाचती है। एक आम आदमी के दुःख-दर्द […]

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प्रभात खबर ने छापी बेवुनियाद खबर

झारखंड की राजधानी रांची से प्रकाशित दैनिक प्रभात खबर के संवाददाता ने राजनामा डॉट कॉम के संचालक-संपादक की गिरफ्तारी  को  लेकर  बिल्कुल  असत्य और वेबुनियाद खबर लिखी है। उसने राजनामा डॉट कॉम के संचालक-संपादक पक्ष लेना तो दूर वादी की शिकायत और थाना में दर्ज प्राथमिकी को भी समाचार का आधार […]

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सूचना नहीं देता है झारखंड सूचना एवं जन संपर्क विभाग

राजनामा.कॉम (मुकेश भारतीय )। झारखंड सरकार का सूचना एवं जन संपर्क विभाग सरकारी राशि के महालूट का सिर्फ अड़्डा बन कर रह गया है। इसी का नतीजा है कि यह विभाग सूचना अधिकार अधिनियम-2005 के तहत भी एक आम सूचना  जन साधारण को उपलब्ध नहीं कराती। शायद इसलिये कि यहां कायदा-कानून […]

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काटजू जी, देखिये झारखंडी मीडिया की चाल-चरित्र

राजनामा.कॉम (मुकेश भारतीय) ।  झारखंडी मीडिया का एक विशेष गुण। जो जितना बड़ा चोर-उतना ही जोर से मचाता है शोर। बात चाहे प्रिंट मीडिया की हो या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की। हमाम में  सब नंगे। इसी संदर्भ में एक नई कड़ी जुट गई है कि यहां आम जनता के अरबो-खरबों रुपये की […]

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झारखंड सूचना एंव जन संपर्क विभाग में सिर्फ लूट का खेल

राज़नामा.कॉम ( मुकेश भारतीय )।  पत्रकारिता झारखंड की। कोई कहता है कि अखबार नहीं,आंदोलन। कोई कहता है कि अब चलेगी आपकी मर्जी। कोई कुछ तो कोई कुछ। लेकिन यहां न तो किसी अखबार का कोई आंदोलन दिखता है और न हीं किसी की मर्जी । इस लूटखंड में कॉरपोरेट मीडिया के […]

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