सीएम के सामने भास्कर की चमचागिरी तो देखिए!  

Share Button
Read Time:4 Minute, 22 Second

राजनामा.कॉम (मुकेश भारतीय)। रांची के अखबारों के रिपोर्टर-एडीटरों के गैंग पाठकों को निरा मूर्ख समझते हैं। दैनिक भास्कर की इस खबर को पढ़ने के बाद ऐसा ही प्रतीत होता है।

bhaskar_raghubar_news28 मई 2015 के अंक में पेज-2 पर “ रघुवर की फेसबुक व टि्वटर पर दस्तक”   शीर्षक  एवं  “ जनता से संवाद करने के लिए सीएम ने सोशल साइट पर बनाया एकाउंट ”  उप शीर्षक से प्रकाशित खबर में उल्लेख है कि “रघुवर दास के नाम से फेसबुक पर एकाउंट 18 मई को खोला गया है। मात्र 3 दिनों में 2 हजार दोस्त बन चुके हैं।  जबकि फेसबुक पर अधिकारक पेज को 4,450 लाइक मिल चुका है। फेसबुक पर हर घंटे दर्जनों फ्रेंड रिक्वेस्ट भी मुख्यमंत्री को मिल रहे हैं। लोगों से मिल रहे बेहतर रिस्पांस को देखते हुए मुख्यमंत्री ने टि्वटर पर भी आने का फैसला किया। उनका टि्वटर हैंडल @CMRAGHUBARDAS नाम से बनाया गया है।

इस खबर की शुरुआत कुछ इस तरह से की गई है कि मानो सीएम रघुबर दास सोशल साइट की उपयोगिता से अब तक अनभिज्ञ रहे हों।

खबर की इंट्रो है कि “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से प्रेरणा लेते हुय़े झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास ने भी सबसे लोकप्रिय सोशल साइट फेसबुक और टि्वटर पर दस्तक दी है। इनके फेसबुक के कवर पेज पर सबका साथ सबका विकास का नारा और पीएम की तस्वीर लगी हुई है। फेसबुक एकाउंट के आलावे मुख्यमंत्री का इस पर अधिकारिक पेज भी बनाया गया है। जिसमें स्कूल चलो चलाये अभियान का स्लोगन के साथ तस्वीर लगी है।

इस खबर की सबसे रोचक पहलु यह है कि इसमें सीएम रघुबर दास के विचार-बात भी टैग किया गया है।

रघुबर दास ने कहा है कि “ सोशल मीडिया की ताकत से सभी लोग परिचित हैं। इसके माध्यम से लोगों का सीधा संवाद हो रहा। जनता मुझ तक इसके माध्यम से अपनी बात पहुंचा सकती है।

अब सबाल उठता है कि क्या वाकई रघुबर दास सोशल साइट की महिमा से अब तक अनभिज्ञ रहे हैं तो इसका सीधा जबाब है नहीं।RAGHUBAR DAS_election

raghubar_truthरघुबर दास ने सोशल साइट पर लंबे अरसे से सक्रिय रहे हैं। इसकी पुष्टि पिछले विधानसभा चुनाव में नामांकण पत्र के साथ दाखिल उनके शपथ पत्र से स्पष्ट होती है। तब दास ने चुनाव आयोग के निर्देश पर जानकारी दी थी कि उनका ईमेल आइडीः raghubardas1101@gmail.com है तथा वे फेसबुक पर raghubardas1101@facebook.com   नामक एकाउंट से सक्रीय हैं।

raghubar_facebookइसके आलावे फेसबुक पर सर्च करने से साफ होता है कि उनके नाम से पहले से ही कई सक्रीय एकाउंट हैं।  बीते विधान सभा चुनाव में उसका जम कर उपयोग भी हुआ है।

इन फेसबुक एकाउंटों को देख कर ऐसा नहीं लगता है कि रघुबर दास जी को परोक्ष या अपरोक्ष रुप से उसकी जानकारी नहीं रही है। उनके पुत्र ललित दास, जो आइटी के अच्छे-खासे जानकार हैं और फिलहाल टाटा स्टील, जमशेदपुर में असिस्टेंड एच.आर. मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं, वे भी उनके फ्रेंड लिस्ट में सक्रीय दिखते रहे हैं।

जाहिर है कि दैनिक भास्कर की नीति प्रकाशन काल से सत्ताशीर्ष पद पर बैठे सुरमाओं की थुकचटई की रही है। चाहे उसकी जितनी भी जगहंसाई क्यों न हो जाए। .…..मुकेश भारतीय

0 0
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleppy
Sleppy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Share Button

Relate Newss:

महागठबंधन के हाथों मिली करारी हार के बाद ब्रिटेन में लगे पोस्टर 'मोदी नॉट वेलकम '
बड़कागांव में रैयत-पुलिस भिड़ंत में 3 की मौत, दर्जनों घायलः परंपरागत हथियार ले सड़क पर उतरे लोग
सावधान! फर्जी है 'आपका सीएम.कॉम'
चीन की नजर में सद्दाम हुसैन हैं दलाई लामा !
दैनिक जागरणः संपादक ने कहा तलवा चाटनेवाला तो रिपोर्टर ने कहा सबूत दिखाइए !
कोर्ट के आदेश से नीलाम होगी पी7 न्यूज चैनल !
भूमि अधिग्रहण अध्याधदेश का विरोध का कारण
मोदी और शरीफ के बीच काठमांडू में हुई थी गुप्त बैठक
सर्जिकल अटैक : देशहित में कई सवाल
हरिबंश को मिली चाटुकारिता का ईनाम
एसएसपी ने बाहूबली को दी अखबार पर केस करने की सलाह !
अखबार, पत्रकार व बिल्डरों के 19 ठिकानों पर आयकर का छापा
एण्ड्रॉयड/स्मार्ट फोन या ‘बेगिंग बाउल’ 
.....और यह है बिहार में नीतीश सरकार नया शराब बंदी कानून
राजू अचानक क्यों बन गया जेंटिल मैन?
बिहार का 'डीएनए' ही ऐसा है कि विश्व नेता को जिला नेता भी न रहने दिया
राम जाने औरत रहे या जाए....
प्रेस काउंसिल की जगह हो मीडिया काउंसिल
हमारे पत्रकार संगठन का हर विवाद अंदरुनी मामलाः IFWJ अध्यक्ष
सेलरी नहीं मिलने से क्षुब्ध ड्राइवर ने  'इंडिया न्यूज' चैनल के मालिक को 'ठोंक' दिया !
फेसबुक पर धमकी को लेकर थाने मेंशिकायत दर्ज
मीडिया के विरुद्ध पब्लिक ट्रायल की जरुरतः केजरीवाल
भारतीय होने पर नाज, नहीं चाहिए किसी से देशभक्ति का सर्टिफिकेट :आमिर खान
अश्लील चुटकुलों से अजीज, अब शुगली-जुगली के नाम से जाने जाएंगे संता बंता
आजादी के हनन  को लेकर  नॉर्थ ईस्‍ट इंडिया के 6 प्रमुख अखबारों  के एडिटोरियल स्‍पेस ब्लैंक्स

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Loading...