हम युवा पीढ़ी के बेहतर भविष्य के लिए मांग रहे हैं विशेष राज्य का दर्जा

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हम विकास के एजेंडे पर ही चुनाव में उतरे हैं। हमने जो वायदे पहले के चुनावों में बिहार की जनता से किए, उन्हें पूरा किया। सुशासन के अपने एजेंडे पर खरे उतरे। कई क्षेत्रों में आगे बढ़कर काम किया। हमने सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, मानव विकास, महिला सशक्तीकरण, कृषि समेत आधारभूत संरचना के विकास के मोर्चे पर खूब काम किया है।

nitishहमारी सबसे बड़ी उपलब्धि कानून का राज कायम करना है। बिहार में अपराधियों का खौफ नहीं है। बिहार में अभी बहुत काम करने की जरूरत है। इसलिए यहां ऐसी ही सरकार चाहिए, जो काम करने में यकीन करती है। हमारा ट्रैक रिकार्ड काम करने का है।

विकास के हमारे मॉडल को देश- दुनिया में सराहा गया। हमने कई ऐसे सफल प्रयोग किए, जिसे बाद में दूसरे राज्यों और केन्द्र सरकार ने भी अपनाया। पंचायतों और नगर निकायों में सबसे पहले हमने महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण दिया।

बच्चियों को स्कूल जाने के लिए साइकिल देने की हमारी योजना सुपरहिट रही। इसे कई राज्यों ने बाद में शुरू किया। सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 35 फीसदी आरक्षण देने का निश्चय किया है।

हम बच्चों को भी साइकिल दे रहे हैं। एक करोड़ युवाओं को स्किल ट्रेनिंग देने का लक्ष्य भी सबसे पहले हमने तय किया। हमारे कृषि रोड मैप को सराहा गया।

विकास की बात करना और विकास करना दो अलग-अलग चीजें हैं। वे (नरेन्द्र मोदी) सिर्फ वायदे करना जानते हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान कितने सब्जबाग दिखाए, लोग उनके झांसे में आ गए। लेकिन अब उन वायदों का जिक्र तक नहीं करते, लेकिन रोज नए वायदे कर रहे हैं। बिहार में चुनाव प्रचार करने आते हैं, वोट मांगने आते हैं और बिहार को ही नीचा दिखाने का प्रयास कर रहे हैं।

हम अपनी युवा पीढ़ी के बेहतर भविष्य के लिए विशेष राज्य का दर्जा मांग रहे हैं। अपने बच्चों के लिए बुनियादी से उच्चतर स्तर तक पढ़ाई के बेहतर अवसर पैदा करने में लगे हुए हैं।

विशेष दर्जा मिलने पर तेजी से उद्योग लगेंगे और युवा पीढ़ी को राजेगार मिलेगा। युवा पीढ़ी और गांवों की बेहतरी के लिए मैंने सात निश्चय किए हैं। वे तो (केन्द्र) रोजगार के अवसर खत्म करने में लगे हुए हैं।

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