67 साल बाद भी झारखंड के गांवों में मौजूद है गरीबी और शोषण :रघुवर दास

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cm raghubarमुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि आजादी के 67 साल बाद भी प्रदेश के गांवों में गरीबी और शोषण मौजूद है। ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था सुदृढ़ करने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ग्रामीण विकास फेलोशिप योजना के तहत जो प्रशिक्षणार्थी हिस्सा ले रहे हैं। वे योजनाओं के क्रियान्वयन को अमलीजामा पहनाने के लिए इसे नौकरी नहीं मिशन मानें। सेवा की भावना में समर्पण और दृढ़ निश्चय होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने एटीआई में प्रधानमंत्री ग्रामीण विकास फेलोशिप योजना के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। प्रशिक्षण शिविर में 18 राज्यों के प्रशिक्षणार्थी हिस्सा ले रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री ग्रामीण विकास फेलोशिप योजना का द्वितीय प्रशिक्षण शिविर झारखंड में आयोजित हो रहा है। प्रशिक्षणार्थियों को संदेश दिया कि प्रशिक्षण के बाद वे वास्तविक संसार में आएंगे तो उनके लिए एक अलग अवसर होगा। वे अपने ज्ञान और कौशल की दक्षता से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जीवनी पढ़ें और उसपर फोकस करें। महात्मा गांधी ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर फोकस किया था। उनका आंदोलन शोषण के खिलाफ था।

मुख्यमंत्री ने कहा झारखंड सरकार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सपनों को साकार करने का प्रयास कर रही है। जिसके पास जितना ज्ञान होगा, वह देश और राज्य उतना ही आगे बढ़ेगा। प्राचीनकाल से ही भारत के पास ज्ञान का भंडार है। मुगल और अंग्रेजों ने ज्ञान को छिन्न-भिन्न करने की कोशिश की। वर्तमान में आईटी को प्राथमिकता दी जा रही है।

इस मौके प्रधानमंत्री ग्रामीण विकास फेलोशिप योजना की प्रोग्राम निदेशक सह टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस की प्रमुख सीता प्रभु ने कहा यह प्रोग्राम स्थानीय समस्याओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें कृषि, जनजातीय समस्या, स्मार्ट गांव, सूचना-तकनीक, पेयजल और एनजीओ की भूमिका को ध्यान में रखा गया है। 23 नवंबर को टीम खूंटी का भ्रमण कर शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका संबंधित आंकड़े एकत्र करेगी।

कार्यक्रम निदेशक सौमेन विश्वास ने कहा कि योजना के तहत सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर मानव संसाधन तैयार किए जाएंगे। झारखंड में प्रधानमंत्री ग्रामीण विकास फेलोशिप योजना का बेहतर इस्तेमाल हो सकता है।

एटीआई के महानिदेशक सुधीर प्रसाद ने कहा एटीआई में नए पदों के सृजन की जरूरत है। एटीआई जीर्ण-शीर्ण हो रहा है, जिसके विकास की जरूरत है। प्रशिक्षणार्थी का इस्तेमाल राज्य सरकार कर सकती है। इन प्रशिक्षणार्थियों के पास इंजीनियरिंग और एमबीए की डिग्री है। एटीआई में विशेष कोषांग गठित किया गया है।

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