बाबा रामदेव की पतंजलि लि. का फर्जीवाड़ा, हुआ 11 लाख का जुर्माना

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नई दिल्ली। योग गुरू बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड को कोर्ट ने प्रोडक्ट्स की ब्रांडिंग और प्रचार के मामले में फर्जीवाड़ा करने का दोषी पाया है। अन्य स्थानों पर बने उत्पाद को पतंजलि ब्रांड के नाम से बेचने के केस में कोर्ट ने बाबा रामदेव की कंपनी पर 11 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। लेकिन इस खबर अखबारों और न्यूज चैनलों में कोई जगह नहीं मिली। शायद इसलिये कि पताजंलि आर्युवेद लिमिटेड उनके लिये विज्ञापन आदि के तौर पर आमदनी का एक बड़ा स्रोत बन गया है।

खबर है कि हरिद्वार एडीएम एलएन मिश्रा की अदालत ने पतंजलि को पांच प्रोडक्ट्स की फर्जी ब्रांडिंग करने का दोषी पाया और इसकी सजा के तौर पर 11 लाख बतौर जुर्माना चुकाने का आदेश दिया। कोर्ट ने सरसों की गलत ब्रांडिंग करने पर 2.5 लाख, नमक के लिए 2.5 लाख, पाइन एप्पल जैम के लिए 2.5 लाख, बेसन के लिए 1.5 लाख और शहद को पतंजलि का बताकर बेचने के लिए 2 लाख रुपए का जुर्माना लगाया। कोर्ट ने  अपने आदेश में साफ तौर पर कहा गया कि उन उत्पादों को पतंजलि ने नहीं बनाया था।

उल्लेखनीय है कि हरिद्वार के खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगेंद्र पांडे ने 2012 में दिव्य योग मंदिर के पतंजलि स्टोर से सरसों तेल,  नमक,  बेसन, पाइन एप्पल जैम और शहद के सैंपल लिए गए थे। इन सैंपल्स को रुद्रपुर लेबोरेटरी में टेस्ट किया गया। टेस्ट में पतंजलि के सैंपल फेल हो गए।

उस जांच रिपोर्ट के आधार पर एडीएम कोर्ट में केस दायर किया गया था और पतंजलि पर मिसब्रांडिंग और गलत प्रचार का चार्ज लगाया गया था। यह केस चार साल तक चला।

इस मामले में एडीएम कोर्ट ने 1 दिसंबर को फैसला सुनाया था, जो अब जाकर सार्वजनिक हुआ है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगेंद्र पांडे ने बताया कि जिन प्रोडक्टस पर जुर्माना लगाया है, इनकी जांच में पता चला कि ये पतंजलि की यूनिटों में नहीं बनाए जा रहे थे।

बकौल पांडे, उसे किसी और फैक्ट्री में बनाया गया था जबकि, इसे पतंजलि कंपनी अपना एक्सक्लूसिव प्रोडक्ट बताकर बेच रही थी। इस तरह से यह कस्टमर्स को पतंजलि के नाम पर धोखा दे रही थी।

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