पता नहीं कब हम अर्थ और व्यर्थ का अर्थ समझ पायेंगे!

“आज प्रेमचंद जीवित होते, तो देशद्रोही कहलाते। सोशल मीडिया पर ट्रोल होते और माँ बहन की ऐसी ऐसी गालियाँ खाते कि अपनी रचनाशीलता को कमतर मान लेते….” कल खबर पढ़ रहा था, उनके गाँव के घर की बत्ती गुल कर दी है बिजली विभाग ने। बिल नहीं भरा होगा। नियति देखिये, […]

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