सुरक्षा बलों के खिलाफ महिलाओं का नग्न आंदोलन

मणिपुर में सुरक्षा बलों की कथित हवस और दरिंदगी के ख़िलाफ़ दशकों से ज़ारी आंदोलन ने एक नया रूप ले लिया है।स्त्रियां नग्न होकर सड़कों पर सुरक्षा बलों द्वारा लगातार ज़ारी बलात्कार का विरोध कर रही हैं। ऐसे ही प्रदर्शन असम में असम राइफल्स के मुख्यालय में हुए हैं। वहां की स्त्रियों का आरोप है कि आतंकियों की तलाशी के नाम पर जवान उनके घरों में घुस जाते हैं और घर की युवा स्त्रियों को अपनी हवस का शिकार बनाते हैं। इन आरोपों में थोड़ी अतिरंजना हो सकती है, लेकिन वहां की स्वयंसेवी संस्थाओं का सर्वे बताता है कि बलात्कार के […]

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हिंदी ब्लॉगिंग के समक्ष उत्पन्न संकट

हिंदी ब्लॉगिंग का एक साल और गुज़र गया लेकिन  फिर भी 10 साल पूरे नहीं हुए। इसके बावजूद हिंदी ब्लॉगिंग के 10 वर्षीय उत्सव मना डाले गए। हिंदी ब्लॉगिंग की इस प्री-मेच्योर डिलीवरी या भ्रूण हत्या को पूरे ब्लॉग जगत ने देखा और सराहा। संवेदनशील काव्यकारों और बुद्धिकारों ने इसमें सक्रिय सहयोग दिया और बदले में सम्मान आदि पाया। इसमें जो ख़र्च आया, उसे भी सहर्ष स्वीकार किया गया और यह परंपरा आगे भी जारी रहे, इसके लिए वे प्रयासरत हैं। इस तरह नाम और शोहरत के ग्राहकों और सप्लायरों ने हिंदी ब्लॉगिंग का व्यापारीकरण कर दिया। यह एक दुखद घटना […]

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यमराज और स्वर्ग प्राप्ति के नये नियम

राज़नामा.कॉम। यमराज  अपने सिंहासन पर विराजमान हो,  उंघ रहे थे कि चिंतित चित्रगुप्त ने आकर उन्हे डिस्टर्ब कर दिया। यमराज बोले-  “चित्रगुप्त हमारी रानी की तरह तुम्हे भी क्या हमारा सुख देखना पसंद नही।” चित्रगुप्त ने सफ़ाई दी – “महाराज, दो आपात कालीन पत्र आये हैं एक स्वर्ग से दूसरा नर्क से।” यमराज ने पत्र सुनाने का इशारा किया। सो चित्रगुप्त ने पहला पत्र स्वर्गाधिपति इंद्र का पढ़ना शुरू किया- ” मेरे प्यारे मित्र यमराज, आपके रहते हुये स्वर्ग के साथ ऐसा अन्याय क्यों हो रहा है। आज कल कोई भी मनुष्य स्वर्ग नही भेजा जाता। अप्सरायें त्राही त्राही कर रही […]

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जय मां भारती। तुझे सलाम।

आज साल-2012 का अंतिम दिन है। यह मेरे लिये आत्म-चिंतन का दिन है। 2012 मानसिक-शारीरिक तौर पर बड़ा पीड़ादायक रहा, फिर भी चेहरे पर मायूसी को फटकने न दिया। 2012 में व्यवस्था के प्रति मन में अविश्वास उत्पन्न हुआ। सत्ता-माफिया-पुलिस के धुरंधरों ने जबरन 15 लाख का रंगदार बना कर जेल भिजवाया। क्या ये लोग किसी को कभी भी कुछ भी बना सकते सकते हैं ? मलाल की बात है कि रांची की मीडिया ने अपना काम ईमानदारी से नहीं किया। उसने सच की परिभाषा ही बदल दी। दारोगा से लेकर आईपीएस अफसर भी माफियाओं के आदेशपाल बने दिखे। तब सब कुछ […]

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थाने में बंट रहा है चोरी का माल सारा

सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा, हम बुलबुलें हैं इसकी ये गुलगुला हमारा। बुड्ढे कुंवारियों से नैना लड़ा रहे हैं, मकबूल माधुरी की पेंटिंग बना रहे हैं, ऊपर उगी सफेदी भीतर दबा अंगारा, सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा। सत्ता के सिंह बकरी की घास खा रहे हैं, गांधी की लंगोटी का बैनर बना रहे हैं, चर-चर के खा रहे हैं चरखे का हर किनारा, सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा। नारी निकेतन उसके ही बल पे चल रहे हैं, हर इक गली में छै छै बच्चे उछल रहे हैं, जिसको समझ रहा है सारा शहर कुंवारा, सारे जहां से अच्छा […]

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संकीर्ण मानसिकता को बढ़ावा देते अभद्र कपड़े

बलात्कार का हर कोई विरोध और भर्त्सना करेगा चाहे वो स्त्री हो या पुरूष लेकिन तेरी नजर में खोट है , मैं क्यूँ कपड़े ढँकू ” वाले सिद्धांत को वैश्विक मान्यता दिलाने वाले बुद्धजीवियों से यह भी पूछा जाना चाहिये कि…..  माना कि किसी की नजर खोटी है। पर किसी ने अपने दर्जी को कमर का नाप क्यूँ ज्यादा बताया। जबकि, अपनी कमर पतली करने के लिए तो पूरी दुनिया में होड़ मची है । चर्चे के पैमाने को थोडा बड़ा कीजिये। फर्ज कीजिये तस्वीर में कोई पुरुष है।क्या महिलाओं के नज़र में खोट आएगी ? हमारा देश हमारी संस्कृति अभी एक […]

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मुंडा की चुप्पी वनाम शर्मसार भाजपा

झारखंड के सीएम अर्जुन मुंडा अंततः आज 30 दिसबंर को अपने चिरपरिचित “गुरुजी” झामुमो के शिबू सोरेन से मिले। मिलने के बाद उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि उनकी सरकार स्थिर है। लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि यह स्थिरता कब तक कायम रहेगी।  श्री मुंडा के 29 दिसबंर को सरकार समन्वय समिति की बैठक में स्थिति स्पष्ट करने की घोषणा और अध्यक्ष की हैसियत से शिबू सोरेन का बैठक न बुलाना भाजपा-झामुमो के बीच गहरी खाई के स्पष्ट संकेत दे चुके थे। ऐसे में रांची की मीडिया के एक बड़े वर्ग द्वारा उस खाई को पाटने का इसे बड़े मौके के […]

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पोर्न-वेबसाइटों पर प्रतिबन्ध लगे

पटना में जुलाई 2012 में हुए गैंग-रेप केस में मैंने पाया है कि उसके अपराधी इंटरनेट पर आदतन पोर्नोग्राफी देखते थे। सभी जानते हैं कि रेप के समय उन अपराधियों ने उस पूरी घटना का एम् एम् एस बनाया था और उसे इंटरनेट पर डाला था।  इसलिए भारत में चीन की तरह ही , अब पोर्न-वेब साइटों पर सख्त प्रतिबन्ध लगाया जाना चाहिए।  पूरी दुनिया , ख़ास तौर से पश्चिमी देशों के लोग अब यह मानने लगे हैं कि पोर्नोग्राफी के कारण उनके यहाँ बालको और महिलाओं के विरुद्ध अपराध बढ़ रहे हैं हैं । मनोवैज्ञानिक और तंत्रिका-विज्ञानी यह मानते हैं […]

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तितली का संघर्ष

एक बार एक आदमी को अपने बाग़ में टहलते हुए किसी टहनी से लटकता हुआ एक तितली का कोकून दिखाई पड़ा. अब हर रोज़ वो आदमी उसे देखने लगा , और एक दिन उसने ध्यान किया कि उस कोकून में एक छोटा सा छेद बन गया है. उस दिन वो वहीँ बैठ गया और घंटो उसे देखता रहा. उसने देखा की तितली उस खोल से बाहर निकलने की बहुत कोशिश कर रही है , पर बहुत देर तक प्रयास करने के बाद भी वो उस छेद से नहीं निकल पायी , और फिर वो बिलकुल शांत हो गयी मानो उसने हार […]

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ब्लैकमेलिंग की मोड़ पर फिर ठिठका झारखंड

आज झारखंड में राजनीति अजीब मोड़ पर है। झूठ, फरेब, छल, प्रपंच और ब्लैकमेलिंग इसके मुख्य तत्व बन गये हैं। राज्य के भाजपाई सीएम अर्जुन मुंडा का तो और भी सानी है। यहां की पूरी राजनीतिक व्यवस्था को मात्र कयासों के भंवरजाल में उलझा रखा है। इसका सीधा कुअसर समूचे प्रशासनिक व्यवस्था पर पड़ रहा है।  फिलहाल एक बड़ा सबाल उभर कर सामने आया है कि भाजपा के अर्जुन मुंडा और झामुमो के शिबू सोरेन के बीच सफेद झूठ कौन बोल रहा है। मुंडा जहां मुख्यमंत्री हैं वहीं, सोरेन उनकी सरकार समन्वय समिति के अध्यक्ष। और तो और श्री सोरेन की […]

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झारखंड में यह कैसा राज

 झारखंड में यह कैसा राज कायम है ? कानून नाम की कोई चीज नहीं है। यहां पुलिस-प्रशासन के लोग  अपनी दोनों हाथ जेब डाल सिर्फ तोंद फुला रहे हैं ? राजधानी रांची से लेकर खूंटी जैसे ग्रामीण क्षेत्रों तक, सब कुछ सत्तारुढ़ भाजपा के राम भरोसे है। मीडिया अपनी-अपनी सैत्तिक ” जात ” की  चेहरे चमकाने में लगी है। खूंटी के मान्हू गांव में  परंपरागत हरवे-हथियार से लैस करीब 40-50 लोगों ने  रेवा गांव के पांच लोगों को मार डाला गया। जिसमे 4 लोगों की हत्या एक जगह तो पांचवें की हत्या करीब 2 किलोमीटर खदेड़ कर खिजरी गांव के पास […]

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बिजली के इस बड़े चोर के खिलाफ क्या हुई ठोस कार्रवाई

झारखंड राज्य बिजली बोर्ड की सबसे बड़ी समस्या बड़े चोरों की है। यहां कई बड़े-बड़े उद्योगपति व्यापक पैमाने पर बिजली चोरी करते आ रहे हैं। ऐसी बात नहीं है कि बिजली विभाग के अधिकारी-कर्मचारी गंभीर नहीं होते। वे यदा-कदा गंभीर होते भी हैं तो उन पर सरकार स्तर पर भी कोई कार्रवाई नहीं हो पाती है और येन-केन-प्रक्ररेण मामले को दबा दी जाती है। यदि घोर बदहाली झेल रहे झारखंड के उपर से मलवे हटाये जाये तो बिजली के कई बड़े चोर यू हीं बेनकाब हो जायेगें।  फिलहाल, झारखंड में ऐसे ही बिजली के एक बड़े चोर कंपनी का नाम उभर […]

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