बिटिया बर्ष के नाम पर धोखाधड़ी

Share Button

मैट्रिक का रिजल्ट जारी कर शिक्षा मंत्री बैधनाथ राम और विधासभा अध्यक्ष सी पी सिंह ने बड़ी ख़ुशी जारी की और टॉप 15 में 11 लड़कियों के नाम आने से जैक परिसर के मंच से सरकार की खूब वहवाही की… कहा की सरकार के बिटिया वर्ष मानाने का ही परिणाम है की लड़कियों ने उत्कृष्ट परिणाम हाशिल की है।

मामला यहीं नहीं थमा। प्रदेश के मुखिया अस्पताल से ही प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बिटिया वर्ष में बिटिया के बेहतर परिणाम पर ख़ुशी जाहिर करते हैं लेकिन, कुछ ही देर बाद मीडिया में अचानक से टॉपरों की सूचि में गड़बड़ी की बात सामने आती है।

शिक्षा मंत्री अपना पल्ला झाड़ सबकुछ जैक पर थोप देते हैं… देर रात जैक अपने वेबसाइट पर नई सूची जारी करती है। जिसमे पता चलता है की जिसे स्टेट टॉपर बताया गया था वह छठे पायदान पर है और जो सरकार बिटिया वर्ष को लेकर उच्चल रही थी उसे पता चलता है की टॉप 10 में सिर्फ एक ही लड़की है।

अब पहला सवाल यह उठता है की आखिर ऐसी गड़बड़ियाँ कैसे हुई की मुख्यमंत्री तक चकमा खा गए ? दूसरा सवाल की सरकार आखिर लड़कियों के खुद से अच्छे करने पर ही बिटिया वर्ष का दुहाई देकर वाह वाई क्यूँ लूटना चाहती है। जब एक महिला के सात पांच पांच लोग मिलकर उसकी अस्मत लुट लेते हैं तो उस वक़्त सरकार का बिटिया वर्ष का गुणगान कहाँ चला जाता है ? ….सन्नी शरद

Share Button

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Loading...