40 के दशक में दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश होगा भारत : भटकर

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नालंदा ( रामविलास )। नालंदा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं आईटी के अंतर्राष्ट्रीय निदेशक पद्मभूषण डॉक्टर विजय भटकर ने कहा है कि 21वीं सदी भारत का होगा। 40 के दशक में भारत अमेरिका से आगे होगा। भारत का विकास दुनिया में सबसे ज्यादा होगा।

राजगीर के इंटरनेशनल कन्वेंशन हाल में आयोजित प्रेसवार्ता में कुलाधिपति ने आगे कहा कि भारत में शिक्षा, विज्ञान और कृषि के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। नालंदा विश्वविद्यालय दुनिया को नया संदेश देना चाहता है। भारत विश्व गुरु तब होगा जब दुनिया के देशों से छात्र नालंदा पढ़ने के लिए आएंगे।

उन्होंने कहा कि कल नालंदा विश्वविद्याय के गैर आवासीय भवन निर्माण के लिए भूमि पूजन समारोह चल रहा था। उस समय मेरे मन में अनेक विचार आ रहे थे। पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने मुझसे कहा था कि नालंदा का उत्थान किया जाए । उन्होंने 20-20 का विजन भी दिया था। 20वीं सदी अमेरिका का था। लेकिन 21वीं सदी भारत का होगा। भारत दुनिया का सबसे विकासशील देश होगा। देश में अनेक विरोधाभास होते हुए भी विज्ञान के क्षेत्र में भारत उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है।

चीनी विद्वान ह्वेनसांग की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जिसे दिन जापान , कोरिया,  अमेरिका,  चीन के छात्र नालंदा विश्वविद्यालय में अध्ययन के लिए आएंगे उसी समय से नालंदा की शैक्षणिक परंपरा में उत्कृष्ट होगा। धर्म के मर्म को समझने की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि ज्ञान के अनुरूप आचरण करना ही अध्यात्म है। नालंदा विश्वविद्यालय और राजगीर का विकास साथ-साथ होगा।

एक सवाल के जवाब में कुलाधिपति ने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय में कई महत्वपूर्ण पद रिक्त हैं,  जिसे भरने के लिए योग्य व्यक्ति की तलाश जारी है। दुनिया के देशों के विवाद का हल नालंदा विश्वविद्यालय में ढूंढा जाएगा और यहीं से शांति का पैगाम दिया जाएगा।

उन्होंने कहा विज्ञान और अध्यात्म सिक्के के दो पहलू हैं। डॉ विजय भटकर ने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक होगा। डॉक्टर कलाम ने भी उन्नत भारत की परिकल्पना की थी। भारत उन्नत देश तभी होगा जब उन्नत देशों के छात्र फिर से नालंदा पढ़ने के लिए आएंगे।

उन्होंने कहा कि मैं गांव के विकास के लिए उन्नत भारत अभियान पहले से चला रखा हूं। गांव के विकास के लिए सरकार अनेक योजनाएं चला रही है। लेकिन उस उतत्म प्लान के अभाव में सर जमीन पर वैसा नहीं हो रहा है जैसा सरकार चाहती है। कुलाधिपति ने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय पूर्ण आकार ले लेगा, तब इलाके के 200 गांव को विश्वविद्यालय गोद लेगा ।

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