मशहूर सिने-टीवी लेखक धनंजय कुमार की ‘नीरज प्रताड़ना’ पर दो टूकः आत्ममुग्ध नीतीश बाबू के सुशासन में पुलिस-नौकरशाह दोनों अराजक

“नालंदा जिले के मूलतः बिन्द  निवासी एवं वर्तमान में मुबंई फिल्म नगरी के जाने-माने सिने-टीवी लेखक धनंजय कुमार ने राजनामा.कॉम पर रिपोर्टर नीरज संबंधित खबर का लिंक शेयर करते हुए बिहार के सीएम नीतीश कुमार को आयना दिखाया है। उन्होंने दो टूक लिखा कि कि खुद को चाणक्य कहला धन्य होने […]

Read more

हिंदी पत्रकारिता दिवस: बिहार में साहित्यिक पत्रकारिता का विकास

“बिहार की हिंदी पत्रकारिता आज भी प्रगतिशील है। पत्रकारिता में पिछले कुछ सालों में ग्लैमर तो आया है मीडिया संस्थानों की बाढ़ सी आ गई है। कुल मिलाकर देखा जाए तो हिंदी पत्रकारिता ने बिहार को बहुत कुछ दिया है। सोशल मीडिया के विकास ने मीडिया को आज फेमस कर दिया […]

Read more

आग लगी हमरी झोपड़िया में-हम गावैं मल्हार

आइ एम प्राउड ऑफ बीइंग ऐन इण्डियन………….भारत जो इण्डिया है…….. मैं उस देश का वासी हूँ जिस देश में गंगा बहती है…………….आज गोविन्दा की याद आ रही है…………….जी हाँ हम बॉलीवुड स्टार की बात कर रहे हैं, जिसने एक फिल्म में मुख्य भूमिका निभाया है, उस फिल्म का नाम है- जिस […]

Read more

 जिन्दगी झण्ड बा….फिर भी घमण्ड बा….

“जिन्दगी भी गजब की होती है……….कुछ वर्ष पहले हमारे यहाँ एक आयोजन में भोजपुरी सुपरस्टार रवि किशन आए हुए थे, उन्होंने कहा था कि- जिन्दगी झण्ड बा फिर भी घमण्ड बा………” -:भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी  :- राजनामा.कॉम।  आज जब इलेक्शन का मौसम चल रहा है तब जिन्दगी शब्द काफी याद आ रहा […]

Read more

धड़ाधड़ खुल रहे रीजनल चैनलों की कहानी, एक्सपर्ट वासिंद्र मिश्र की जुबानी

खतरे की शुरुआत तभी होती है, जब आप खबर में अपना पर्सनल एजेंडा डालने की कोशिश करते हैं या किसी के कहने पर किसी के एजेंडा को अपने माध्यम से आगे बढ़ाने की कोशिश करते हैं, तभी खतरा होता है। सबसे बड़ा खतरा पॉलिटिक्स की ओर है अथवा जो सरकारें बन […]

Read more

जब एक स्थानीय पत्रकार ने गाया ‘सवेरे बोले मोरबा,कोरबा छोड़ द बलमा’ तो झूम उठे सैनिक

राजनामा.कॉम। भूतपूर्व सैनिक कल्याण संघ के सदस्यों के द्वारा वार्षिक पारिवारिक मिलन सह वन भोज कार्यक्रम का आयोजन आदित्यपुर स्थित जयप्रकाश उद्यान में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भूतपूर्व सैनिक कल्याण संघ के सदस्य सपरिवार मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत भूतपूर्व सैनिकों द्वारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा को फहरा कर की […]

Read more

‘वेब जर्नलिज्म’ से अखबारों तथा मठाधीश पत्रकारों को खतरा

ऑनलाइन मीडिया ने देश में वैसे तो डेढ़ दशक पूर्व ही अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी थी। लेकिन आज इसका दायरा बढ़ता जा रहा है। हाल के वर्षों में डिजिटल मीडिया प्लेटफार्म का तेजी से विस्तार हुआ है। इसका प्रभाव समाचार पत्रों पर ज्यादा दिखता है। मतलब अखबारों के लिए खतरों […]

Read more

बचिये ऐसे विज्ञापनों से, हमें मूर्ख बना रहे हैं ये

आज से कुछ साल पहले तक डेटॉल और लाइफ बॉय अपने साबुन के एड में दिखाते थे कि उनके प्रोडक्ट से 99% तक जर्म मर जाते हैं, सिर्फ लगाकर धोने भर से। अब इनके हैंडवॉश मार्केट में आये तो इन्होंने अपना नया एड बनाया और साबुन से घृणा करने के लिए […]

Read more

….जाहिलों का पत्रकार संगठन कहेगें तो बुरा लगेगा

राजनामा.कॉम। किसी भी पेशा में संगठन का अपना कर्तव्य और दायित्व होता है। बात जब मीडिया संगठन की हो तो जिम्मेवारी काफी बढ़ जाती है। लेकिन आज कल मीडिया-पत्रकार के नाम पर कई ऐसे संगठन उग आये हैं, जो बात तो करते हैं पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान की। पत्रकार उत्पीड़न के […]

Read more

अफसरों को हड़काने की जगह यूं आत्ममंथन करें सीएम

‘एज ए मैन और ऐज ए पॉलिटीशियन नीतीश कुमार में कहीं दोष नहीं है ।दोष है तो ब्यूरोक्रेट्स से सांसद बने एक वैसे शख्स का, जिसके इशारे पर आईएएस और आईपीएस अफसरों का तबादला होता रहा है। जिनके इशारे पर नीतीश किसी कारणवश चलने को बाध्य हैं……..’ राजनामा.कॉम (विनायक विजेता)। पटना […]

Read more
1 2 3 13