हरियाणा की घटना के लिए CM खट्टर जिम्‍मेदारः राहुल गांधी

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फरीदाबाद के बल्लभगढ़ स्थित सुनपेड़ गांव में एक दलित परिवार को जिंदा जलाए जाने की घटना के बाद आज कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचे। यहां राहुल पहले पीड़ित परिवार से मिले, जिसके बाद वे दलित समुदाय के लोगों के बीच बैठे और उनसे काफी देर तक बातचीत भी की।

rahul-gandhiइसके बाद राहुल ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘इस घटना के लिए मुख्‍यमंत्री नमोहर लाल खट्टर जिम्‍मेदार हैं और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। हम चाहते हैं कि ऐसी घटना दोबारा न हो और हम इसके लिए लड़ेंगे।’ दोपहर में मुख्‍यमंत्री मनोहर लाल खट्टर भी पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचेंगे।

वहीं, इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ़्तार किया गया है। साथ ही लापरवाही बरतने के आरोप में सात पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया गया है। ये पुलिसवाले परिवार की सुरक्षा में तैनात थे।

faridabad‘नाराज लोगों ने किया फरीदाबाद-बल्‍लभगढ़ बायपास रोड जाम’

इस घटना से नाराज दलित समुदाय के लोगों ने फरीदाबाद-बल्‍लभगढ़ बायपास रोड को जाम कर दिया। पीडि़त परिजनों का कहना है कि जब तक सभी 11 आरोपी गिरफ्तार नहीं हो जाते और सभी 7 पुलिसवालों को सजा नहीं हो जाती, तब तक दोनों बच्‍चों का अंतिम संस्‍कार नहीं किया जाएगा।

‘दोपहर तक गांव पहुंचेंगे बच्‍चों के शव’

इस घटना में मारे गए जितेंद्र के दोनों बच्‍चों दो साल के वैभव और 1 साल की दिव्या का आज सफदरजंग अस्पताल में पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। दोनों के शव दोपहर तक सुनपेड गांव में पहुचेंगे। एक सवर्ण परिवार पर इन लोगों को जलाकर मारने का आरोप है।

faridabad dalit story‘पुलिस कमिश्‍नर की लिखित गारंटी के बाद भी हुआ हमला’

दैनिक भास्‍कर की खबर के मुताबिक, पुलिस कमिश्‍नर ने जितेंद्र को उचित सुरक्षा देने का लिखित वादा किया था। इसके बावजूद यह घटना हुई। पिछले साल गांव में मोबाइल को लेकर हुए झगड़े के बाद सवर्ण जाति के तीन लोगों की हत्‍या कर दी गई थी। तब दलित परिवार पर हत्‍या का आरोप लगा था।

दलितों को डर था कि दबंग पूरी जाति से इसका बदला लेंगे। लिहाजा, कई दलित परिवार गांव छोड़कर चले गए थे, जिसमें जितेंद्र भी शामिल था।

हालांकि एससी/एसटी आयोग में मामला जाने के बाद फरीदाबाद के पुलिस कमिश्‍नर ने लिखित में कहा था कि जितेंद्र के घर के पास एक पुलिस जिप्‍सी, आधा दर्जन हथियारबंद जवान और दो बाइक सवार जवान तैनात रहेंगे।

साथ ही एसएचओ मामले की निगरानी करेंगे। इस भरोसे के बाद ही जितेंद्र और उसका परिवार इसी वर्ष जनवरी में गांव में लौटा था।

‘सदमे में है पूरा गांव’

इस हमले में घायल जितेन्द्र, उसका परिवार और पूरा गांव सदमे में हैं। उनका आरोप है कि मंगलवार की अल सुबह करीब 3 बजे उसके घर में कई सवर्ण जाति के लोग दाखिल हुए और पेट्रोल डालकर उनके परिवार को जिन्दा जला दिया।

इस घटना में जितेन्द्र का दो साल का बेटा वैभव और करीब एक साल की बेटी दिव्या की मौत हो गई, जबकि पत्नी रेखा और वह खुद घायल है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है।

घटना के बाद पुलिस ने गांव को छावनी में तब्दील कर दिया। घटना की जगह पर फोरेंसिक एक्सपर्ट ने जांच की। हालांकि पुलिस को ऐसा कोई चश्मदीद नहीं मिला, जिसने आरोपियों को देखा हो।

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