सीएम ने किया कुड़ू बीडीओ को सस्पेंड, 8वर्षीया एसटी बच्ची के उत्पीड़न का है आरोप

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रांची। झारखंड के सीएम रघुवर दास ने एक नावालिग आदिवासी बच्ची का शोषम और उत्पीड़न के आरोपी लोहदगा जिले के कुड़ु बीडीओ रजनीश कुमार सिहं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। रजनीश पहले ओरमांझी प्रखंड में बीडीओ पद पर पिछले 4 वर्षों से जमे थे और हाल ही में उनका तबादला कुड़ू प्रखंड बीडीओ पद पर हुआ था। 

 उल्लेखनीय है कि बीआईटी मेसरा ओपी थानान्तर्गत गौतम ग्रीन सिटी से 20 सितंबर को बीडीओ रजनीश कुमार सिंह के आवास से पुलिस ने एक आठ साल की बच्ची बरामद की थी।

उस बच्ची का 164 के तहत बयान दर्ज कराने के साथ ही 27 सितंबर को मेडिकल टेस्ट भी हो चुका है। इसके साथ ही बीडीओ ने श्रम विभाग में एक्ट के अनुसार 20 हजार रुपए जुर्माने की राशि भी जमा करा दी है।

bdo-rajnishइस मामले में 21 सितंबर को मेसरा ओपी में बीडीओ के खिलाफ एफआईआर ( धारा 341, 342, 323, 325, 370, 34, जेजे एक्ट 75/79, चाइल्ड लेबर एक्ट और एसटी- एससी एक्ट) दर्ज हुई थी। बीडीओ के घर से सीडब्ल्यूसी के निर्देश पर सहायक श्रमायुक्त लक्ष्मी कुमारी, चाइल्ड लाइन के सुजीत गोस्वामी और मेसरा ओपी पुलिस प्रभारी पप्पु शर्मा ने बच्ची को मुक्त कराया था।

उल्लेखनीय है कि बीडीओ के घर से मुक्त कराई गई बच्ची को 20 सितंबर से ही प्रेमाश्रय में रखा गया है। बच्ची से उसके माता -पिता 15 दिनों के अंदर ही दो बार मिल चुके है, जबकि प्रावधान है कि 15 दिन में एक ही बार बच्ची से माता- पिता मिल सकते हैं।

पीड़ित आदिवासी बच्ची ने पहले दिन जो बयान सीडब्ल्यूसी मेंबर्स के समक्ष दिया था, वहीं बयान उसने 164 के तहत भी दिया है। उसका बयान 26 सितंबर को न्यायिक दंडाधिकारी लक्ष्मीकांत के कोर्ट में दर्ज हुआ। बयान दर्ज होने के बाद बच्ची को पुन: पांच अक्टूबर को कोर्ट में बुलाया गया। लेकिन तब भी बच्ची उसी बयान पर कायम रही।

बच्ची ने बयान दिया है कि बीडीओ की पत्नी मोनालिसा उसे कलछुल से बुरी तरह से मारती-पीटती थी। रोज सुबह छह से रात 10.00 बजे तक घरेलू काम कराया जाता था। आठ साल की नाबालिग बच्ची बीडीओ के घर में सितंबर 2015 से ही नौकरानी का काम कर रही थी।

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