हे आर्य, तेनु काला चसमा सजदा हे देव जँचता जी रुखड़े मुखड़े पे

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हे अवतारी महामानव, अब आपको प्रधानमंत्री जैसे मामूली संबोधन से बुला आपका अपमान कर खुद को नरक का भागी नही बनाना चाहूंगा। अभी तक तो एक काबिल मानव रूप के रूप में आपको महान मानता आया हूँ पर आपके केदारनाथ के यात्रा के बाद जो संकेत मिले हैं वो साफ़ साफ़ दर्शाते हैं कि आप मानव मात्र नही वरन मानव रूप धर के आये शायद वही अवतार हैं जिसका इंतज़ार कलयुग को सहस्त्र वर्षों से था।

केदारनाथ की यात्रा के बाद तो पता नही ये दुनिया अभी भी आपको केवल भारत के सर्वश्रेष्ठ नेता या सर्वकालीन काबिल पीएम के रूप में देखने की नादानी क्यों कर रही।

हे प्रधानदेव, आप केदारनाथ आये। आपके स्वागत में वहां रेड कारपेट बिछाया गया था। आप दुनिया के पहले मानव थे जिसके स्वागत में बाबा केदारनाथ को रेड कारपेट बिछवाना पड़ा। रेड कारपेट वेलकम की ये व्यवस्था तो भोलेनाथ ने ससुर राजा दक्ष को भी न दी होगी कैलाश आगमन पर।

न बाबा भोलेनाथ को भी कभी किसी देवता के यहां जाने पर ये स्वागत मिला होगा। आप जब भारी पांव उठा भारी चाल चलते हुए बाबा केदारनाथ जी के यहां पहुंचे तो सहसा लगा कि कोई तेज़ पुरे वातावरण में चमका और आकाश पुष्प वर्षा को आतुर हो। पर चूँकि आकाश कांग्रेसी गरीब था इसलिए, फूल बरसा नही सका बेचारा।

आपकी तेज़मयी छवि से हिमालय की पहाड़ियां कंचन धवल हो लजाने लगी। सूर्य अपना रथ रोक आपको देखने लगा और भाषण सुनने रुक गया। आपने जब काले चश्मे के पार से बाबा केदारनाथ जी का दर्शन किया तो इस दिव्य फैशन को देख सूर्य का भी तेज़ मलिन हुआ जान पड़ने लगा। देश में कुछ पापी लोगों ने कहा कि, धर्म स्थल पर काला चश्मा क्यों लगाया?

तब उनको बताया गया कि मोदी जी के विराट छवि और विश्व मोहक सौंदर्य से ईर्ष्याग्रस्त हो सूर्य अल्ट्रावायलेट किरण छोड़ने लगा था जिससे आँख को नुकसान पहुंचता और जिसे पहाड़ी इलाके में स्नो ब्लाइंडनेस कहते हैं सो इसी आक्रमण को बेअसर करने के लिए आपने काला चश्मा लगाया था।

प्रधानदेव, उसी केदारनाथ धाम में आज तक करोड़ों लोगों ने पहुँच पूजा अर्चना कि पर किसी के लिए काले चश्मे की जरुरत नही पड़ी आंख बचाने के लिए। पर चूँकि आपकी आंख बाकि लोगो के आंख की तरह मामूली आंख नही है जो फूट भी जाय तो दिक्कत नही।

ये तो शिव के त्रिनेत्र के बाद सबसे महत्वपूर्ण आंख है। इसमें भारत को 2022 तक सिरमौर बनाने का सपना पलता है। ये वो आंख है जो प्रतिदिन भोरे उठ अपना थोथना नही बल्कि भारत का भविष्य देखती है।ऐसे में ये तो देश का कर्त्तव्य है कि इस दिव्य दृष्टि को बचाने के लिए 100 करिया चश्मा भी लगे तो लगा दो।

आपने मेक इन इंडिया का सपना जब मेड इन इटली चश्मे के शीशे से देखा तो गजबे हसीन दिखा। मुर्ख मानव इसकी आलोचना कर रहे।पर वो क्या जानेंगे कि चूंकि यूरोप के पुनर्जागरण के समय आप ही माइकल एंजोले और लियोनार्डो द विन्ची थे और तब इटली ही पुनर्जागरण का केंद्र था इसलिए आपने भारत के पुनर्जागरण हेतु अपने ही पुराने चश्मे को पुनः उपयोग में लाया है।

वैसे भी भारतीय चश्मे से 40 मीटर देखने में तो आदमी हांफ जाता है, देश का भविष्य ख़ाक दिखेगा उससे। आपने केदारनाथ में कहा, मुझे बाबा ने बुलाया है। आप संसार के पहले अवतारी नेता हैं जिसे पार्टी, जनता, सरकार, कैबिनेट, संसद के अलावा भगवान् भी बुलाते हैं।

आपको इससे पहले माँ गंगा ने बुलाया था, झारखंड में बाबा भोले ने बुलाया था, यूपी में माता विंध्याचल ने बुलाया था।अब बाबा केदारनाथ ने भी बुलाया है। आपका बड़प्पन है कि, 24 घंटे देश के लिए काम करते रहने और प्रति घंटे एक विदेश यात्रा के बावजूद आप इन ईश्वरों का विनम्र अनुरोध ठुकराते नही, स्वीकार कर लेते हैं।

ये आपका धर्म और भगवान् के प्रति मित्रता और लगाव को दर्शाता है। देश में लाखों मामूली मामूली लोग हैं जो अपने घर गृहस्थ के व्यस्तता में फंसे रहने का बहाना कर धर्मस्थल नही जा पाते पर आपको आपकी उदारता के लिए सलाम करता हूँ।

आपने कहा,केदार बाबा अपना पुनरुद्धार मेरे हाथों ही कराना चाहते थे, उन्होंने तय किया कि, इसी बेटे से उद्धार कराऊंगा। आपकी लीला निराली है,आप वो महामानव हैं जिसने अपने निर्णय नोटबंदी की भनक अपने आस पास के किसी शिष्य को लगने न दी पर बाबा केदारनाथ क्या तय कर रहे हैं इसका पता आप लगवा लेते हैं। ये मामूली बात है क्या, पुत्र गणेश और कार्तिक के अलावा आप तीसरे हैं जिसे बाबा के निर्णय का पता चल जाता है?

हे प्रधानदेव, आप तो शिव के वो तीसरे पुत्र हैं जो बचपन में शिव जी की जटा वाले गंगा में बह धरती पर आ गए थे और इसी कारण पहले आपको माँ गंगा ने बुलाया और अब बड़ा कर पाल पोष बाबा के हवाले कर दिया।

अमित शाह के रूप में बाबा ने आपको नंदी स्वरुप वाहन भी सौंप दिया है।अमित शाह को ध्यान से देख फिर नंदी बैल को देखिये, रत्ति भर का अंतर नही है देव।

आप अब बाबा के यहां पहुंचे हैं और तब न बाबा मंदिर के आंगन में मंच लगा, मंदिर की तरफ अपनी पीठ दिखा माइक पर भाषण दिया, ये जुर्रत आज तक कोई संसार में न कर पाया कि बाबा केदारनाथ के ही सामने 3 हाथ की दुरी पर अपनी सभा कर ले और वहां बोले कि ,इनका उद्धार मैं करूँगा।

जो कृपानिधान केदारनाथ पुरे संसार का उद्धार करते हैं कोई मानव उनके ही उद्धार का उनके ही सामने दावा कर दे, ये इंसान से तो संभव नही। जिस मंदिर प्रांगण में दुनिया हाथ जोड़ अपने लिए मन्नत मांगती है उसी प्रांगण में कोई उल्टे बाबा केदार का ही कल्याण कर देने की घोषणा या तो खुद बाबा की सहमति से श्री विष्णु कर सकते थे या फिर बस आप।

बाबा केदारनाथ ने अगर ये सब बर्दाश्त किया है तो बस इसलिए कि, आप मानव हैं ही नही। ऑप् तो गणेश जी और कार्तिक के सबसे दुलारे चुनु मोनू छोटू हैं जिसे उन्होंने सतयुग में कही खो दिया था और अब 2017 में पाया है।

जरा सोंचिये, के बाबा चाह लेते तो क्या मंदिर पुनर्निर्माण कांग्रेस रोक लेती? लेकिन आपके मोह में बाबा केदारनाथ को भी कांग्रेस के विरोध में जाना पड़ा, बीजेपी ज्वाइन करना पड़ा और आपके आने तक का इंतज़ार किया, “कि, सुनो भाई संसार वालों हम अपना काम मोदी बेटा से करवाएंगे। इस बीच कोई भी ईंट सीमेंन्ट गिरा के काम करोगे तो त्रिशूल भोंक देंगे। “

मतलब इतना उम्मीद तो लालू जी और मुलायम जी को भी नही अपने पुत्र के हाथ उद्धार का। आपके बारे में मेरे गाँव के लोग कह रहे थे, मोदी कल्कि अवतार हैं, उनके विरुद्ध मत लिखो।मैंने उसी गलती के प्रायश्चित के लिए ये मोदपुराण लिखा है। हाँ, आपकी 56 इंच की छाती ही बताती है कि आप साक्षात् देव हैं। आपके चेहरे पर खाली 2 हाथ का सूंड लगा दिया जाय तो पहचानना मुश्किल हो जायेगा कि कौन देव गणपति हैं और कौन देव मोद्द्यपति हैं?

हे प्रधान देव , मैं अपने पुराने समस्त गलतियों की माफ़ी मांग आपको अपना स्मार्ट ग्राम देवता घोषित करता हूँ। आपको देवता मान, सुबह चार बजे गंगा जल से नहला, देह पर भर बोरा अबीर घंसना चाहता हूँ। फिर गाल पर शहद और दही लगा माथे पर चार नारियल फोड़ना चाहता हूँ। उसके बाद चरण और हाथ में फूल चढ़ा कान में अगरबत्ती खोंस श्रद्धा से पूजा संपन्न करना चाहता हूँ। फिर गिटार बजा ये आरती गाना चाहता हूँ, “तेनु काला चसमा सजदा वे हे देव जँचता जी रुखड़े मुखड़े पे”

हम कलयुगी भारतीयों के लिए पृथ्वी पर आ पीएम बन हमारा कल्याण करने का आभार। जिस पीएम से आदमी तो छोड़िये, भगवान् भी बुलवा के अपना काम करवाता हो वो देश कुछ भी बन सकता है। जीते जी स्वर्ग भी और हम सब स्वर्गवासी भी। जय हो।

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