पत्रकारिता मिशन नहीं, अब कमीशन का खेल है

पत्रकार के कलम की स्याही और खून में जब तलक पाक़ीज़गी रहती है तब तलक पत्रकार कि लेखनी दमकती है और चेहरा चमकता है. न तो उसकी निगाह किसी से सच पूछने पर झुकती है और न ही उसकी कलम सच लिखने से चूकती है. पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है […]

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गलत तस्वीर पेश कर रही है बिहार की मीडिया

सरकार की अच्छाई और बुराई को उजागर करनेकी भूमिका निभाने वाले बिहार के हिन्दी और अंग्रेजी भाषाई आइना इन दिनों चूर-चूर हो गयाहै। मीडिया में बिहार की गलत तस्वीर पेश की जा रहीहै। बिहार की राजधानी पटना में बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार को खुश करने के लिए प्रथम पृष्ठ पर […]

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हिन्दी न्यूज चैनल की पत्रकारिता

जंतर-मंतर की आवाज 10 जनपथ या 7 रेसकोर्स तक पहुंचेगी। देखिये इस बार भीड़ है ही नहीं। लोग गायब हैं। पहले वाला समां नहीं है। तो जंतर-मंतर की आवाज या यहां हो रहे अनशन का मतलब ही क्या है। तो क्या यह कहा जा सकता है कि अन्ना आंदोलन सोलह महीने […]

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ऐसे मुर्खों पर मुझे हंसी आती है : पुष्कर पुष्प

मीडिया खबर डॉट कॉम के संपादक पुष्कर पुष्प ने इंडिया टीवी चैनल के प्रबंध संपादक विनोद कापड़ी का  सी -न्‍यूज चैनल के दिल्‍ली पत्रकार मुकेश चौरसिया  द्वारा लिये गये  इंटरव्‍यू कर दिये जाने के मामले में नाम घसीटे जाने की बाबत कहा कि ऐसे मुर्खों पर हंसी आती है, जो ऑनलाइन कंटेंट की […]

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काटजू जी, देखिये झारखंडी मीडिया की चाल-चरित्र

राजनामा.कॉम (मुकेश भारतीय) ।  झारखंडी मीडिया का एक विशेष गुण। जो जितना बड़ा चोर-उतना ही जोर से मचाता है शोर। बात चाहे प्रिंट मीडिया की हो या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की। हमाम में  सब नंगे। इसी संदर्भ में एक नई कड़ी जुट गई है कि यहां आम जनता के अरबो-खरबों रुपये की […]

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न्यूज़11 चैनल की कलंक कहानीः एक भुक्तभोगी की जुबानी

राज़नामा.कॉम ( मुकेश भारतीय)। एक पुरानी कहावत है कि घर का भेदिया लंका ढाहे। अगर विभीषण न होता तो सोने की लंका न जलता और रावण न मरता। आज मित्र ने कुछ ऐसे ही सूचना दी। फेसबुक पर अपने एकांउट में फिलहाल साधना न्यूज चैनल में कार्यरत कुंदन कृतज्ञ ने रांची […]

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इस न्यूज़ चैनल का यह कैसा एक्सक्लुसिव

राज़नामा.कॉम। आज कल न्यूज़ चैनलों ने एक्सक्लुसिव शब्द की पत्रकारीय परिभाषा ही बदल डाली  है। उसे जो भी मिले, उसे एक्सक्लुसिव बना डालती है। उदाहरणार्थ एक बिल्डर माफिया द्वारा संचालित रांची के इस एक चैनल को लिजीये। शायद ही ऐसी कोई खबर हो, जिसे एक्सक्लुसिव बना कर  पेश न करती हो। […]

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“बाबा” को दबोचने सन्मार्ग पहुंचे “बब्बर”

राज़नामा.कॉम, मुकेश भारतीय। झारखंड की राजधानी रांची की पत्रकारिता में एक से एक धुरंधर भरे पड़े हैं, जो बिल्डरों- माफियाओं के इशारों पर नाचते फिर रहे हैं। ऐसा ही ताजा उदाहरण है- न्यूज़11 चैनल के एडीटर इन चीफ हरिनारायण सिंह का अचानक एक बिल्डर-माफिया प्रेम शंकरण की रहनुमाई में प्रकाशित दैनिक […]

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कशिश चैनल की कसाईगिरी चालू आहे

राजनामा.कॉम। झारखंड की राजधानी रांची से एक बिल्डर सुनील चौधरी ने अपने काले धन की सहायता से काले धन की सुरक्षा के लिए रिहायशी इलाके में “कशिश” नामक एक न्यूज चैनल खोला है।इस चैनल से जुड़े स्वंयभू पत्रकारों-प्रबंधकों की घटियापन से उब कर प्रायः लोग अलविदा कह चुके हैं।मेरा दावा है […]

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बिल्कुल बदल गई है पत्रकारों की दिशा और दशा

शब्दों में वो ताकत होती है जो बन्दूक की गोली, तोप के गोले एवं तलवार में नहीं होती है। अस्त्र-शस्त्र से घायल व्यक्ति की सीमा शरीर होता हैजो देर-सबेर ठीक हो ही जाता है लेकिन, शब्द से मानव की आत्मा घायल होती है, इस पीड़ा को जीवन-पर्यन्त तक नहीं भुलाया जा […]

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