हसीन वादियों का लुफ्त उठाते बिहार के CM और उनके पिछे भागती-गिरती मीडिया

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” प्रवास  के तीसरे दिन CM घोड़ा कटोरा पहुंचे और वहां के प्राकृतिक सौंदर्य का लुफ्त उठाया। देर शाम फिर पांडु पोखर पहुंचे।  इस दौरान मीडिया कर्मियों को पांडू पोखर जाने के क्रम में पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने ना केवल कवरेज से रोका बल्कि उन्हें खदेड़ भी दिया।”

नालंदा (ब्यूरो न्यूज)। बिहार के सीएम नितीश कुमार राजगीर प्रवास के तीसरे दिन स्वास्थ्य लाभ के लिए यहाँ की हसीन वादियों का भरपूर लुत्फ़ उठाया। तीन दिनों के एकांतवास के दौरान सीएम न तो मिडिया से मुखातिब नहीं हुए और न ही उनके किसी नेता ने बिहार की राजनैतिक हलचल पर कोई बयान बाज़ी की।

6 जुलाई की दोपहर अचानक राजधानी पटना से खबर आई बिहार के मुख्यमंत्री अचानक राजगीर पहुंचने वाले हैं। इस खबर से प्रशासनिक हलके  में हड़कंप मच गयी  और तुरंत CM के स्वागत की तैयारी हो गई।

दोपहर बाद CM पूरे लाव लश्कर के साथ राजगीर के सर्किट हाउस पहुंच गए। जैसे ही मीडिया कर्मियों को CM के आने की जानकारी मिली सभी लोग राजगीर पहुंच गए। मगर किसी भी मीडिया कर्मियों को CM की एक झलक न मिली।

7 तारीख की सुबह खबर आयी की  सीएम  घोड़ा कटोरा जाने वाले हैं। सभी मीडिया कर्मी फिर सर्किट हाउस पहुंचे। मगर भीषण बारिश के कारण CM का घोड़ा कटोरा प्रस्तावित कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया।

उसके बाद CM राजगीर के जंगलों के बीच बने फॉरेस्ट गेस्ट हाउस पहुंचे और वहां उन्होंने राज्यसभा सांसद आरसीपी सिंह के साथ दोपहर का भोजन किया।  भोजन करने के बाद CM  पुनः सर्किट हाउस लौट आए।

देर शाम फिर सूचना मिली CM पांडु पोखर पहुंचने वाले हैं। काफी देर के बाद CM पांडु पोखर पहुंचे। मगर वहां पहले से मौजूद मीडिया कर्मियों को पांडू पोखर जाने से रोक दिया गया।  मीडिया कर्मी दूर से ही CM की एक झलक को कवर करने के लिए आतुर रहे। मगर CM का फोटो बहुत ही कम पत्रकारों को नसीब हुआ।

चर्चा यह भी है कि बिहार के डीजीपी और गृह सचिव को राजगीर तलब किया गया। मगर ऐसा हुआ नहीं। न तो डीजीपी और न ही गृह  सचिव  राजगीर पहुंचे।

इस दौरान मुख्यमंत्री से मुलाकात बिहार के ग्रामीण कार्य एवं संसदीय मंत्री श्रवन कुमार, नालंदा के सांसद कौशलेंद्र कुमार, राजगीर विधायक रवि ज्योति और विधायक डॉक्टर जितेंद्र से हुई। मगर यह 4 दिनों के प्रवास में सबसे ज्यादा करीब केवल आरसीपी सिंह ही दिखे।

 प्रवास  के तीसरे दिन CM घोड़ा कटोरा पहुंचे और वहां के प्राकृतिक सौंदर्य का लुफ्त उठाया। देर शाम फिर पांडु पोखर पहुंचे।  इस दौरान मीडिया कर्मियों को पांडू पोखर जाने के क्रम में पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने ना केवल कवरेज से रोका बल्कि उन्हें खदेड़ भी दिया।

पूरे प्रवास के दौरान किसी ने भी राजधानी पटना के राजनीतिक हलचल पर कोई भी बयान नहीं दिया।

नालंदा के सांसद कौशलेंद्र कुमार ने केवल इतना बताया कि वह स्वास्थ्य लाभ के लिए आए हैं। इसके अलावा बिहार की वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर किसी भी प्रकार की चर्चा नहीं हुई है।

यही आलम रहा मंत्री श्रवन कुमार का। उन्होंने भी मिडिया से बचते हुए केवल यह कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य लाभ के लिए राजगीर आये हैं।  इस प्रवास के दौरान बताया गया की सीएम स्वास्थ्य लाभ के लिए राजगीर में मौजूद है।

मगर तीन दिनों के दौरान मिडिया कर्मियों को एक भी मेडिकल टीम पर नज़र नहीं पड़ी जो सीएम के स्वास्थ्य जाँच के लिए आये हों।

वर्तमान प्रवेश में लालू परिवार के ऊपर मड़रा रहे सी बी आई के छापे के काले बादल पर सीएम की ओर से कोई रौशनी नहीं डालना, आने वाले समय में बिहार की राजनीत में भूचाल की ओर इशारा जरूर करता है।

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