हिंदी ब्लॉगिंग के समक्ष उत्पन्न संकट

हिंदी ब्लॉगिंग का एक साल और गुज़र गया लेकिन  फिर भी 10 साल पूरे नहीं हुए। इसके बावजूद हिंदी ब्लॉगिंग के 10 वर्षीय उत्सव मना डाले गए। हिंदी ब्लॉगिंग की इस प्री-मेच्योर डिलीवरी या भ्रूण हत्या को पूरे ब्लॉग जगत ने देखा और सराहा। संवेदनशील काव्यकारों और बुद्धिकारों ने इसमें सक्रिय सहयोग दिया और बदले में सम्मान आदि पाया। इसमें जो ख़र्च आया, उसे भी सहर्ष स्वीकार किया गया और यह परंपरा आगे भी जारी रहे, इसके लिए वे प्रयासरत हैं। इस तरह नाम और शोहरत के ग्राहकों और सप्लायरों ने हिंदी ब्लॉगिंग का व्यापारीकरण कर दिया। यह एक दुखद घटना […]

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यमराज और स्वर्ग प्राप्ति के नये नियम

राज़नामा.कॉम। यमराज  अपने सिंहासन पर विराजमान हो,  उंघ रहे थे कि चिंतित चित्रगुप्त ने आकर उन्हे डिस्टर्ब कर दिया। यमराज बोले-  “चित्रगुप्त हमारी रानी की तरह तुम्हे भी क्या हमारा सुख देखना पसंद नही।” चित्रगुप्त ने सफ़ाई दी – “महाराज, दो आपात कालीन पत्र आये हैं एक स्वर्ग से दूसरा नर्क से।” यमराज ने पत्र सुनाने का इशारा किया। सो चित्रगुप्त ने पहला पत्र स्वर्गाधिपति इंद्र का पढ़ना शुरू किया- ” मेरे प्यारे मित्र यमराज, आपके रहते हुये स्वर्ग के साथ ऐसा अन्याय क्यों हो रहा है। आज कल कोई भी मनुष्य स्वर्ग नही भेजा जाता। अप्सरायें त्राही त्राही कर रही […]

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बहुत कठिन है डगर न्याय की

सब मानते हैं कि देर से मिला इंसा़फ भी नाइंसा़फी के बराबर होता है. इसके बावजूद हमारे देश में म़ुकदमे कई पीढि़यों तक चलते हैं. हालत यह है कि लोग अपने दादा और परदादा के म़ुकदमे अब तक झेल रहे हैं. इंसान खत्म हो जाता है, लेकिन म़ुकदमा बरक़रार रहता है. इसकी वजह से बेगुनाह लोग अपनी ज़िंदगी जेल की सला़खों के पीछे गुज़ार देते हैं. कई बार पूरी ज़िंदगी क़ैद में बिताने या मौत के बाद फैसला आता है कि वह व्यक्ति बेक़सूर है. ऐसे में उसके साथ हुई नाइंसा़फी के लिए कौन ज़िम्मेदार है, कहने की ज़रूरत नहीं है. […]

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थैंक गॉड, मैं कलेक्टर हुआ न नेता

क्या कभी आपके मन में ये अफसोस हुआ है कि आप या आपके पति/पत्नी कलेक्टर क्यों न हुए? क्या आप या आपके बच्चे कलेक्टर बनने का सपना पाले हुए हैं? यदि हाँ, तो अफसोस भूल जाएं, और उस तुच्छ सपने को त्याग दें – अभी, तुरंत. आधुनिक भारत के दो प्रमुख, टॉप प्रोफ़ेशनों – कलेक्टरी और नेतागिरी के बीच अंतरंग संबंध की है ये बानगी ! पेश है (आमतौर पर होने वाले?) बेहद मनोरंजक वार्तालाप के मुख्य अंश जो एक अखबार में छपे: गुड्डू और भूरिया बोले- हमें समझा रहे हो कलेक्टर  रतलाम जिला सतर्कता समिति की बैठक में कलेक्टर के देरी […]

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मेरे निर्णयों के खिलाफ गये अरविन्द केजरीवाल :अन्ना हजारे

अरविंद केजरीवाल पर परोक्ष हमला करते हुए अन्ना हजारे ने कहा है कि भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन को राजनीति ने बांट दिया और पार्टी समर्थक समूह उनकी इच्छा के खिलाफ चला गया। अन्ना ने ब्लॉग पर लिखा है कि केजरीवाल के ही कारण उनका आंदलोन भटक गया। टीम अन्ना में दो फाड़ हो गयी। अन्ना ने कहा कि उन्होंने कभी भी राजनैतिक पार्टी की वकालत नहीं की। यह सब कुछ केजरीवाल के ही कारण हुआ और आंदोलन अपने मुद्दे से भटक गया। अन्ना ने कहा कि साल 2011 में जब आंदोलन शुरू हुआ था तो पास में कोई भी चुनाव नहीं था […]

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हिन्दी न्यूज चैनल की पत्रकारिता

जंतर-मंतर की आवाज 10 जनपथ या 7 रेसकोर्स तक पहुंचेगी। देखिये इस बार भीड़ है ही नहीं। लोग गायब हैं। पहले वाला समां नहीं है। तो जंतर-मंतर की आवाज या यहां हो रहे अनशन का मतलब ही क्या है। तो क्या यह कहा जा सकता है कि अन्ना आंदोलन सोलह महीने में ही फेल हो गया। थोड़ा इंतजार करना है। यह अन्ना टीम के अनशन की शुरुआत पर न्यूज चैनल में संवाद का हिस्सा है। और चार दिन बाद जब अन्ना हजारे खुद अनशन पर बैठे तो…जंतर-मंतर पर आज क्या हाल है। देखिये लोग जुट रहे हैं। लेकिन वह समां अब […]

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देखिये आस्था के नाम पर मीडिया का खिलबाड़

अभी-अभी  मेरे एक पड़ोसी शिक्षक मेरे पास आये और उपरोक्त फोटो दिखाया और कहा कि रांची-रामगढ़ राष्ट्रीय उच्च मार्ग-33 के बीच चुट्टूपालू में ये पंचमुखी नाग देवता रोज प्रकट हो रहे हैं। कई लोगों ने इसके फोटो भी खिंचे हैं और 100 रु. से 500रु. में उपलब्ध करा यानि बेच रहे हैं। कुछ युवकों ने बाकायदा वहां पंचमुखी नाग देवता का मंदिर बनाने के लिये वाहनों आदि से चंदा भी वसूल रहे हैं। उम्मीद है कि कुछ दिनों के बाद उस स्थल पर एक भव्य मंदिर बन जायेगा। इस मद में अब तक लाखों की बसूली-चढ़ावा हो चुकी है। अत्यंत शर्म […]

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