‘वेब जर्नलिज्म’ से अखबारों तथा मठाधीश पत्रकारों को खतरा

ऑनलाइन मीडिया ने देश में वैसे तो डेढ़ दशक पूर्व ही अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी थी। लेकिन आज इसका दायरा बढ़ता जा रहा है। हाल के वर्षों में डिजिटल मीडिया प्लेटफार्म का तेजी से विस्तार हुआ है। इसका प्रभाव समाचार पत्रों पर ज्यादा दिखता है। मतलब अखबारों के लिए खतरों […]

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बचिये ऐसे विज्ञापनों से, हमें मूर्ख बना रहे हैं ये

आज से कुछ साल पहले तक डेटॉल और लाइफ बॉय अपने साबुन के एड में दिखाते थे कि उनके प्रोडक्ट से 99% तक जर्म मर जाते हैं, सिर्फ लगाकर धोने भर से। अब इनके हैंडवॉश मार्केट में आये तो इन्होंने अपना नया एड बनाया और साबुन से घृणा करने के लिए […]

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….जाहिलों का पत्रकार संगठन कहेगें तो बुरा लगेगा

राजनामा.कॉम। किसी भी पेशा में संगठन का अपना कर्तव्य और दायित्व होता है। बात जब मीडिया संगठन की हो तो जिम्मेवारी काफी बढ़ जाती है। लेकिन आज कल मीडिया-पत्रकार के नाम पर कई ऐसे संगठन उग आये हैं, जो बात तो करते हैं पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान की। पत्रकार उत्पीड़न के […]

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अफसरों को हड़काने की जगह यूं आत्ममंथन करें सीएम

‘एज ए मैन और ऐज ए पॉलिटीशियन नीतीश कुमार में कहीं दोष नहीं है ।दोष है तो ब्यूरोक्रेट्स से सांसद बने एक वैसे शख्स का, जिसके इशारे पर आईएएस और आईपीएस अफसरों का तबादला होता रहा है। जिनके इशारे पर नीतीश किसी कारणवश चलने को बाध्य हैं……..’ राजनामा.कॉम (विनायक विजेता)। पटना […]

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सुर्खियों में हैं बिहार कैडर के IPS अमित लोढा की पुस्तक ‘बिहार डायरीज’

“वर्तमान में केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए  आइपीएस अमित लोढा इन दिनों सीमा सुरक्षा बल नार्थ के डीआईजी पद पर तैनात हैं। उनकी पदस्थापना राजस्थान के बार्डर इलाका जैसलेमेर में है……” पटना (विनायक विजेता) । बिहार कैडर के 1998 बैच के आईपीएस अधिकारी अमित लोढ़ा की स्वलिखित पुस्तक ‘बिहार डायरीज’ इन दिनों […]

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कम्यूनल-अनसोशल वीडियो वायरल करने वाले ऐसे पुलिसकर्मी पर हो क्वीक एक्शन

“असमाजिक तत्वों पर नजर रखने की जबावदेही सबकी है। पुलिस-प्रशासन का दायित्व है कि वह पहचान में आये ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करे, ताकि वैसे लोगों में भय का महौल कायम हो सके, जो विशेष परिस्थितियों में भी प्रशासनिक हिदायत को ठेंगा दिखाने से नहीं चूकते……“ -:  मुकेश […]

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बिना प्रशासनिक सहभागिता संभव नहीं है सोशल मीडिया पर नजर

वेशक आज समाज में सोशल मीडिया के उपयोग और दुरुपयोग के एक से एक खतरनाक आयाम इतनी तेजी से सामने आ रहे हैं कि इस पर नजर रखने और उपद्रवी तत्वों के खिलाफ समय से कार्रवाई करने की जरूरत बढ़ती ही जा रही है। अगर सरकार या प्रशासन सोशल मीडिया पर […]

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गुजरात के ‘प्रेस वाहन’ से नालंदा में शराब की यूं तस्करी होना गंभीर बात

“मीडिया जगत में प्रेस शब्द का जितना अलग महत्व है, शासन-प्रशासन में उसका उतना ही अलग पहचान। बहुतेरे लोग या तो प्रेस के नाम पर अपराधिक कुकृत्य को अंजाम दे रहे हैं या फिर मीडिया में येन-केन-प्रकेरेन प्रवेश कर, चाहे उसे एक लाइन समाचार लिखना तक क्यों न आता हो। समय […]

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एक था ‘अखबारों की नगरी’ मुजफ्फरपुर का ‘ठाकुर’

‘बुलंदी देर तक किस शख्स के हिस्से में रहती है,बहुत उंची ईमारत हर वक्त खतरे में रहती है ’….मुनव्वर राणा की यह पंक्ति ‘मुजफ्फरपुर महापाप’ के मास्टर माइंड कहे जाने वाले ब्रजेश ठाकुर पर सटीक बैठती है। पटना ( जयप्रकाश नवीन)। ब्रजेश ठाकुर कुछ दिन पहले तक ‘अखबारों की नगरी’ मुजफ्फरपुर […]

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मीडिया के लिए नहीं होना चाहिए कोई दिशा-निर्देशः चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा

राजनामा.कॉम। ‘लोकतांत्रिक समाज में प्रेस की आजादी तमाम आजादी की जननी है। इसमें कोई शक नहीं कि ये संविधान में दिए गए सबसे मूल्यवान अधिकारों में से एक है। इसमें जानने का अधिकार और सूचित करने का अधिकार भी समाहित है’ यह कहना है देश के मुख्य न्यायधीश (सीजेआई) दीपक मिश्रा […]

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