सीबीआई जब इस ‘झूलन’ को ‘झूलाएगी’ तो होगा सनसनीखेज खुलासा

Share Button
  • ब्रजेश के चचेरे भाई झूलन उर्फ संजय सिंह के पास भी हैं कई राज दफन

  • पटना में आफिस सहित ब्रजेश के सारे कामों को संभालता रहा था झुलन

  • राजनेताओं और ब्यूरोक्रेट्स के साथ भी बना रखे थे काफी मधुर संबंध

  • ब्र्रजेश ठाकुर के दिल्ली और नोएडा कनेक्शन को भी खंगाल रही सीबीआई

पटना (विनायक विजेता)। पटना में म्यूजियम के सामने स्थित एक मकान पर जबरन कब्जा कर उसमें प्रात: कमल का दफ्तर खोल जाने के मामले को पिछले दिनों रहस्योद्घाटित करने के बाद शुक्रवार को सीबीआई ने पटना स्थित उस आवास पर छापेमारी की, जहां प्रात: कमल का दफ्तर था।

हालांकि ब्रजेश ठाकुर की गिरफ्तारी के बाद से ही यहां ताला बंद था और सारे लोग फरार मिले। इस कार्यालय रुपी ऐशगाह का ताला तोड़कर वहां जांच करने पहुची सीबीआई की टीम को कंडोम से भरे कार्टन और शक्तिवर्धक दवाएं तो मिली ही, एक काफी महत्वपूर्ण दस्तावेज और कुछ तस्वीरें भी मिली।

सीबीआई को यहां छानबीन में पता चला कि इस मामले में फरार मधु से भी ज्यादा ब्रजेश ठाकुर के कर्मो का राजदार उसका चचेरा भाई संजय सिंह उर्फ झूलन है। झूलन ही ब्रजेश ठाकुर के सारे कार्यों का पटना प्रभारी था।

झूलन ब्रजेश के अखबार सहित पटना में विज्ञापन सहित ब्रजेश के अन्य कर्मो व कुकर्मो का भागीदार तो था ही कार्यालय में बने ऐशगाह में रात के अंधेरे में आने वाले कथित मेहमानों के आवभगत की सारी व्यवस्था झूलन ही करता था।

इस कार्यालय से कंडोम के कार्टन और शक्तिवर्धक दवाओं की बरामदगी ने सीबीआई के भी कान खड़े कर दिए। अब सीबीआई इस बिन्दू पर भी छानबीन में जूट गई है कि कहीं बालिका अल्पावास गृह की बालिकाओं को यहां भी तो नहीं लाया जाता था!

इस बात का खुलासा तब ही होगा जब संजय सिंह उर्फ झूलन सीबीआई के हत्थे चढ़े। ब्रजेश ठाकुर की गिरफ्तारी के बाद से ही झूलन इस कार्यालय में ताला लगाकर फरार हो गया है।

सीबीआई के अंदरुनी सूत्रों की मानें तो ब्रजेश की तरह झूलन ने भी कई राजनेताओं और अधिकारियों से मधुर संबंध बना रखे थे। इन अधिकारियों और राजनेताओं के साथ खिंचवायी अपनी तस्वीरें उसने पटना स्थित कार्यालय में भी टांग रखे थे, ताकि यहां आने-जाने वाले लोग इन तस्वीरो को देखकर प्रभावित हो सके।

सीबीआई को ब्रजेश ठाकुर के पास से जेल में मिले टेलीफोन नंबरों की पर्ची में भी झूलन का नंबर मिला है, पर उस मोबाइल का स्वीच बंद आ रहा है। इसी पर्ची के कुछ नंबरों से सीबीआई को ब्रजेश का दिल्ली, गुड़गांव व नोएडा कनेक्शन की भी जानकारी मिली है।

साथ ही ब्रजेश के मुजफ्फरपुर में रहने वाले कुछ जीवंत मित्रों की भी जानकारी मिली है, जो ब्रजेश से जाकर जेल में भी मिले हैं। पूर्व में ब्रजेश को आने वाले ज्यादातर कॉल वाट्सऐप नंबरों से किए जाते थे, जिसका कॉल डिटेल वाट्सऐप की मदर संस्था फेसबुक आर्गेनाइजेशन की मदद से निकाले जाने की कोशिश की जा रही है।

विश्वस्त सूत्रों के अनुसार सीबीआई ने गृह और विदेश मंत्रालय के माध्यम से अमरिकी सरकार और फेसबुक के ऑनर मार्क जुगरबर्क से इस संदर्भ में मदद भी मांगी है।

Share Button

Relate Newss:

बूथ कैप्चर की तस्वीरें ले रहे टाइम्स नाउ के रिपोर्टर को जदयू वालों ने पीटा, EC ने DM-SP को दिए FIR क...
उस महिला का गर्भपात की पुष्टि, कोडरमा घाटी में जिस अज्ञात महिला का मिला था शव
शर्मनाकः बाड़मेड़ पुलिस ने ‘दुर्ग’ के परिजनों से यूं ऐंठे 80 हजार रुपये
मैं सरकारी कर्मचारी नहीं, प्रेस परिषद का अध्यक्ष हूं :जस्टिस काटजू
मीडिया मालिकों के कालाधन पर क्यों नहीं पड़ा छापा : आलोक मेहता  
सुदेश महतोः पांच साल में पांच गुना कमाया
नालंदा में अपराधी बेलगाम, हरनौत में गोली मार कर हत्या
भला-चंगा आदमी अस्पताल में भर्ती होकर खबर छपवा लिया !
गुमला की मीडिया में सड़ांध पैदा कर रखा है ईटीवी का रिपोर्टर!
200 सीटें जीतने का दावे के साथ बेफिक्र है महागठबंधन
अफसरों को हड़काने की जगह यूं आत्ममंथन करें सीएम
बिहार में पार्टी की बुरी हार का एक बड़ा कारण :भाजपा सांसद
सुदेश महतो ने कैसे हासिल की NOU से एमए की डिग्री ?
रघुबर जी, शराबबंदी को लेकर अपनी बाट न लगाईए
स्मृति ईरानी की शिक्षा लीक करने वाले 5 डीयूकर्मी निलंबित

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Loading...
loading...