क्या हम बिहारी मराठी तमिलियन मणिपुरी नहीं हो सकते ?

“ये चाहते हैं सिर्फ बैल या शेर ही रहे।  क्या ये संभव है ?  और अगर संभव भी है तो क्या हम अपनी विरासत के साथ न्याय कर पायेंगे…………” -:  सिने-टीवी लेखकः धनंजय कुमार :- भारत विविधताओं का देश है। अलग रंग, अलग रूप, अलग बोली, अलग खानपान, अलग पहरावा, अलग […]

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विकल्प है, लेकिन अंधे हैं आप !

“लोकतंत्र में सत्ता और विपक्ष दोनों जनता ही होती है। इसलिए जो सवाल पूछते हैं कि विकल्प क्या है, वो या तो मूर्ख हैं या धूर्त हैं………….” राजनामा.कॉम। लोकतंत्र में विकल्प ही विकल्प होते हैं। क्योंकि चुनाव लड़ने का अधिकार देश के हर नागरिक को है। विशेषकर भारत तो असीमित विकल्प […]

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ऐसे मनबढ़ू अभद्र महिला इंस्पेक्टरों ने एक निरीह पत्रकार को सरेआम घेरकर बेइज्जत किया

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क। एक ह्वाट्सप ग्रुप पर सरकुलेट जिस कंटेंट को लेकर ये महिला पुलिसवाली सागर (मध्य प्रदेश) जिले के टीवी पत्रकार गोलू शर्मा को हड़का रही हैं, वो पोस्ट गोलू ने लिखी ही नहीं थी। जिस विनय सागर नामक सज्जन ने संबंधित कंटेंट पोस्ट किया है, वो खुल कर […]

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काश रामजीवन बाबू की ‘संचिका’ को चिदम्बरम तक समझ पाते!

“वर्ष1990: बिहार में कांग्रेस को हटाकर जनता दल सत्ता में आयी थी। लालू प्रसाद मुख्य मंत्री बने थे। उनके एक मंत्री थे पुराने सोशलिस्ट रामजीवन सिंह। उन्हें कृषि, पशुपालन, मत्स्य सहकारिता मंत्री बनाया गया था……………..” हर नई सरकार की तरह पुरानी सरकार की फाईल खंगाली जा रही थी। सत्ता के गलियारे […]

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पता नहीं कब हम अर्थ और व्यर्थ का अर्थ समझ पायेंगे!

“आज प्रेमचंद जीवित होते, तो देशद्रोही कहलाते। सोशल मीडिया पर ट्रोल होते और माँ बहन की ऐसी ऐसी गालियाँ खाते कि अपनी रचनाशीलता को कमतर मान लेते….” कल खबर पढ़ रहा था, उनके गाँव के घर की बत्ती गुल कर दी है बिजली विभाग ने। बिल नहीं भरा होगा। नियति देखिये, […]

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सुलगते सवालों का अजायब घर है अवनीन्द्र झा की ‘मिस टीआरपी’ पत्रकारिता

“प्रखर और धारदार लेखनी से पत्रकारिता जगत में अपनी अलग पहचान बनाने वाले अवनीन्द्र झा द्वारा लिखित मिस टीआरपी’ हास्य-व्यंग्य की शैली में लिखी गयी है। वे एनडीटीवी इण्डिया, मौर्या, ज़ी पुरवैया, दैनिक भाष्कर ,डीएलए और आउट लुक आदि में अपना योगदान दे चुके हैं…” एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क (दीपक विश्वकर्मा)। […]

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मशहूर सिने-टीवी लेखक धनंजय कुमार की ‘नीरज प्रताड़ना’ पर दो टूकः आत्ममुग्ध नीतीश बाबू के सुशासन में पुलिस-नौकरशाह दोनों अराजक

“नालंदा जिले के मूलतः बिन्द  निवासी एवं वर्तमान में मुबंई फिल्म नगरी के जाने-माने सिने-टीवी लेखक धनंजय कुमार ने राजनामा.कॉम पर रिपोर्टर नीरज संबंधित खबर का लिंक शेयर करते हुए बिहार के सीएम नीतीश कुमार को आयना दिखाया है। उन्होंने दो टूक लिखा कि कि खुद को चाणक्य कहला धन्य होने […]

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हिंदी पत्रकारिता दिवस: बिहार में साहित्यिक पत्रकारिता का विकास

“बिहार की हिंदी पत्रकारिता आज भी प्रगतिशील है। पत्रकारिता में पिछले कुछ सालों में ग्लैमर तो आया है मीडिया संस्थानों की बाढ़ सी आ गई है। कुल मिलाकर देखा जाए तो हिंदी पत्रकारिता ने बिहार को बहुत कुछ दिया है। सोशल मीडिया के विकास ने मीडिया को आज फेमस कर दिया […]

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आग लगी हमरी झोपड़िया में-हम गावैं मल्हार

आइ एम प्राउड ऑफ बीइंग ऐन इण्डियन………….भारत जो इण्डिया है…….. मैं उस देश का वासी हूँ जिस देश में गंगा बहती है…………….आज गोविन्दा की याद आ रही है…………….जी हाँ हम बॉलीवुड स्टार की बात कर रहे हैं, जिसने एक फिल्म में मुख्य भूमिका निभाया है, उस फिल्म का नाम है- जिस […]

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 जिन्दगी झण्ड बा….फिर भी घमण्ड बा….

“जिन्दगी भी गजब की होती है……….कुछ वर्ष पहले हमारे यहाँ एक आयोजन में भोजपुरी सुपरस्टार रवि किशन आए हुए थे, उन्होंने कहा था कि- जिन्दगी झण्ड बा फिर भी घमण्ड बा………” -:भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी  :- राजनामा.कॉम।  आज जब इलेक्शन का मौसम चल रहा है तब जिन्दगी शब्द काफी याद आ रहा […]

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