’11 जुलाई तक राजगीर मलमास मेला सैरात भूमि से हटायें अतिक्रमण’

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” जिला प्रशासन मलमास मेला के पूर्व मलमास मेला सैरात भूमि की ऊंची कीमत पर बंदोबस्ती करता है । बंदोबस्ती 73. 03 एकड़ का किया जाता है। लेकिन ठेकेदार को केवल 30 एकड़ जमीन मुहैया कराया जाता है।  इस बात को लेकर मेला ठेकेदार और जिला प्रशासन में हर बार किचकिच होते रहता है । प्रमंडलीय आयुक्त के इस आदेश का अनुपालन किया गया तो आने वाला समय में मलमास मेला ठेकेदारों को कोई परेशानी नहीं हो सकती है “

नालंदा ( राम विलास )। पटना प्रमंडलीय आयुक्त आनंद किशोर ने राजगीर के मलमास मेला  सैरात भूमि को 11 जुलाई तक अतिक्रमण मुक्त कराने का आदेश जारी किया है। यह आदेश राजगीर के अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को दिया गया है । इसके साथ ही 11 जुलाई 2017 को प्रमंडलीय आयुक्त के समक्ष उपस्थित होकर  अनुपालन प्रतिवेदन समर्पित करने का आदेश द्वय पदाधिकारी को दिया गया है। 

प्रमंडलीय आयुक्त  ने नालंदा के जिला पदाधिकारी और बरीय पुलिस अधीक्षक को अपने स्तर से अतिक्रमण मुक्त अभियान का अनुश्रवण करने तथा आवश्यकता अनुसार स्थानीय प्रशासन को संसाधन उपलब्ध कराने के निदेश दिया है।

राजगीर के पुरुषोत्तम प्रसाद द्वारा दायर प्रथम अपील वाद की सुनवाई करते हुए प्रमंडलीय आयुक्त आनंद किशोर ने 27 जून 2017 को यह आदेश पारित किया है।

उन्होंने अपने आदेश में कहा कि लोक प्राधिकार सह अंचल पदाधिकारी, राजगीर ने उन्हें बताया है कि मलमास मेला सैरात भूमि के कुल 33 में से  27 अतिक्रमणकारियों के खिलाफ अतिक्रमण वादों में आदेश पारित किया जा चुका है। अंचलाधिकारी राजगीर के द्वारा जिन लोगों के विरुद्ध अतिक्रमण हटाने का आदेश पारित किया गया है। प्रथम चरण में उन्हीं अतिक्रमणकारियों से मलमास मेला सैरात भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का आदेश दिया गया है।

अपीलार्थी पुरुषोत्तम प्रसाद की शिकायत है कि मलमास मेला सैरात भूमि पर बने अवैध भवनों में टेलीफोन, बिजली और पानी का कनेक्शन देना गैरकानूनी है । सैरात भूमि पर बने  होटलों, आवासों, कार्यालयों  में बिजली – पानी का कनेक्शन नियमानुकूल नहीं है । इसलिए उन्होंने सैरात भूमि पर बने सभी होटलों ,आवासों, गेस्ट हाउसों, कार्यालय में लगे बिजली – पानी और टेलीफोन का कनेक्शन काटने का आग्रह किया था।

जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी नालंदा के बार-बार आदेश के बाद भी संबंधित विभाग के पदाधिकारियों ने  बिजली -पानी, टेलीफोन का कनेक्शन कटा  और न ही इस कार्यवाही के लिए बनाए गए नोडल पदाधिकारी सह अनुमंडल पदाधिकारी , राजगीर में कनेक्शन कटवाने में सफल हो सके।

प्रमंडलीय आयुक्त पटना ने टेलीफोन, बिजली और पानी कनेक्शन काटने के आदेश के बजाय सीधे अवैधे अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी किया है । एक कहावत है न रहेगी बांस और न बजेगी बांसुरी । इसी तर्ज पर प्रमंडलीय आयुक्त का का यह निर्णय प्रतीत होता है । इससे जाहिर होता है कि जब मलमास मेला सैरात की भूमि पर अतिक्रमण रहेगा ही नहीं तो टेलीफोन , बिजली और पानी कनेक्शन काटने की नौबत ही नहीं आएगी। प्रमंडलीय आयुक्त के इस आदेश से राजगीर के संस्कृति  और अध्यात्म में विश्वास रखने वालों ने खुशी की लहर का संचार हो रहा है।

 सर्वविदित है कि राजगीर की इस अध्यात्मिक धरती पर हर 3 साल पर मलमास मेला का आयोजन होता है, जिसमें भारत के कोने-कोने से श्रद्धालु तो आते ही   हैं। नेपाल समेत दुनिया के कई देशों के श्रद्धालु इस मेले में आकर मोक्ष प्राप्ति   की कामना करते हैं।

जिला प्रशासन मलमास मेला के पूर्व मलमास मेला सैरात भूमि की ऊंची कीमत पर बंदोबस्ती करता है । बंदोबस्ती 73. 03 एकड़ का किया जाता है। लेकिन ठेकेदार को केवल 30 एकड़ जमीन मुहैया कराया जाता है।  इस बात को लेकर मेला ठेकेदार और जिला प्रशासन में हर बार किचकिच होते रहता है । प्रमंडलीय आयुक्त के इस आदेश का अनुपालन किया गया तो आने वाला समय में मलमास मेला ठेकेदारों को कोई परेशानी नहीं हो सकती है।

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