राजगीर के इस भू-माफिया को यूं महिमामंडन कर डाला दैनिक हिन्दुस्तान वालों ने

नालंदा (INR)। जिले के हृदयस्थली राजगीर की सैराती जमीनों पर अतिक्रमणकारियों का सुराज कायम है। मलमास मेला एवं गौ रक्षणी की सैरात भूमि पर अतिक्रमण कर बड़े-बड़े व्यवसायिक होटल बना लिये गये हैं। इस मामले को लेकर नीचे से उपर तक कहीं भी किसी महकमे के नुमांईदे गंभीर नहीं दिखते हैं। हद तो तब हो गई जब मीडिया के नुमाईदें भी वैसे लोगों को ही महिमामंडित और प्रचारित करने में जुट गया है। जबकि उससे कुछ भी छुपा नहीं है। पटना के अखबार दैनिक हिन्दुस्तान द्वारा एक ऑनलाइन डायरेक्टरी प्रकाशित की गई है। उसमें राजगीर के कथित भू-माफिया और मलमास मेला […]

Read more

ओम थानवी बने केजरीवाल सरकार विज्ञापन निरानी समिति के अध्यक्ष

नई दिल्ली।  सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश के तहत सरकारी विज्ञापनों की निगरानी के लिए अरविंद केजरीवाल सरकार ने वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी की अध्यक्षता में एक कमिटी का गठन कर दिया है. कमिटी में थानवी के अलावा शैलेश कुमार और जगतीत सिंह देसवाल को सदस्य बनाया गया है. पिछले साल 13 मई को सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को छोड़कर बाकी सबके फोटो का सरकारी विज्ञापनों में इस्तेमाल रोक दिया था तो कितना हाहाकार मचा था. केंद्र सरकार के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, असम, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़ और उड़ीसा ने सुप्रीम कोर्ट से इस […]

Read more

मोदी सरकार की नई विज्ञापन नीति को लेकर जंतर-मंतर पर धरना

नई दिल्ली स्थित जन्तर मंतर धरना स्थल पर सैकडों की संख्या में अख़बार प्रकाशक, संपादक, पत्रकार एवं हॉकर्स ने धरना दिया। धरने का कारण मोदी सरकार द्वारा DAVP की नई विज्ञापन पॉलिसी जारी करना है। फिलहाल इस पालिसी को कुछ महीने के लिए सरकार ने वापस ले लिया है लेकिन यदि यह पॉलिसी लागू होगी तो लघु एवं मध्यम समाचार पत्र बंद हो जाएंगे। इसी विषय पर पत्रकारों के संग़ठन आल इंडिया स्माल एंड मीडियम न्यूज़पेपर एसोसिएशन के कार्यकारी सदस्यों श्री शिव शंकर त्रिपाठी, दीपक गोठी, महेश शर्मा कंचन गुप्ता व आरती त्रिपाठी ने गृह मंत्री श्री राज नाथ सिंह जी […]

Read more

छोटे और मंझोले अख़बारों को मार डालेगी मोदी सरकार की नई विज्ञापन नीति

नई दिल्ली। योगा वोगा के बीच मोदी सरकार ने विज्ञापन नीति बदल कर छोटे और मंझोले अख़बारों को ख़त्म करने की एक नयी कार्यवाही शुरू कर दी है। राहुल सांकृत्यायन ने वेबसाइट्स के विज्ञापन पर भी यही खबर दी। इस नयी विज्ञापन नीति के तहत एक अंकीय गणित बनाया गया है जिसको पूरा करने पर ही उन्हें विज्ञापन मिलेगा। सबसे पहले तो 25 हजार प्रसार संख्या से अधिक वाले समाचार पत्रों के एबीसी और आरएनआई का प्रमाण पत्र अनिवार्य कर उसके लिए 25 अंक रखे गए हैं। इसी तरह कर्मचारियों की पीएफ अंशदान पर 20 अंक, पृष्ठ संख्या पर 20 अंक, […]

Read more

यह रही मोदी सरकार की वेबसाइट विज्ञापन नीति

नई दिल्‍ली। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने वेबसाइटों पर विज्ञापन के लिए एजेंसियों को सूचीबद्ध करने एवं दर तय करने की खातिर दिशा निर्देश और मानदंड तैयार किए हैं, ताकि सरकार की ऑनलाइन पहुंच को कारगर बनाया जा सके। एक बयान में यहां कहा गया कि दिशानिर्देशों का उद्देश्य सरकारी विज्ञापनों को रणनीतिक रूप से हर महीने सर्वाधिक विशिष्ट उपयोगकर्ताओं वाले वेबसाइटों पर डालकर उनकी दृश्यता बढ़ाना है। नियमों के अनुसार, विज्ञापन एवं दृश्य प्रचार निदेशालय (डीएवीपी) सूचीबद्ध करने के लिए भारत में निगमित कंपनियों के स्वामित्व एवं संचालन वाले वेबसाइटों के नाम पर विचार करेगा। हालांकि विदेशी कंपनियों के स्वामित्व […]

Read more

नई विज्ञापन नीति से लघु एवं मध्यम अखबार संचालकों में गहरा रोष

लखनऊ। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी 2016  की नई नीति को लेकर खासकर लघु एवं मध्यम समाचार पत्र संचालको ने कड़ा विरोध जताया है. समाचार पत्र संचालकों ने इसे अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला और केंद्र सरकार की तानाशाही करार दिया है. अखबार संपादकों ने केंद्र से इस नयी नीति को तत्काल समाप्त कर पुरानी नीति को प्रभावी किये जाने की मांग की है तथा चेतावनी दी है कि यदि अभिव्यक्ति की आजादी पर तानाशाही रवैया अपनाया गया और कारपोरेट घरानों से जुड़े शीर्ष अखबार संचालकों को लाभ पहुंचाने व लघु एवं मध्यम समाचार पत्र संचालकों को ख़त्म करने की […]

Read more

भारत सरकार की नई विज्ञापन नीतिः पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर जोर

नई दिल्ली।  सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी नई विज्ञापन नीति में कहा गया है कि इस नीति में पहली बार ऐसे समाचार पत्रों को बढ़ावा देने के लिए नई अंकीय व्यवस्था पेश की गई है, जो बेहतर व्यावसायिक मानकों का पालन करते हैं और उनकी प्रसार संख्या की पुष्टि एबीसी/आरएनआई द्वारा की गई हो। इससे डीएवीपी द्वारा विज्ञापन जारी करने में पारदर्शिता और विश्वसनीयता भी सुनिश्चित होगी। अंकीय व्यवस्था छह विभिन्न मानदंडों पर दिए गए अंकों पर आधारित है। इसके मानदंडों में एबीसी/आरएनआई द्वारा प्रमाणित प्रसार संख्या (25 अंक), कर्मचारियों के लिए ईपीएफ अंशदान (20 अंक), पृष्ठों की संख्या (20अंक), […]

Read more

सरकारी विज्ञापनों में अब नहीं दिखेगा पांच साल तक सिर्फ पीएम का चेहरा

सरकारी विज्ञापनों में सिर्फ राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया का ही फोटोग्राफ होने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है।  सुप्रीम कोर्ट ने 13 मई 2015 के आदेश में संशोधन किया है। पिछली सुनवाई में केंद्र सरकार की ओर से दलील देते हुए अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा था  कि सुप्रीम कोर्ट ये तय नहीं कर सकता कि सरकारी विज्ञापनों में फोटो किसकी हो। ये काम संसद का है। संसद इसके लिए बजट देता है और वो फंड रोक भी सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने उक्‍त मामले में […]

Read more

जहरीले मैगी के प्रचारक माधुरी दीक्षित को नोटिस !

राजनामा.कॉम। नई दिल्ली खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के निर्देशों पर नेस्ले कंपनी के प्रोडक्ट मैगी पर कार्रवाई जारी है। हरिद्वार खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से मैगी का विज्ञापन करने वाली अभिनेत्री माधुरी दीक्षित को नोटिस भेजकर सात बिंदुओं पर जवाब मांगा गया है। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी ने नोटिस में जवाब मांगा है कि मैगी हेल्थ को मजेदार कैसी बनाती है। किस रिसर्च रिपोर्ट, लेबोरेट्री, वैज्ञानिक के आधार पर दावे किए हैं। कब विज्ञापन किया था और विज्ञापन वाले अनुबंध की प्रति भी मांगी गई है। साथ ही पूछा गया है कि विज्ञापन बनाने के लिए कितनी धनराशि […]

Read more

सरकारी पैसे से राजनेताओं की मार्केटिंग पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

राजनामा.कॉम। सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी पैसे से थोक भाव में मंत्रियों और नेताओं की मार्केटिंग पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि सरकारी विज्ञापनों में प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर अन्य किसी भी व्यक्ति की फोटो या विजुअल न लगाया जाए। जिन तस्वीरों की छूट कोर्ट ने दी है, उनका इस्तेमाल कैसे किया जाए, यह फैसला सरकार पर ही छोड़ दिया गया है, लेकिन इनमें से किसी के भी फोटो का इस्तेमाल करने से पहले उसकी सहमति लेना जरूरी होगा। साफ है कि विज्ञापन प्रकाशित होने पर एक तरह की जवाबदेही उस व्यक्ति विशेष पर […]

Read more

विवाद ‘धर्मनिरपेक्ष’ और ‘समाजवाद’ रहित संविधान के विज्ञापन का

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा गणतंत्र दिवस विज्ञापन को लेकर आज विवाद उत्पन्न हो गया जिसमें 42वें संविधान संशोधन से पहले वाले संविधान की प्रस्तावना छपी हुई है जिसमें ‘धर्मनिरपेक्ष’ और ‘समाजवादी’ शब्द नहीं हैं। कांग्रेस नेता और पूर्व सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने इस मुद्दे पर केंद्र पर हमला करते हुए दावा किया कि सरकार के विज्ञापन में दो शब्द ‘‘हटा दिए गए.’’ बहरहाल सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके मंत्रालय ने प्रस्तावना के ‘‘मूल’’ चित्र का प्रयोग किया, जो संशोधन के पहले का है ताकि पहली प्रस्तावना […]

Read more

न कोई नैतिकता और न कोई समर्पण !

मानना पड़ेगा कि इस देश में मीडिया के पास न तो कोई नैतिकता है और न ही वह इस देश के लिए समर्पित है। प्रमाण यह है कि 26 जनवरी की पूर्व संध्या राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने देशवासियों को संबोधित किया और पटना में प्रकाशित तथाकथित बड़े और राष्ट्रवादी अखबारों ने अमेरिकी राष्ट्रपति के आगे अपने देश के राष्ट्रपति को नकार दिया और पहले पन्ने पर एक ईंच भी जगह नहीं दी। वैसे बात केवल इतनी होती कि भारतीय मीडिया ने “घर का जोगी जोगरा, आन गांव का सिद्ध” वाली कहावत को चरितार्थ किया तो बात समझ में आती। लेकिन केंद्र […]

Read more
1 2