चटखारे के साथ वायरल हो रहा है गडकरी की ‘सूसू से सिंचाई’ का शोध

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केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में लोगों के सामने अपने एक हास्यास्पद शोध को  सामने लाया है। उन्होंने अपने शोध में मानव मूत्र से पौधों की सिंचाई को उपयोगी का समझाया गया है। गडकरी का यह अनुभव सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। हर तरफ लोग चटकारे ले रहे हैं।

gadkari-urine-treatmentदिल्ली में गडकरी का सरकारी आवास 2 मोतीलाल नेहरू मार्ग पर है। इसी बंगले में कुछ दिन पहले तक कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी की राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (एनएसी) का परिसर था।

इस संदर्भ में यू-ट्यूब पर एक वीडियो वॉयरल हो गया है, जिसमें गडकरी बता रहे हैं कि अपने सरकारी बंग्ले में लगे पौधों को वे अपने मूत्र से सींचते हैं और इससे पौधों की बढोतरी अन्य पौधों की तुलना में डेढ गुणा ज्यादा हुई है।

इतना ही नहीं गडकरी लोगों को सलाह दे रहे हैं कि वे संतरे की फसल में इसका उपयोग करें।

वीडियो में गडकरी यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि “मैनें छोटे प्लास्टिक के केन में अपना मूत्र एकत्र किया और 50 लिटर का केन जब भर गया तो दिल्ली के बडे बंग्ले, जो पहले सोनिया गांधी का हुआ करता था, वहां पर लगभग एक एकड की भूमि है। गडकरी कह रहे हैं, वहां पर कुछ पौधे और पेड़ हैं।

मैंने माली को बुलाया और निर्देश दिया कि इस पानी से इन्हें सींचो। और मैं आपको बता रहा हूं कि वे पौधे और पेड दूसरे पौधे और पेडों की तुलना में डेढ गुना अधिक वृद्धि हुई है।“

जबकि अपने इस शोध को लोगों के साथ साझा करने से पहले गडकरी ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि यह बताने में कुछ अजीब सा लग रहा है, लेकिन मैं आपको बताऊंगा। इसे गलत मत समझों, मैंने प्रयोग किया है।

उल्लेख किया गया है कि गडकरी अपनी पार्टी भाजपा द्वारा आयोजित एक कार्यशाला में बोल रहे थे,जिसमें सूखे से लडने के उपायों पर विचार विमर्श हो रहा था।

गडकरी ने मौके पर मौजूद लोगों को भी बोल रहे थे कि वे अपने मूत्र को एक केन में एकत्र करें क्योंकि उसमें यूरिया और नाइट्रोजन के कम्पाउंड होते हैं।

उन्होंने कहा कि अगर आप संतरे के पेड को इससे सिंचित करेंगे तो आपको कितना अन्तर दिखाई देगा।

‘पेशाब से सिंचाई’ करने का केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का सुझाव ट्विटर पर ख़ासा चर्चा में है।

बालाजी श्रीनिवासन ने @bajusrinivas हैंडल से ट्वीट किया, ”पौधों की सिंचाई करने के लिए नितिन गडकरी ने जो सुझाव दिया है उसके लिए उनका बहुत शुक्रिया.”

वहीं विनय कुमार दोकानिया ने @vinaydokania हैंडल से ट्वीट किया, ”नितिन गडकरी अपने पेशाब का इस्तेमाल पौधों को पानी देने के लिए करते हैं, ‘पी—सा’ वसूल.”

एक यूज़र लाट साहेब ने ‏@noupdates से लिखा है, “नितिन गडकरी जी परिवहन मंत्रालय क्यों संभाल रहे हैं, सिंचाई मंत्रालय क्यों नहीं.”

वहीं पवन खेरा ‏ट्विटर हैंडल @Pawankhera से लिखते हैं, “प्रधानमंत्री कहते हैं कि शौचालय में पेशाब करें. गडकरी कह रहे हैं कि पौधों में पेशाब करें. देश जानना चाहता है कि पेशाब आख़िर कहां करें.”

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