हार्ट अटैक से नहीं हुई भास्कर समूह संपादक कल्पेश की मौत, पुलिस मान रही है सुसाइड

Share Button

इंदौर स्थित भास्कर मीडिया संस्थान की इमारत की छत पर वरिष्ठ पत्रकार के जूतों के निशान भी मिले हैं। अपराध विज्ञान प्रयोगशाला से सबूतों की जांच करायी जा रही है”

राजनामा.कॉम। देश के जाने माने अखबार दैनिक भास्कर के समूह संपादक कल्पेश याग्निक की मौत के मामले में पुलिस ने आत्महत्या के संदेह में जांच शुरू की है।

यह कदम 55 वर्षीय पत्रकार के शव की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर उठाया गया है जिसमें खुलासा हुआ है कि उनकी कई हड्डियां टूटी हुई थीं।

पुलिस उप महानिरीक्षक हरिनारायणचारी मिश्रा ने आज बताया कि पहले यह बात सामने आयी थी कि याग्निक (55) की मौत दिल के दौरे के कारण हुई लेकिन शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय से उनके शव की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आत्महत्या के कोण से मामले की जांच शुरू की गयी है।

उन्होंने बताया, “पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चलता है कि याग्निक की कई हड्डियां टूटी हुई थीं।”

अधिकारी ने बताया कि पुलिस को शुरूआती जांच के बाद संदेह है कि याग्निक ने शहर के एबी रोड स्थित दैनिक भास्कर की तीन मंजिला इमारत की छत से छलांग लगाकर आत्महत्या की।

मिश्रा ने यह भी बताया कि याग्निक की मौत के मामले में पुलिस के दल ने मौके पर पहुंचकर कुछ सबूत जुटाये हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस को फिलहाल मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। मामले में विस्तृत जांच जारी है।

याग्निक को 12 जुलाई की रात 10:30 बजे के आस-पास उनके अखबार के दफ्तर से विजय नगर क्षेत्र के एक निजी अस्पताल ले जाया गया था।

तमाम कोशिशों के बाद डॉक्टर उनकी जान नहीं बचा सके थे। उन्हें तकरीबन रात दो बजे मृत घोषित किया गया था।

Share Button

Relate Newss:

रांची रेड क्रॉस बैंक में बेरोक-टोक 10 वर्षों से जारी है यह काला कारोबार
कलेक्ट्रिएट में चल रहा एनजीओ परिहार- ‘इट्स हेपेन्ड ओनली इन बिहार’
WCH ropes in Star Cricketer as the Brand Ambassador
खबर का असरः नालंदा के रामघाट बाजार में 4 चौकीदारों की लगी ड्यूटी
समाजिक बदलाव के लिये जरुरी है विचार परिवर्तन :नीतीश कुमार
पत्रकार रंजन हत्याकांड के आरोपी को सीबीआई कोर्ट से जमानत
‘सत्य पर असत्य की विजय’ मामले में दैनिक भास्कर ने अग्रलेख छाप मांगी माफी
….और हिंदू युवा वाहिनी के नेता को एंकर ने लाइव शो से यूं बाहर निकाला
मीडिया की 'पाप-पंचायत' और कठघरे में राजा भइया !
'महाभारत': नीतीश 'अर्जुन' और शरद बने 'कृष्ण'
पेड न्यूज के दोषी दैनिक जागरण को सरकारी विज्ञापन पर केन्द्र सरकार ने लगाई रोक
21 दिन बाद भी सुपरविजन नहीं, बीडीओ पर मेहबान है रांची पुलिस !
JUJ ने राजभवन का घेराव कर दिया एकदिवसीय धरना
संविधान में स्थाई है अनुच्छेद 370 :जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
800 अखबारों को अब नहीं मिलेंगे सरकारी विज्ञापन, 270 पर FIR दर्ज

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Loading...
loading...