सूचना आयोग के सवालों में घिर गया सुप्रीम कोर्ट

आम तौर पर ऐसा नहीं होता कि सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ही किसी अन्य संवैधानिक एजेंसी के सवालों के घेर में आ जाये, पर आ गया है.  मामला यह है कि मुख्य सूचना आयोग को शिकायत मिली है कि सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने सूचना अधिकार के तहत पूछे गये एक गंभीर मामले […]

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क्या अरविंद केजरीवाल का संघर्ष एक छलावा है ?

आम जनता की हालत में अहम परिवर्तन लाने के मकसद से कभी टीम अन्ना के सदस्य रहे आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल बिजली-पानी के दामों में हुई बढ़ोत्तरी के विरोध में अनशन पर बैठे किंतु उन्हें अपेक्षित जन समर्थन हासिल नहीं हुआ। जबकि पिछली बार जब जनलोकपाल जैसे मुद्दे […]

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मीडिया में घुमती सीडीः कांग्रेस और सेक्स का है पुराना रिश्ता

लोग अब मजाक में कहने लगे हैं कि जिसके पास खूब पैसा हो, सत्ता का रसूख हो और सेक्स के लिए रोज नया पार्टनर तलाश लेता हो तो समझो वो कांग्रेसी है. सेक्स और कांग्रेस का बड़ा पुराना रिश्ता रहा है. एनडी तिवारी कांड को सब लोग जानते ही हैं. राज्यपाल […]

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सबाल पत्रकारिता के जातिगत ताने-बाने का

कई बार मन प्रश्न करता है कि दबंग फ़ेम सलमान खान यदि चुलबुल पांडे के स्थान पर चुलबुल चमार होते तो क्या तब भी उनकी फ़िल्में इतनी ही सुपरहिट होती? यह सवाल मेरे मन ने उस समय भी किया जब संजीव जायसवाल की फ़िल्म शुद्र द राइजिंग का बिहार में कहीं […]

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देश हांकने लगा है इलैक्ट्रॉनिक मीडिया

 वे दिन लद गए, जब या तो आकाशवाणी पर देश की हलचल का पता लगता था या फिर दूसरे दिन अखबारों में। तब किसी विवादास्पद या संवेदनशील खबर के लिए लोग बीबीसी पर कान लगाते थे। देश के किसी भी राष्ट्रीय मुद्दे पर राय कायम करने और समाज को उसका आइना […]

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उषा मार्टिन ग्रुप के आदित्यपुर मिल से बढ़ता प्रदुषण

रेल जैसे ही धीमे-धीमे झारखंड के जमशेदपुर नगर की ओर बढ़ती है वैसे-वैसे आकाश लाल होता दिखाई देने लगता है। इसका कारण है औद्योगिक इकाई से उड़ती घनी लाल धूल जिसमें कि बिना जले कोयले की धूल एवं राख का अंबार है। यह इकाई है उषा मार्टिन समूह के स्वामित्व की […]

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हिंदी ब्लॉगिंग के समक्ष उत्पन्न संकट

हिंदी ब्लॉगिंग का एक साल और गुज़र गया लेकिन  फिर भी 10 साल पूरे नहीं हुए। इसके बावजूद हिंदी ब्लॉगिंग के 10 वर्षीय उत्सव मना डाले गए। हिंदी ब्लॉगिंग की इस प्री-मेच्योर डिलीवरी या भ्रूण हत्या को पूरे ब्लॉग जगत ने देखा और सराहा। संवेदनशील काव्यकारों और बुद्धिकारों ने इसमें सक्रिय […]

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यमराज और स्वर्ग प्राप्ति के नये नियम

राज़नामा.कॉम। यमराज  अपने सिंहासन पर विराजमान हो,  उंघ रहे थे कि चिंतित चित्रगुप्त ने आकर उन्हे डिस्टर्ब कर दिया। यमराज बोले-  “चित्रगुप्त हमारी रानी की तरह तुम्हे भी क्या हमारा सुख देखना पसंद नही।” चित्रगुप्त ने सफ़ाई दी – “महाराज, दो आपात कालीन पत्र आये हैं एक स्वर्ग से दूसरा नर्क […]

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बहुत कठिन है डगर न्याय की

सब मानते हैं कि देर से मिला इंसा़फ भी नाइंसा़फी के बराबर होता है. इसके बावजूद हमारे देश में म़ुकदमे कई पीढि़यों तक चलते हैं. हालत यह है कि लोग अपने दादा और परदादा के म़ुकदमे अब तक झेल रहे हैं. इंसान खत्म हो जाता है, लेकिन म़ुकदमा बरक़रार रहता है. […]

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थैंक गॉड, मैं कलेक्टर हुआ न नेता

क्या कभी आपके मन में ये अफसोस हुआ है कि आप या आपके पति/पत्नी कलेक्टर क्यों न हुए? क्या आप या आपके बच्चे कलेक्टर बनने का सपना पाले हुए हैं? यदि हाँ, तो अफसोस भूल जाएं, और उस तुच्छ सपने को त्याग दें – अभी, तुरंत. आधुनिक भारत के दो प्रमुख, […]

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