सोशल नेटवर्किंग साइटें : दवा भी और नशा भी

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Social Networkसोशल नेटवर्किंग साइट लोगों से जुड़ने, अपने विचारों का आदान-प्रदान करने का एक अनोखा मंच। आज युवाओं के बीच इसकी लोकप्रियता अपने चरम पर है। युवाओं के साथ-साथ बच्चे, कॉर्पोरेट जगत के लोग, नामी हस्तियां, कई कंपनियां इसका हिस्सा बन चुकी हैं। अब तो सोशल नेटवर्किंग साइट के बिना वेब जगत की कल्पना ही नहीं की जा सकती।

फेसबुक, ट्विटर, लिंक्ड-इन जैसी सोशल नेटवर्किंग साइट आज काफी लोकप्रिय हैं। अमेरिका के बाद फेसबुक के सबसे ज्यादा यूजर भारत में ही हैं। आज अधिकांश इंटरनेट यूजर सोशल नेटवर्किंग से जुड़े हैं। सोशल नेटवर्किंग उनके जीवन का एक अहम हिस्सा बन गया है या यूं कहा जाए कि वे इसके आदि हो चुके हैं।

सोशल नेटवर्किंग एक ऐसा मंच है जिसके द्वारा हम अपने विचारों का आदान-प्रदान कर सकते हैं। किसी भी राजनैतिक, सामाजिक या अन्य किसी मुद्दे पर चर्चा कर सकते हैं। अपने खास अवसरों को दूर बैठे दोस्तों से फोटो और वीडियो के रूप में शेयर कर सकते हैं। सामाजिक और राजनैतिक गतिविधियों के प्रचार-प्रसार में अब तक सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

जहां एक तरफ सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म नए लोगों से जुड़ने का साधन है वहीं दूसरी तरफ अपने पुराने दोस्तों को ढूंढने का जरिया भी है।

कहते हैं कि हर चीज के दो पहलू होते हैं एक अच्छा और दूसरा बुरा। सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म कई मायनों में उपयोगी है, लेकिन क्या इसके कुछ नकारात्मक पक्ष भी हैं?

आज के युग में सोशल नेटवर्किंग टीनएजर्स के दिलों दिमाग पर छा चुकी है। उनके लिए यह जरूरत अब एक नशा हो गई है। स्कूल-कॉलेज स्टूडेंट्स असाइंमेंट के बहाने इंटरनेट पर आते हैं और अपना अधिकांश समय सोशल नेटवर्किंग में गुजार देते हैं। इससे न सिर्फ पढ़ाई का नुकसान होता है, बल्कि उन्हें इंटरनेट की आदत सी पड़ जाती है।

कई टीनएजर्स अपना अधिकांश समय सोशल नेटवर्किंग साइट पर ही बिताते हैं। पढ़ाई के नाम पर वे देर रात तक इंटरनेट पर रहते हैं जिस कारण उनके स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है।

फेसबुक,ट्विटर जैसे सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म पर यूजर्स को अपनी निजी जानकारी, फोटो इत्यादि शेयर करने में भी सावधानी बरतनी चाहिए।

अगर टीन एजर्स ज्यादा देर तक इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं तो अभिभावकों को इस पर नजर रखनी चाहिए। एक सर्वे के अनुसार जैसे-जैसे इंटरनेट की अप्रोच बढ़ी है, वैसे-वैसे साइबर क्राइम का रेट भी बढ़ा है। इंटरनेट है बहुत उपयोगी, लेकिन टीनएजर्स को इसके इस्तेमाल में बहुत सावधानी रखनी चाहिए ताकि वे इसका सही दिशा में उपयोग कर सकें और इस आकर्षक माध्यम की गरिमा भी बनी रहे। 

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