मुखिया के खिलाफ सड़क पर उतरे लोग, एसपी से बोले- ‘निर्दोष है पत्रकार’

राजनामा.कॉम.  सरायकेला-खरसावां जिले का राजनगर थाना इन दिनों फिर से चर्चा में है। पिछले साल बच्चा चोर की अफवाह में मॉब लींचींग की चिंगारी इसी थाना क्षेत्र में भड़की थी, जिसकी जद में पूरा कोल्हान क्षेत्र आ गया था और देखते ही देखते छः लोगों को भीड़ ने पीट- पीट कर हत्या कर दी थी। उसका खामियाजा जिले के डीसी और एसपी को भुगतना पड़ा था और दोनों को निलंबित कर दिया गया था। वहीं इस बार मामला इसी थाना क्षेत्र के गोविंदपुर पंचायत के बनकाटी गांव का है, जहां 25 सितंबर को मुखिया सावित्री मुर्मू के गुर्गों ने पहले तो […]

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मंत्री की टिप्पणी पर हाय तौबा मचाने वाले, इस आंचलिक पत्रकार की सुध कौन लेगा?

“एक तरफ राजधानी रांची के पत्रकार मंत्री सीपी सिंह की एक टिप्पणी को लेकर बड़े-बड़े दिग्गज पत्रकार हाय-तौबा मचाए हैं, वहीं आंचलिक पत्रकारों के हर जुल्म पर इनकी एक बकार तक नहीं निकल रही है।  पत्रकार कलब-संगठन  से पत्रकार सुरक्षा की बात करने वाले भी किस खोह में  दुबके हैं, यह  अलग शोध का विषय है ….” राजनामा.कॉम। झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास के गृह जिले से सटे सरायकेला-खरसावां जिले के एक आंचलिक पत्रकार को मुखिया के खिलाफ खबर बनाना महंगा पड़ा है। मुखिया एक आदिवासी महिला है और उसने पुलिस के मेल से कानून में देय शक्तियों का पूरा-पूरा प्रयोग एक […]

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IANS न्यूज एजेंसी  ने जारी न्यूज में नरेंद्र मोदी को ‘बकचोद’ लिखा, गई कइयों की नौकरी

“आईएएनएस न्यूज एजेंसी को ज्योंही इस बड़ी गल्ती का अंदाजा हुआ, डैमेज कंट्रोल शुरू कर दिया गया। सबसे पहले एजेंसी ने इस खबर को अपनी वेबसाइट से गिरा दिया। उसके बाद आईएएनएस के ब्यूरो चीफ और पॉलिटकल ब्यूरो चीफ से इस्तीफा ले लिया गया…………” रिपोर्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। जांच के आदेश दे दिए गए हैं। राजनामा.कॉम। देश की बड़ी न्यूज़ एजेंसी IANS, जिसकी ख़बर तथा सूचना चैनल एवं अख़बार लिया करते हैं, उसने एक बड़ी गलती की है। उसके द्वारा रिलीज की गई एक खबर में प्रधानमंत्री के नाम के आगे ‘बकचोद’ लिख दिया गया। आईएएनएस […]

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‘बदलते समय में मीडिया की भूमिका’ पर पत्रकारों की कार्यशाला

बदले हालात में पत्रकारों का दायित्व बढ़ा : विधायक समाज और सिस्टम को बदलने में पत्रकारों की अहम भूमिका  : आयुक्त राजनामा.कॉम। एनयूजे स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन एवं नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) के संयुक्त तत्वावधान में चाईबासा के फॉरेस्ट ट्रेनिंग स्कूल के सभागार में आयोजित पत्रकारों की एकदिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। ‘बदलते समय में मीडिया की भूमिका’ विषयक कार्यशाला का उदघाटन चाईबासा विधायक दीपक बिरुआ, कोल्हान आयुक्त विजय कुमार सिंह , उपायुक्त अरवा राज कमल , डीएफओ रजनीश , एनयूजे के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रज्ञानंद चौधरी, महासचिव शिवकुमार अग्रवाल ने संयुक्तरूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यशाला में […]

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रघु’राज में मीडिया पर अंकुश, केवल फोटोग्राफ कवर करने के निर्देश

भारतीय लोकतंत्र के चार स्तंभ विधायिका, कार्यपालिका, न्‍यायपालिका और मीडिया माना गया है। जिसमें मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताया गया है। जाहिर है चारों स्तंभों की अपनी-अपनी जिम्मेदारियां भी हैं। लेकिन जब राज्य सरकार आदेश जारी कर चौथे स्तंभ पर अंकुश लगाने की बात सामने आये तो मामला गंभीर हो जाता है। झारखंड सरकार फरमान पर, जिसे सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव, रांची, झारखंड, द्वारा जारी किया जाता है, सवाल उठना तो लाज़मी है। फरमान में सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन को वीडियो कॉन्फेंसिंग के जरिये अधिकारियों द्वारा मीडिया को किसी भी मामले पर बयान देने से रोके जाने का […]

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जेल में ऐश कर रहे महापापी ब्रजेश ठाकुर की बड़ी ‘मछली’ है ‘रेड लाइट एरिया’ की उपज मधु

“तत्कालीन जिलाधिकारी ने की थी मधु को ‘सम्मानित’ करने की अनुशंसा, ब्रजेश ठाकुर की राजदार मधु कुमारी का व्यक्तित्व है काफी रहस्यमय, दीपीका सुरी ने मधु को निकाला था चतुर्भज स्थान के रेड लाईट एरिया से, अल्पावास गृह में होता था दुष्कर्म, बाहर में दिखावे के लिए करते थे सत्यकर्म, मधु के साथ ये दो महिलएं कहीं स्वाधार गृह से गायब महिलाओं में से तो नहीं” पटना (विनायक विजेता)। अल्पावास गृह दुष्कर्म मामले में चर्चा में आया मुजफ्फरपुर की संस्था ‘सेवा-संकल्प एवं विकास समिति’ के चेयरमैन ब्रजेश ठाकुर एवं उनके कुनबे की प्रशासनिक स्तर पर कितनी पहुंच थी, इसका उदाहरण साढे़ […]

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संजीत के ऐसी ‘संदिग्ध मौत’ के बाद बाइलाइन छापने वाला दैनिक प्रभात खबर ने नहीं माना पत्रकार

“वेशक इससे ज्यादा शर्मनाक क्या होगा कि एक पत्रकार जिस अख़बार के लिए मर गया, वही अखबार अब उसे अपना पत्रकार नहीं मानता। इस मुद्दे पर सरकारी दलाली खाने वाले न कोई पत्रकार क्लब बोलेगा और न ही कोई संगठन-ऐसोसिएशन।?” खबर है कि भोजपुर आरा में प्रभात खबर के ब्यूरो ऑफिस में काम करने वाले पत्रकार संजीत उपाध्याय की संदिग्ध मौत हो गई है। शनिवार की सुबह प्रभात खबर के रिपोर्टर संजीत उपाध्याय का शव बिहियां स्टेशन के करीब रामानंद  हाल्ट के पास क्षत-विक्षत अवस्था में मिला। पहली जानकारी ये दी गई कि संजीत की मौत तब हुई जब वे शुक्रवार […]

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एनयूजेआई के झारखंड अध्यक्ष बने बलदेव शर्मा

राजनामा.कॉम। नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट (इंडिया) के झारखंड प्रदेश का पूर्नगठन किया गया। जिसमें पत्रकार बलदेव प्रसाद शर्मा को जेएसजेयू का झारखंड प्रदेश अध्यक्ष, पत्रकार नंदकिशोर मुरलीधर को महासचिव, पत्रकार राकेश रघुवंशी को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। शनिवार को प्रेस क्लब रांची के सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राज्यभर से आये पत्रकारों ने सर्वसम्मति से एनयूजेआई की झारखंड इकाई के पदाधिकारियों के चयन का समर्थन किया। मौके पर प्रेस काउंसिल आफ इंडिया के पूर्व सदस्य और एनयूजेआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक मल्लिक के निर्देशानुसार कमेटी की घोषणा की गयी। इसके साथ ही राज्य कार्यकारिणी का गठन किया गया। एनयूजेआइ […]

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रिपोर्टर आरजू बख्स को इजलास नोटिश से नालंदा पुलिस का उभरा विकृत चेहरा

जमशेदपुर (राजनामा.कॉम।) झारखंड में जमशेदपुर से एक न्यूज चैनल के रिपोर्टर आरजू वख्श, जो मूलतः बिहार के नालंदा जिले के  अस्थावां थानान्तर्गत माफी गांव के निवासी है, उनके मामले को लेकर पुलिस-प्रशान का काफी विकृत चेहरा सामने आया है। आरजू बख्श जून के अंतिम सप्ताह में ईद मनाने गांव गये हुये थे। वहां मामूली बात पर दबंग प्रवृति के लोगों ने उनके साथ पहले गाली-गलौज करते हुये मारपीट की और फिर जान मारने की नियत से उनपर गोली चलाई। जिसमें वे बाल-बाल बचे। इस घटना के बाद आरजू बख्श की शिकायत पर थाना में मामला तो दर्ज कर लिया गया, लेकिन […]

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कहीं दूसरा ‘हूल’ न बन जाये पत्थलगड़ी ?

राजनामा.कॉम।  झारखंड प्रांत के खूंटी के अड़की प्रखंड का कोचांग जहां बड़ी वारदात की खबर हुई है। अब तक पूरी घटना को लेकर संशय बनी हुई है। पत्थलगड़ी समर्थक कहते है कि सरकार व प्रशासन प्रयोजित है तो प्रशासन-सरकार कहती है कि पत्थलगड़ी समर्थकों का हाथ है। परंतु इन सबके बीच प्रशासन और ग्रामीणों के बीच संवादहीनता की कमी के कारण विवाद चरम पर पहुंच गया है। यदि झारखंड के सामाजिक कार्यक र्ता और आदिवासी शिक्षित बुद्धिजीवियों व इतिहासकारों के विचार की सुने तो वे कह रहे है कि मुंडा विद्रोह है पत्थलगड़ी आंदोलन और यह धीरे-धीरे हूल का रूप ले रही […]

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