गूगल कंपनी में करीब 200 बकरियां नौकरी, वेतन सहित मिलती हैं अन्य सुविधाएं

वॉशिंगटन। आपको ये जानकर हैरानी होगी की दुनिया की सबसे बड़ी सर्च इंजन कंपनी गूगल में करीब 200 बकरियां काम करती हैं। इसके लिए उन्हें कर्मचारियों की तरह सैलरी भी दी जाती है। यहीं नहीं इन्हें कर्मचारियों को मिलने वाली अन्य सुविधाऐं भी दी जाती हैं। हैरान न हों ये बकरियां किसी सॉफ्टवेयर पर काम नहीं करती हैं बल्कि गूगल के दफ्तर में लगे लॉन की घास को चरती हैं। गूगल अपने दफ्तर के लॉन में घास कटाई के लिए मशीन का प्रयोग नहीं करती। क्योंकि इससे निकलने वाले धुंए और आवाज से दफ्तर में इनोवेशन के काम कर रहे कर्मचारियों […]

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गर्भपात को लेकर पूनम पांडे ने वेबसाइट पर किया सौ करोड़ का मुकदमा

अपनी तस्वीरों और विडियो से अकसर चर्चा में रहने वाली बॉलिवुड अभिनेत्री पूनम पांडे ने उन खबरों का खंडन किया है, जिनमें बताया गया कि वह शादी से पहले ही प्रेग्नेंट हो गई थीं और इसके बाद उन्होंने मुंबई के एक अस्पताल में अबॉर्शन कराया। पूनम ने इस खबर को प्रकाशित करने वाले एक मीडिया हाउस पर कानूनी कार्रवाई की है। उन्होंने मीडिया हाउस पर 100 करोड़ के मानहानि का मुकदमा किया है। खबरों के मुताबिक, जैसे ही गर्भपात की खबर पूनम को मिली, उन्होंने अपने मैनेजर के जरिए पत्रकार को बुलवाया और पूछा कि आपने बिना सबूत के ऐसी खबर […]

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पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेयी ने लिखा- भाजपा को राजनीति का ककहरा सिखा दिया बिहार के जनादेश ने

बिहार के जनादेश ने 2014 में खारिज हो चुके नेताओं को दोबारा केन्द्रीय राजनीति के बीच ना सिर्फ ला खड़ा किया बल्कि मोदी सरकार के सामने यह चुनौती भी रख दी कि अगर अगले एक बरस में उसने विकास का कोई वैकल्पिक ब्लू प्रिंट देश के सामने नहीं रखा तो फिर 2019 तक देश में एक तीसरी धारा निकल सकती है।’ अपने ब्लॉग (prasunbajpai.itzmyblog.com) के जरिए ये कहना है वरिष्ठ पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेयी का। उन्होंने “राजनीति का ककहरा सिखा दिया बिहार के जनादेश ने ” शीर्षक से अपने ब्लॉग में लिखा है कि बीजेपी का यह भ्रम भी टूट गया […]

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पाकिस्तानी ब्लॉगर ने बीबीसी पर लिखा- बिहार नतीजे पर पाकिस्तान में पटाख़े फूटे ही फूटे

डरो उस समय से जब राजनीति नाक का मसला हो जाए और नाक बचाने के लिए गाली-गलौज, कोसने और बददुआओं तक बात आ जाए. वोटरों को डराया जाए कि हमें ना जीताया तो भऊ आ जाएगा और तुम्हें काट खाएगा. और सोते-जागते में सपने डसने लगें कि कहीं ना कहीं, कोई ना कोई मेरे ख़िलाफ़ साज़िश रच रहा है. अगर मैं हार गया तो स्पष्ट हो जाएगा कि यही वो साज़िश थी जो मेरे विरोधियों और मतदाताओं ने मिलकर रची. यह पृष्ठभूमि इसलिए मुझे आपके सामने रखनी पड़ रही है क्योंकि हमारे ख़ान साहब इमरान ख़ान ने देश के सबसे बड़े […]

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न्यूज पोर्टलो में निष्पक्षता का अभाव

अखबार और टीवी चैनलो की तो पोल खुल चुकी है । अधिकांश पढे-लिखे लोगो का मानना है कि ये दोनों माध्यम अपने स्वार्थ को सर्वोपरि रखकर कोई भी समाचार प्रकाशित करते है। निष्पक्षता की बात बेमानी है। इनके कंटेट, समाचार से यह साफ़ झलकता है। एक दुसरे की प्रशंसा ये नही कर सकते क्योंकि व्यवसायिक प्रतिद्वंदिता है। एक दुसरे के खिलाफ़ भी खुलकर नही लिखते सिवाय नंबर एक वाले सर्वेक्षण के जो ग्राहक यानी विग्यापनदाता को फंसाने के लिये होता है। इन दोनो माध्यमो की असलियत को सामने लाने एवं विश्वसनियता को समाप्त करने मे मास मीडिया यानी व्यापक स्तर पर […]

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मैं इस जलती कलम से क्या लिखूं

ज़िक्र भी करदूं ‘मोदी’ का तो खाता हूँ गालियां अब आप ही बता दो.. मैं इस जलती कलम से क्या लिखूं ?? कोयले की खान लिखूं या मनमोहन बेईमान लिखूं ? पप्पू पर जोक लिखूं या मुल्ला मुलायम लिखूं ? सी.बी.आई. बदनाम लिखूं या जस्टिस गांगुली महान लिखूं ? शीला की विदाई लिखूं या लालू की रिहाई लिखूं ‘आप’ की रामलीला लिखूं या कांग्रेस का प्यार लिखूं भ्रष्टतम् सरकार लिखूँ या प्रशासन बेकार लिखू ? महँगाई की मार लिखूं या गरीबो का बुरा हाल लिखू ? भूखा इन्सान लिखूं या बिकता ईमान लिखूं ? आत्महत्या करता किसान लिखूँ या शीश कटे […]

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द्रौपदी की रक्षा के लिये प्रकट हुये भगवान

पुराने साल की समाप्ति और नये साल के आगमन के साथ बहुत कुछ ऐसा घटित हुआ जिसने गया नगर निगम को शर्मसार कर दिया। 6 जनवरी की रात को पटना पुलिस ने उप मेयर मोहन श्रीवास्तव को रेप के आरोप मे अन्य दो पार्षदो के साथ गिरफ़तार किया । पटना से लेकर गया तक के अखबार एवं टीवी न्यूज चैनलो ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया और गया की जनता भी आक्रोश मे सडको पर उतर आई। सभी गुस्से मे थें, खुद को छला हुआ महसूस कर रहे थे । मैं स्तब्ध थी। समझ नही पा रही थी क्या […]

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‘आप’ से देश की अर्थव्यवस्था को खतरा

अगर अरविन्द केजरीवाल की ‘आप’ बढ़ती गयी तो इससे देश की अर्थव्यवस्था और शेयर बाज़ार को काफी नुकसान हो सकता है, यह मानना है देश के ब्रोकर्स और व्यापारियों का। अंग्रेजी अखबार इकनोमिक टाइम्स में छपी खबर के अनुसार उनके संवाददाताओं ने जिन ब्रोकर्स और ट्रेडर्स से बात की, उन्होंने आप की इकनॉमिक पॉलिसी की आलोचना की, लेकिन यह भी कहा कि साफ-सुथरी छवि के कैंडिडेंट्स पर पार्टी के जोर से देश की सियासत पूरी तरह बदल सकती है। केआर चोकसी शेयर्स एंड सिक्योरिटीज के एमडी देवेन चोकसी ने कहा, ‘आप की शुरुआत गलत ढंग से हुई है। अगर यह पार्टी […]

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सरकार, पुरस्कार और घाघ साहित्यकार !

-: अरुण कुमार झा  :- समाज में रचते-बसते साहित्यकार समाज के सुख-दुख से परिचित होते हैं। इसी परिचय के अनुभव को वे रचना में उतारते हैं। यह साहित्य की एक परम्परागत बात है, जिसके अनुसार साहित्य समाज का दर्पण कहा जाता है। लेकिन आज का साहित्य समाज का दर्पण कतई नहीं कहा जा सकता, क्योंकि उनके साहित्य में तुरत-फुरत घटी अखबारी घटनाओं का ही विस्तार होता है और झूठ की बुनियाद पर कल्पना के सहारे रची गई मनलुभावन तस्वीर का प्रस्तुतिकरण ही मात्र होता है। आज का साहित्य सिर्फ साहित्य रचने वालों के लिए ही लिखा जा रहा है,चाहे नेट पर लिखा जा रहा […]

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एनएआई से भड़ास4मीडिया को बेस्ट न्यूज पोर्टल का अवार्ड !

बीस वर्ष पुरानी संस्थान न्यूजपेपर्स एसोसिएशन आफ इंडिया (एनएआई) की नजर में भड़ास4मीडिया डॉट काम बेस्ट न्यूज पोर्टल है. एनएआई की तरफ से जारी एक मेल में बताया गया है कि संस्था के सदस्यों द्वारा दिए गए वोट के आधार पर ये फैसला लिया गया कि भड़ास4मीडिया को बेस्ट न्यूज पोर्टल कैटगरी का एवार्ड दिया जाए और इसके लिए तीस अक्टूबर को पोर्टल के संस्थापक और संपादक यशवंत सिंह को एक समारोह में सम्मानित किया जाएगा. पुरस्कार समारोह का आयोजन तीस अक्टूबर को दिल्ली में रफी मार्ग पर स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब में शाम चार बजे से किया जाएगा. भड़ास के कर्ताधर्ता […]

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